Last Updated on June 17, 2026 5:43 pm by BIZNAMA NEWS
हमारे व्यापार प्रतिनिधि द्वारा
संस्थागत निवेशकों की भारी लिवाली और वैश्विक स्तर पर मजबूत रुख के कारण घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी का दौर जारी रहा। सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) के बैंकों, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (टिकाऊ उपभोक्ता सामान) शेयरों में आक्रामक खरीदारी के दम पर निफ्टी 50 इंडेक्स 24,050 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर उसके ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।
हालांकि, दलाल स्ट्रीट पर आज का कारोबार मजबूत घरेलू लिक्विडिटी (नकदी प्रवाह) और बढ़ते समष्टि आर्थिक (macroeconomic) दबाव के बीच रस्साकशी जैसा नजर आया। दक्षिण-पश्चिम मानसून की धीमी प्रगति को लेकर बढ़ती चिंताओं ने बाजार की इस रफ्तार पर कुछ हद तक ब्रेक लगाने का काम किया। मानसून में देरी से खाद्य मुद्रास्फीति (फूड इन्फ्लेशन) बढ़ने और ग्रामीण खपत पर असर पड़ने की आशंकाओं ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है।
बाजार में तेजी बरकरार; फ्रंटलाइन और ब्रॉडर इंडेक्स में दिखा अंतर
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 347.14 अंक या 0.45% की बढ़त के साथ 77,155.62 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 96.55 अंक या 0.40% चढ़कर 24,085.70 के नए शिखर पर पहुंच गया। पिछले चार सत्रों की इस लगातार तेजी ने बाजार में बुल्स (तेजी के कारोबारियों) को पूरी तरह हावी रखा है, जिसके चलते इन चार दिनों में सेंसेक्स में 4.50% और निफ्टी में 3.99% का संयुक्त उछाल दर्ज किया गया है।
मार्केट पल्स (बुधवार का बंद भाव)
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इंडेक्स बंद स्तर बदलाव (अंक) बदलाव (%)
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बीएसई सेंसेक्स 77,155.62 +347.14 +0.45%
निफ्टी 50 24,085.70 +96.55 +0.40%
बीएसई मिडकैप (मिडकैप 150) - +0.73%
बीएसई स्मॉलकैप (स्मॉलकैप 250) - +0.58%
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बाजार का कुल सेंटिमेंट पूरी तरह सकारात्मक रहा, जो चौतरफा खरीदारी से साफ झलकता है। बीएसई (BSE) पर कुल 2,404 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,876 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 171 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। उल्लेखनीय रूप से, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों वाले ब्रॉडर मार्केट ने बड़े इंडेक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स में 0.73% और बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.58% की मजबूती देखी गई।
दिग्गज शेयरों में ट्रेंट (7.25% ऊपर), भारती एयरटेल (1.14% ऊपर) और इंफोसिस (1.08% ऊपर) ने निफ्टी को ऊपर ले जाने में मुख्य भूमिका निभाई। दूसरी ओर, ऑटोमोबाइल और रियल्टी (रीयल एस्टेट) सेक्टर में मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) के चलते गिरावट दर्ज की गई।
मानसून का संकट: देश में अब तक 35% कम बारिश
दलाल स्ट्रीट पर जारी इस उत्साह के बीच, अर्थशास्त्रियों और बाजार विश्लेषकों ने मानसून की सुस्त रफ्तार को लेकर चिंता जताई है। केरल में समय पर दस्तक देने के बाद देश की आर्थिक जीवनरेखा माना जाने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल ठहर गया है, जिससे 16 जून तक देश में कुल मिलाकर 35% बारिश की कमी दर्ज की गई है।
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी चिंताजनक है:
- मध्य भारत: मुख्य खरीफ बुवाई वाले इस क्षेत्र में बारिश की कमी 63% तक पहुंच गई है।
- पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र: यहां सामान्य से 43% कम बारिश हुई है।
- मुंबई/पश्चिमी तट: मानसून अपनी तय तारीख से एक हफ्ते से अधिक की देरी से चल रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण यह सुस्ती अगले पांच से छह दिनों तक बनी रह सकती है। इसके अलावा, अल नीनो (El Niño) के उभरते प्रभाव ने भी चिंता बढ़ा दी है, जिसे आमतौर पर कमजोर मानसून से जोड़कर देखा जाता है।
कृषि संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने देश के 150 से 200 संवेदनशील जिलों को कड़ी निगरानी में रखा है। राज्यों को आकस्मिक फसल योजनाएं (क्रॉप कंटिंगेंसी प्लान) तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, नई दिल्ली ने बाजार को आश्वस्त किया है कि वर्तमान में बीज, उर्वरक और जलाशयों में पानी का स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन कमजोर मानसून से खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की टाइमलाइन आगे खिसकने का डर बना हुआ है।
वैश्विक भू-राजनीति: G7 शिखर सम्मेलन और केंद्रीय बैंकों पर नजर
वैश्विक मोर्चे पर, फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन और दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर निवेशकों की नजरें टिकी रहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “नई साझेदारियां बनाना और अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करना” विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र को संबोधित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यापार और तकनीक का इस्तेमाल संकीर्ण हितों के लिए किया जा रहा है, जिससे वैश्विक मामलों में “विश्वास का संकट” बढ़ रहा है। बाजार के नीतिनिर्माता पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच होने वाली संभावित द्विपक्षीय बैठक पर भी करीबी नजर रखे हुए हैं।
इसी बीच, वाशिंगटन में होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ‘फेडरल ओपन मार्केट कमेटी’ (FOMC) की बैठक से पहले वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। नए फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में यह पहली नीतिगत समीक्षा बैठक है। इस बीच, वॉल स्ट्रीट पर डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.64% बढ़कर 51,999.67 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ, जबकि टेक शेयरों में बिकवाली के कारण एसएंडपी 500 में 0.57% और नैस्डैक कंपोजिट में 1.15% की गिरावट आई।
यूरोप में, मई में यूके (UK) की महंगाई दर 2.8% पर स्थिर रहने के बावजूद यूरोपीय बाजारों में तेजी रही। बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा इस सप्ताह अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.75% पर यथावत रखने की संभावना जताई जा रही है। उधर एशिया में, जापान से आए मजबूत आंकड़ों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया, जहां सेमीकंडक्टर और ऑटोमोबाइल की मजबूत वैश्विक मांग के चलते मई में निर्यात 17% की दर से बढ़ा।
मैक्रो इंडिकेटर्स और फिक्स्ड इनकम मार्केट
बॉन्ड और मुद्रा बाजार (फॉरेक्स) में स्थिरता का रुख देखा गया:
- बॉन्ड यील्ड: भारत का 10-वर्षीय बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड यील्ड मामूली रूप से 0.06% घटकर 6.862 पर आ गया, जो पिछले सत्र में 6.866 पर बंद हुआ था।
- रुपया और डॉलर: आंशिक रूप से परिवर्तनीय भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और पिछले बंद भाव 95.6000 की तुलना में सुधरकर 94.5300 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। उधर, डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.05% बढ़कर 99.61 पर पहुंच गया।
- कमोडिटी: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला सोना 0.29% गिरकर 152,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। कच्चे तेल के बाजार में ब्रेंट क्रूड जुलाई डिलीवरी के लिए 15 सेंट की मामूली बढ़त के साथ 79.11 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
कॉरपोरेट जगत की हलचल और सुर्खियों वाले शेयर
आईटी सेक्टर में जेन-एआई (Gen-AI) पर बड़ा दांव
- इंफोसिस (1.08% ऊपर): आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ने प्रोसेस इंडस्ट्रीज की वैश्विक लीडर ‘वाल्मेट’ (Valmet) के साथ एक दीर्घकालिक रणनीतिक समझौते की घोषणा की है। इसके तहत इंफोसिस अपने एआई-संचालित ‘इंफोसिस टोपाज फैब्रिक’ (Infosys Topaz Fabric) का उपयोग कर वाल्मेट के आईटी ऑपरेशन्स को आधुनिक और स्मार्ट बनाएगी।
- विप्रो (0.89% ऊपर): कंपनी ने एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड’ (Claude) मॉडल्स पर आधारित अपने एप्लाइड एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) को लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य बड़े उद्योगों के मुख्य बिज़नेस वर्कफ़्लो में एआई क्षमताओं को जोड़ना है।
विनियामक (Regulatory) और रणनीतिक मोर्चे पर जीत
- डिक्सन टेक्नोलॉजीज (4.94% ऊपर): इस इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के शेयरों में भारी खरीदारी देखी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार चीनी स्मार्टफोन निर्माता वीवो (Vivo) के साथ कंपनी के प्रस्तावित संयुक्त उद्यम (Joint Venture) को जल्द ही मंजूरी दे सकती है, जिससे वीवो के नोएडा स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को इस जेवी के तहत लाया जा सकेगा।
- प्राइम फोकस (5.00% ऊपर): पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) द्वारा कंपनी, उसके प्रमोटरों और निदेशकों के खिलाफ चल रही जांच की कार्यवाही को बंद करने के बाद इस शेयर में 5% का अपर सर्किट लगा। सेबी ने पाया कि वित्तीय विवरणों में मुनाफा बढ़ाकर दिखाने के आरोप स्थापित नहीं हो सके।
रीयल एस्टेट और डिफेंस सेक्टर को मिले नए ऑर्डर
- पूर्वांकरा (0.82% ऊपर): इस रीयल एस्टेट डेवलपर ने उत्तरी बेंगलुरु के एयरपोर्ट कॉरिडोर में 9.73 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। इस परियोजना की कुल ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) लगभग 800 करोड़ रुपये आंकी गई है।
- कृष्णा डिफेंस एंड अलाइड इंडस्ट्रीज (8.34% ऊपर): कंपनी को रक्षा मंत्रालय (MoD) से एक जहाजों के निर्माण प्रोजेक्ट के लिए विशेष स्टील उत्पादों की आपूर्ति का 45.64 करोड़ रुपये का नया ऑर्डर मिला है, जिसे आठ महीनों के भीतर पूरा किया जाना है।
पूंजी जुटाने की योजना और एसएमई (SME) की उड़ान
- टाटा कैपिटल (0.55% नीचे): कंपनी के निदेशक मंडल द्वारा प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए 36,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद शेयर में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
- मेटा इन्फोटेक (5.00% ऊपर): कंपनी को भारत के एक प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज और एक निजी क्षेत्र के बैंक से सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन सेवाओं के लिए 2.20 करोड़ रुपये के रिन्यूअल ऑर्डर मिलने की घोषणा के बाद इसके शेयरों में 5% का अपर सर्किट लगा।

