Last Updated on January 24, 2026 11:39 pm by BIZNAMA NEWS

AMN / UN NEWS

वैश्विक महामारी कोविड-19 की वजह से पर्यटन की गति पर मानो ब्रेक लग गए थे, लेकिन उसके बाद दुनिया फिर से सैर-सपाटे की राह पर लौटी है और यह रुझान निरन्तर जारी है. संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन (UNWTO) के अनुसार, पिछले वर्ष वैश्विक स्तर पर लगभग 1.52 अरब अन्तरराष्ट्रीय पर्यटक अपनी यात्राओं पर निकले, जो 2024 की तुलना में लगभग 6 करोड़ अधिक हैं.

वर्ष 2025 में, किसी स्थान पर कम से कम एक रात के लिए रुकने वाले अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों की सँख्या में 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.

यूएन पर्यटन संगठन के एक नए विश्लेषण के अनुसार, ये आँकड़े कोविड महामारी से पहले के रुझानों की ओर लौटने के संकेत देते हैं, जब 2009 से 2019 के दौरान पर्यटकों की संख्या में प्रति वर्ष औसतन 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी.

संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन की महासचिव शेखा अलनुवैस ने बताया कि, “2025 में भूराजनैतिक तनावों से उपजी अस्थिरता और पर्यटन सेवाओं में महँगाई के बावजूद, यात्रा की ऊँची माँग बनी रही.”

“हम उम्मीद करते हैं कि यह सकारात्मक प्रवृत्ति 2026 में भी जारी रहेगी, जिसमें वैश्विक अर्थव्यवस्था के स्थिर बने रहने का अनुमान है, और महामारी के कारण पिछड़ जाने वाले क्षेत्र अब पूरी तरह से उबर रहे हैं.”

विशेषज्ञों के अनुसार, यात्राओं के लिए हवाई सम्पर्क में बेहतरी व वृद्धि, और वीज़ा प्रक्रियाओं में सुधार ने 2025 में अन्तरराष्ट्रीय यात्रा को मज़बूती दी. इसके साथ ही, यात्रा की माँग, पर्यटन की दृष्टि से प्रमुख बाज़ारों के शानदार प्रदर्शन और एशिया–प्रशान्त क्षेत्र में स्थिति में सुधार से इसमें मदद मिली है.

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© Unsplash/Joan Oger फ़्राँस में ऐल्प्स पर्वतीय क्षेत्र में कुछ पर्यटक स्कीइंग कर रहे हैं.(फ़ाइल)

क्षेत्रवार परिणाम

वैश्विक पर्यटन बैरोमीटर के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़ा पर्यटन क्षेत्र योरोप में, 2025 में 79.3 करोड़ अन्तरराष्ट्रीय पर्यटक आए, जो 2024 की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक हैं.

जबकि, अमेरिका क्षेत्र में 21.8 करोड़ पर्यटकों की सँख्या दर्ज की गई, जोकि 1 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी है. उधर, अफ़्रीका में पिछले साल अन्तरराष्ट्रीय आगमन में 8 प्रतिशत की बढ़त रही और 8.1 करोड़ वैश्विक पर्यटक आए.

एशिया और प्रशान्त क्षेत्र में 33.1 करोड़ पर्यटक आए, जो 2024 की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है, लेकिन 2019 के स्तर से अभी भी 9 प्रतिशत नीचे हैं. यह क्षेत्र, अब भी उबर रहा है. पूर्वोत्तर एशिया में 13 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि दक्षिण एशिया ने महामारी से पहले के स्तर को फिर से प्राप्त किया है.

उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, अनेक देशों में अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों की सँख्या में दो अंकों की वृद्धि हुई, जिनमें ब्राज़ील, मिस्र, मोरक्को और सेशेल्स शामिल हैं. इनके अलावा, भूटान ,आइसलैंड, गयाना, दक्षिण अफ़्रीका और जापान में भी पर्यटकों की संख्या में उछाल आया है.

भावी चुनौतियाँ व उम्मीदें

विशेषज्ञों ने अनुमान जताया है कि 2026 में, पिछले वर्ष की तुलना में अन्तरराष्ट्रीय पर्यटन में 3 से 4 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है, लेकिन यह उस स्थिति में होगा जब एशिया और प्रशान्त क्षेत्र में हालात में बेहतरी जारी रहे, वैश्विक आर्थिक हालात अनुकूल बने रहे, और भूराजनैतिक तनाव न बढ़ें.

फ़िलहाल, मौजूदा भूराजनैतिक अस्थिरता और हिंसक टकरावों की वजह से, पर्यटन के लिए जोखिमों के रूप में उपजे हैं.

यूएन पर्यटन के अनुसार, 2026 में पर्यटन का रुझान, पिछले कुछ वर्षों की तेज़ी के बाद सामान्य वृद्धि दर की ओर लौटने का संकेत देता है. वर्ष 2023 में अन्तरराष्ट्रीय आगन्तुकों में 34 प्रतिशत की बढ़त हुई थी, 2024 में यह 11 प्रतिशत और 2025 में 4 प्रतिशत रही.

विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक परिस्थितियाँ, यात्रा के महँगे ख़र्च और भूराजनैतिक जोखिम, 2026 में अन्तरराष्ट्रीय पर्यटन की मुख्य चुनौतियाँ होंगी.

विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 में अन्तरराष्ट्रीय पर्यटन को मज़बूत उपभोक्ता माँग, बढ़ती हवाई कनैक्टिविटी और उभरते बाज़ारों से से गति मिलेगी.इसके अलावा, मिलानो–कोर्टिना में 2026 शीतकालीन ओलम्पिक्स और फीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 जैसी बड़े अन्तरराष्ट्रीय आयोजन भी पर्यटन को बढ़ावा देंगे.

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