Last Updated on January 14, 2026 11:27 pm by BIZNAMA NEWS

BIZ DESK
भारतीय शेयर बाज़ार के प्रमुख सूचकांक बुधवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद लाल निशान पर बंद हुए। सूचना प्रौद्योगिकी और रियल एस्टेट शेयरों में बिकवाली ने धातु और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हुई बढ़त को पीछे छोड़ दिया। निवेशकों की धारणा भू-राजनीतिक तनाव और प्रस्तावित अमेरिका–भारत व्यापार समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण सतर्क रही, जिससे बाज़ार में कोई ठोस तेजी नहीं आ सकी।
बीएसई सेंसेक्स 244.98 अंक यानी 0.29 प्रतिशत गिरकर 83,382.71 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सूचकांक 442.49 अंक (0.52 प्रतिशत) तक फिसलकर 83,185.20 के निचले स्तर पर पहुंचा, जो दिनभर की अस्थिरता को दर्शाता है।
इसी तरह, एनएसई निफ्टी50 भी 66.70 अंक यानी 0.26 प्रतिशत टूटकर 25,665.60 पर आकर थमा।
बाज़ार सहभागियों ने यह भी ध्यान रखा कि महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के चलते गुरुवार, 15 जनवरी को बीएसई और एनएसई दोनों बंद रहेंगे। इस कारण बुधवार को कारोबार की मात्रा अपेक्षाकृत कम रही।
सेक्टर-वाइज बाजार का प्रदर्शन
सबसे ज्यादा गिरने वाले सेक्टर
आईटी सेक्टर
- निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.08 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई
- वैश्विक संकेतों में कमजोरी और विदेशी बाजारों से जुड़े जोखिमों के कारण आईटी शेयर दबाव में रहे
रियल्टी सेक्टर
- निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.92 फीसदी टूटा
- ब्याज दरों और मुनाफावसूली की आशंका से रियल एस्टेट शेयरों में बिकवाली देखने को मिली
सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर
मेटल सेक्टर
- निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2.70 फीसदी की तेज़ी
- स्टील और धातु कंपनियों में मजबूत खरीदारी देखी गई
पीएसयू बैंक
- निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.13 फीसदी चढ़ा
- सरकारी बैंकों के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा
प्रमुख शेयरों का हाल
तेज़ी वाले शेयर
- टाटा स्टील
- एनटीपीसी
- एक्सिस बैंक
इन शेयरों ने बीएसई और एनएसई—दोनों पर सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की।
गिरावट वाले शेयर
- एशियन पेंट्स
- टीसीएस
- मारुति सुजुकी (बीएसई)
- टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (एनएसई)
ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर
मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती बनी रही।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.67 फीसदी चढ़ा
- निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.29 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ
आगे का बाजार रुख
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की चाल वैश्विक घटनाक्रम, व्यापार समझौतों पर प्रगति और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्कता के साथ चुनिंदा शेयरों में ही निवेश की सलाह दी जा रही है।





