Last Updated on January 22, 2026 7:33 pm by BIZNAMA NEWS

BIZ DESK
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में मजबूती देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकियों से पीछे हटने के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसके अलावा, भारत–अमेरिका व्यापार समझौते की संभावनाओं ने भी बाजार की धारणा को सहारा दिया।
बीएसई सेंसेक्स 397.74 अंक या 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,307.37 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 132.40 अंक या 0.53 प्रतिशत चढ़कर 25,289.90 पर बंद हुआ। निफ्टी दिन के कारोबार में 25,300 के करीब पहुंच गया। व्यापक बाजारों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जहां मिडकैप सूचकांक करीब 1.3 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक लगभग 0.8 प्रतिशत चढ़ा। 16 में से 15 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए।
कारोबार की शुरुआत मजबूत रही। निफ्टी 25,435 के उच्च स्तर तक पहुंचा, लेकिन सत्र के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली और सतर्क रुख के चलते बढ़त सीमित हो गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और मिले-जुले तिमाही नतीजों ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि ट्रंप के टैरिफ और ग्रीनलैंड से जुड़े बयानों से बाजार को राहत मिली है, हालांकि रुपये की कमजोरी और विदेशी पूंजी निकासी चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि निवेशक अब घरेलू मांग और आगामी तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।
तकनीकी मोर्चे पर, एलकेपी सिक्योरिटीज के रुपक डे ने कहा कि निफ्टी को 25,480–25,500 के स्तर पर कड़ा प्रतिरोध मिल सकता है, जबकि 25,125 के आसपास मजबूत समर्थन दिख रहा है। इंडिया VIX के ऊंचे स्तर पर बने रहने से निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
हालांकि गुरुवार की तेजी के बावजूद, जनवरी में अब तक प्रमुख सूचकांक करीब 3.3 प्रतिशत नीचे हैं।
सेक्टरवार प्रदर्शन
टेक्सटाइल और निर्यात क्षेत्र:
ट्राइडेंट, वर्धमान टेक्सटाइल्स और गोकलदास एक्सपोर्ट्स जैसे शेयरों में जोरदार तेजी रही। अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ संभावित व्यापार समझौतों की उम्मीद से झींगा निर्यातक एपेक्स फ्रोजन फूड्स, कोस्टल कॉर्पोरेशन और अवंती फीड्स के शेयर भी चढ़े।
फार्मा:
डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज के शेयरों में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही, क्योंकि कंपनी ने अनुमान से बेहतर तिमाही मुनाफा दर्ज किया।
आईटी सेक्टर:
वैश्विक बाजारों की मजबूती के बीच आईटी शेयरों में भी खरीदारी देखी गई।
एफएमसीजी और उपभोग:
घरेलू मांग में मजबूती की उम्मीद के चलते चुनिंदा एफएमसीजी और कंजम्प्शन शेयरों में हल्की बढ़त रही।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स:
सरकारी खर्च जारी रहने की उम्मीद से इस सेक्टर में भी तेजी दर्ज की गई।
न्यू-एज और इंटरनेट कंपनियां:
जोमैटो की मूल कंपनी एटरनल के शेयर करीब 3 प्रतिशत फिसले। क्विक-कॉमर्स में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद दबाव बनाया।
बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं:
बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयर मामूली बढ़त के साथ बंद हुए, लेकिन विदेशी बिकवाली के कारण तेजी सीमित रही।
कुल मिलाकर, बाजार की दिशा अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और कॉरपोरेट नतीजों पर निर्भर करेगी।







