Last Updated on June 19, 2026 11:06 pm by BIZNAMA NEWS

हमारे बिजनेस संवाददाता से

घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेज गिरावट दर्ज की गई और इसके साथ ही लगातार पांच कारोबारी सत्रों से जारी तेजी का सिलसिला थम गया। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में व्यापक बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया, जबकि निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली को भी प्राथमिकता दी।

बाजार पर दबाव उस समय बढ़ा जब वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी एक्सेंचर ने अपने वित्त वर्ष 2026 के राजस्व वृद्धि अनुमान को घटाया और मांग को लेकर सीमित स्पष्टता जताई। इससे वैश्विक आईटी खर्च में संभावित सुस्ती की आशंका बढ़ी और भारतीय आईटी कंपनियों के विकास पर असर को लेकर निवेशकों की चिंता गहरा गई।

इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली, कमजोर वैश्विक संकेत, पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव तथा हालिया रैली के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली ने भी बाजार पर दबाव बनाए रखा।

कारोबार के अंत में एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24,013.10 पर आ गया और 24,050 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे बंद हुआ। उल्लेखनीय है कि इससे पहले के पांच सत्रों में सेंसेक्स लगभग 4.85 प्रतिशत और निफ्टी 4.35 प्रतिशत मजबूत हुआ था।

आईटी सेक्टर बाजार गिरावट का प्रमुख कारण बना। वैश्विक स्तर पर तकनीकी खर्च धीमा पड़ने की आशंका ने निवेशकों को आईटी शेयरों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया। निफ्टी आईटी सूचकांक 3.65 प्रतिशत गिरकर दिन का सबसे कमजोर सेक्टर साबित हुआ।

आईटी कंपनियों में इंफोसिस में 6.50 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एलटीआईमाइंडट्री, टीसीएस, एमफैसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, विप्रो और कोफोर्ज भी दबाव में रहे। हालांकि ऑरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर ने बाजार की धारणा के विपरीत बढ़त दर्ज की।

फ्रंटलाइन शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक की कमजोरी ने भी प्रमुख सूचकांकों को नीचे खींचने में योगदान दिया।

हालांकि व्यापक बाजार ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। निवेशकों की घरेलू विकास से जुड़ी कहानियों में रुचि बनी रही, जिसके चलते मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली। बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.27 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 0.51 प्रतिशत बढ़कर बंद हुए।

बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही। बीएसई पर बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों से अधिक रही, जो यह संकेत देती है कि गिरावट कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों तक सीमित रही।

बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया वीआईएक्स 2.34 प्रतिशत बढ़कर 12.97 पर पहुंच गया, जिससे निकट अवधि में निवेशकों की सतर्कता बढ़ने का संकेत मिला।

डेट बाजार में भारत की 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 6.853 प्रतिशत पर पहुंच गई। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में नरमी देखी गई और एमसीएक्स अगस्त वायदा 1.14 प्रतिशत गिरकर 1,47,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं ब्रेंट क्रूड लगभग 79.44 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे आयातित मुद्रास्फीति को लेकर कुछ राहत की उम्मीद बनी।

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा।

वैश्विक बाजारों की बात करें तो यूरोपीय बाजारों में कमजोरी रही क्योंकि निवेशक पश्चिम एशिया की स्थिति और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक रुख को लेकर सतर्क बने रहे।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया समझौते के क्रियान्वयन तथा क्षेत्रीय तनावों को लेकर अनिश्चितता बनी रही। चीन, हांगकांग और ताइवान के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे, जबकि अमेरिकी बाजार भी जूनटीन्थ अवकाश के कारण पिछले सत्र में बंद थे।

घरेलू बाजार में कुछ कंपनियों के शेयर खबरों के आधार पर चर्चा में रहे।

वीए टेक वाबाग में तेज उछाल आया क्योंकि कंपनी को कुवैत में एक बड़े समुद्री जल शोधन परियोजना का अनुबंध मिला।

एमएसपी स्टील एंड पावर ने सौर ऊर्जा खरीद समझौते के बाद बढ़त दर्ज की, जिससे कंपनी के नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

हिलिक्स टेक्नोलॉजीज रेलवे सिग्नलिंग और ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली से जुड़े नए अनुबंध के बाद मजबूत हुई।

डेस्को इंफ्राटेक को गैस पाइपलाइन परियोजना के लिए आशय पत्र मिलने के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।

वहीं इमैजिकावर्ल्ड एंटरटेनमेंट के शेयरों में गिरावट रही क्योंकि महाराष्ट्र में जल उपलब्धता संबंधी प्रतिबंधों के चलते कंपनी को अस्थायी रूप से अपने वाटर पार्क संचालन रोकने पड़े।

भारत फोर्ज ने रक्षा क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी की घोषणा के बाद सीमित बढ़त दर्ज की।

प्राथमिक बाजार में टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस के आईपीओ को पहले दिन अपेक्षाकृत ठंडी प्रतिक्रिया मिली। कारोबार समाप्त होने तक यह इश्यू लगभग 45 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने प्रति शेयर 144 से 152 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है और इश्यू 23 जून तक खुला रहेगा।