Last Updated on March 20, 2026 12:09 am by BIZNAMA NEWS


मुनाफावसूली, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक तनाव से बाजार में भारी बिकवाली


AMN / BIZ DESK


गुरुवार को दलाल स्ट्रीट पर जोरदार गिरावट देखने को मिली, जहां हालिया तीन दिन की तेजी के बाद बाजार ने अचानक यू-टर्न ले लिया। प्रमुख सूचकांक 3% से अधिक टूट गए, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।

सेंसेक्स लगभग 2,500 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,000 के अहम स्तर के करीब फिसल गया। बाजार में यह गिरावट कई नकारात्मक कारकों के एक साथ आने से हुई।

सबसे बड़ा कारण हालिया तेजी के बाद हुई तेज मुनाफावसूली रहा। इसके साथ ही वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। ब्रेंट क्रूड $115–$119 प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया, जिससे महंगाई और आर्थिक स्थिरता पर खतरा बढ़ गया है।

वैश्विक संकेत भी कमजोर रहे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव डाला। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखते हुए सख्त रुख अपनाने से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ।

इस बीच, एचडीएफसी बैंक में भारी गिरावट ने बाजार की गिरावट को और तेज कर दिया। बैंक के अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे की खबर से बैंकिंग शेयरों में बिकवाली बढ़ गई।


हर सेक्टर में गिरावट

बाजार में गिरावट व्यापक रही और एनएसई के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।

  • बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
  • ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर भी दबाव में
  • निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता घटी

दिन के अंत में:

  • सेंसेक्स 2,496.89 अंक (3.26%) गिरकर 74,207.24 पर बंद
  • निफ्टी 775.65 अंक (3.26%) गिरकर 23,002.15 पर बंद

गौरतलब है कि पिछले तीन सत्रों में बाजार में लगभग 3% की तेजी आई थी, जो अब पूरी तरह खत्म हो गई।


पश्चिम एशिया संकट ने बढ़ाई चिंता

ईरान से जुड़ा संघर्ष अब ऊर्जा संकट में बदलता दिख रहा है।
मध्य पूर्व में तेल और गैस के बड़े ठिकानों पर हमलों से वैश्विक आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है।

ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड और कतर के एलएनजी हब जैसे प्रमुख ठिकानों पर हमले की खबरों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। इससे दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव से सप्लाई चेन बाधित हो रही है, जिससे तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल आया है।


वैश्विक बाजारों पर असर

  • यूरोपीय बाजारों में गिरावट
  • एशियाई बाजार लाल निशान में बंद
  • अमेरिकी बाजारों में भी तेज गिरावट, डाउ जोंस साल के निचले स्तर पर
  • केंद्रीय बैंक सतर्क, ब्याज दरों पर फिलहाल रोक

अहम आंकड़े

  • रुपया कमजोर होकर 92.89 प्रति डॉलर
  • सोने की कीमतों में लगभग 4% गिरावट
  • अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
  • ब्रेंट क्रूड में 6% से अधिक उछाल

फोकस में शेयर

  • एचडीएफसी बैंक 5% से ज्यादा टूटा
  • लार्सन एंड टुब्रो और आईसीआईसीआई बैंक में भारी गिरावट
  • नजारा टेक्नोलॉजीज अधिग्रहण के बावजूद दबाव में
  • जाइडस लाइफसाइंसेज और ग्लेनमार्क भी गिरे
  • महिंद्रा लाइफस्पेस मामूली बढ़त के साथ अपवाद

नई लिस्टिंग राजपूताना स्टेनलेस डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ, जो कमजोर बाजार भावना को दर्शाता है।


आगे क्या?

विश्लेषकों के मुताबिक, बाजार में निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
तेल की कीमतों में तेजी, वैश्विक तनाव और केंद्रीय बैंकों की सख्ती निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी रहेगी।

निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और आगे के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।


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