Last Updated on February 22, 2026 12:43 am by BIZNAMA NEWS

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रमज़ान के पवित्र महीने में इफ्तार की मेज़ पर सबसे पहले जिस नेमत की ओर हाथ बढ़ता है, वह खजूर है। यह केवल एक मीठा फल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक महत्व से जुड़ी हुई एक मुकम्मल आहार वस्तु है। हमारे प्यारे नबी खजूर से रोज़ा इफ्तार फरमाया करते थे, इसलिए मुस्लिम समाज में इसे विशेष सम्मान प्राप्त है। पवित्र क़ुरआन में भी खजूर का अनेक बार उल्लेख मिलता है, जो इसकी अहमियत को दर्शाता है।
दुनिया भर में उत्पादन और किस्में
खजूर की खेती मुख्य रूप से Saudi Arabia, ईरान, मिस्र, इराक, पाकिस्तान, स्पेन, इटली, चीन और लेबनान जैसे देशों में की जाती है। विश्व भर में खजूर की 90 से अधिक किस्में पाई जाती हैं। ताज़ा पका हुआ फल मुलायम और रसदार होता है, जबकि सूखने पर उसे छुहारा कहा जाता है। दोनों ही रूपों में यह अत्यंत पौष्टिक और लाभकारी है।
पोषक तत्वों से भरपूर
खजूर में लगभग 70–75 प्रतिशत प्राकृतिक शर्करा (ग्लूकोज़ और फ्रुक्टोज) होती है, जो तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है। इसके अलावा इसमें प्रोटीन, आहार रेशा (फाइबर), कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे खनिज तत्व मौजूद होते हैं। विटामिन बी और विटामिन सी की उपस्थिति इसे संतुलित आहार बनाती है। इसमें वसा बहुत कम और कोलेस्ट्रॉल नगण्य होता है, इसलिए यह हृदय रोगियों के लिए भी लाभदायक माना जाता है।
खजूर के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
- हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी: पोटैशियम और मैग्नीशियम हृदय की धड़कन को संतुलित रखने में सहायक हैं।
- खून की कमी दूर करने में सहायक: आयरन की प्रचुर मात्रा हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती है।
- कब्ज में राहत: रात को पानी में भिगोकर सुबह सेवन करने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है।
- तुरंत ऊर्जा का स्रोत: कमजोरी या अधिक गर्मी में खजूर तुरंत ताकत देता है।
- पाचन में सुधार: फाइबर आंतों को स्वस्थ रखता है।
- कमजोर और दुबले व्यक्तियों के लिए टॉनिक: दूध और मेवों के साथ सेवन करने से वजन और शक्ति बढ़ती है।
- खांसी और सर्दी में लाभ: पारंपरिक चिकित्सा में छुहारे को अदरक के साथ उपयोगी माना गया है।
- नेत्र स्वास्थ्य: नियमित सेवन से आंखों की कमजोरी में लाभ बताया गया है।
पारंपरिक उपयोग और घरेलू नुस्खे
खजूर को दूध में उबालकर शहद मिलाकर पीना खून बढ़ाने का लोकप्रिय घरेलू उपाय है। बादाम, अखरोट और तिल के साथ मिलाकर बने लड्डू शरीर को स्फूर्ति देते हैं। कुछ लोग खजूर की गुठली निकालकर उसमें मक्खन या सूखे मेवे भरकर भी खाते हैं, जो ऊर्जा का अच्छा स्रोत है।
सावधानी भी जरूरी
अत्यधिक मात्रा में खजूर का सेवन पाचन पर भार डाल सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। खाने से पहले खजूर को साफ पानी से धो लेना चाहिए, क्योंकि इसकी सतह पर धूल या गंदगी चिपक सकती है।
वास्तव में खजूर प्रकृति की वह अनुपम देन है जो स्वाद, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक महत्व—तीनों का सुंदर संगम प्रस्तुत करती है। यदि इसे संतुलित मात्रा और स्वच्छता के साथ अपनाया जाए तो यह सचमुच “भोजन भी, औषधि भी” सिद्ध होती है।







