Last Updated on January 20, 2026 10:28 pm by BIZNAMA NEWS

AMN / BIZ DESK
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में पिछले आठ महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक व्यापार तनाव, अमेरिका की नई टैरिफ चेतावनियों और अब तक आए कमजोर कॉरपोरेट नतीजों के चलते सभी सेक्टरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी-50 353 अंक यानी 1.38 प्रतिशत टूटकर 25,232.50 पर बंद हुआ, जो 14 अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। वहीं सेंसेक्स 1,065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत गिरकर 82,180.47 पर आ गया।
बाजार में गिरावट उस समय और तेज हो गई जब अमेरिकी प्रशासन ने तथाकथित “ग्रीनलैंड टैरिफ” अल्टीमेटम जारी करते हुए यूरोपीय देशों पर 10 से 25 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की धमकी दी। इसके साथ ही खासकर आईटी सेक्टर के कमजोर नतीजों और मार्गदर्शन ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, “फिलहाल बाजार वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू आर्थिक कमजोरी के दोहरे दबाव में है। रुपये में कमजोरी और अनिश्चितता के कारण निवेशक भारतीय जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सोने और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर जा रहे हैं।”
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदिश शाह के अनुसार, निफ्टी में यह गिरावट 7 अप्रैल 2025 के बाद की सबसे तेज एकदिनी गिरावट है। उन्होंने कहा, “पिछले महज 10 कारोबारी सत्रों में निफ्टी 4 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है।”
निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज, एचडीएफसी बैंक और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ही हरे निशान में बंद हुए। दूसरी ओर, अडानी एंटरप्राइजेज, बजाज फाइनेंस और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा नुकसान में रहे और इनमें 3.7 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
ब्रॉडर मार्केट में गिरावट और भी गहरी रही। निफ्टी मिडकैप-100 2.62 प्रतिशत टूटकर तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप-100 में 2.85 प्रतिशत की भारी गिरावट आई और यह आठ महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। लगातार आठवें कारोबारी दिन बाजार की चौड़ाई बेहद कमजोर रही। बीएसई पर 3,590 शेयरों में गिरावट जबकि केवल 707 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा 713 शेयरों ने अपने नए 52-सप्ताह के निचले स्तर को छुआ।
इस बीच रुपया भी दबाव में रहा और डॉलर के मुकाबले 6 पैसे टूटकर 90.97 पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और यूरोप के बीच टैरिफ विवाद पर स्पष्टता आने तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। किसी भी संभावित रिकवरी के लिए बैंकिंग और आईटी सेक्टर में मजबूती बेहद अहम होगी।
सेक्टोरल स्थिति: सभी इंडेक्स लाल निशान में
- निफ्टी रियल्टी: सबसे ज्यादा गिरावट, करीब 5% टूटकर बंद
- ऑटो, आईटी, मीडिया, मेटल, पीएसयू बैंक, फार्मा, ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: 1.5–2.5% की गिरावट
- निफ्टी नेक्स्ट 50: 2.30% फिसला
- निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज: 1.16% नीचे
- निफ्टी बैंक: 0.81% की कमजोरी
ट्रस्टलाइन होल्डिंग्स के सीईओ एन अरुणागिरी ने स्मॉलकैप शेयरों पर टिप्पणी करते हुए कहा, “नवंबर की शुरुआत से स्मॉलकैप इंडेक्स में लगातार एकतरफा गिरावट देखने को मिल रही है। इंडेक्स स्तर पर स्मॉलकैप 11.5 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुके हैं और कई शेयरों में 40 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है। यह ‘डिप पर खरीद’ का बाजार नहीं है, बल्कि चुनिंदा, स्टॉक-विशेष रणनीति का समय है।”




