Last Updated on March 18, 2026 9:49 pm by BIZNAMA NEWS

आईटी और ऑटो शेयरों में तेजी; रुपये की गिरावट और वैश्विक तनाव का असर


SUDHIR KUMAR

भारतीय शेयर बाजार फिलहाल एक कंसोलिडेशन (स्थिरता) चरण में प्रवेश करता दिख रहा है, जिसमें हल्की तेजी का रुख बना हुआ है। हालांकि रुपये की कमजोरी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव बाजार की दिशा पर असर डाल रहे हैं। प्रमुख सूचकांक — Nifty 50 और BSE Sensex — लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए, जो बाजार की मजबूती को दर्शाता है।


समग्र बाजार रुझान

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार फिलहाल तेज उछाल के बजाय स्थिरता के साथ आगे बढ़ रहा है। 24,300 के ऊपर टिकने पर नई तेजी आ सकती है, जबकि 23,500 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। हालिया गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग के चलते बाजार को नीचे से सहारा मिल रहा है।


मुद्रा और मैक्रो स्थिति

भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 92.50 के पार फिसलकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। यह गिरावट उस समय आई जब वैश्विक संकेत सकारात्मक थे और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी थी। डॉलर की मजबूत मांग, कम लिक्विडिटी और विदेशी निवेश की निकासी इसके प्रमुख कारण रहे।


वैश्विक संकेत और अस्थिरता

  • अमेरिकी बाजारों में तेजी
  • एशियाई बाजारों में स्थिरता
  • यूरोपीय बाजारों की सकारात्मक शुरुआत

इसके साथ ही इंडिया VIX में गिरावट आई, जो डर में कमी का संकेत है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव के चलते अस्थिरता बनी रह सकती है।


आईटी सेक्टर – तेजी का नेतृत्व

आईटी सेक्टर सबसे आगे रहा, जिसमें 4% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। प्रमुख कंपनियां:

  • Infosys
  • HCL Technologies
  • Tech Mahindra

एआई को लेकर चिंताओं में कमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने इस सेक्टर को मजबूती दी।


फाइनेंशियल और न्यू-एज शेयर

Jio Financial Services में जोरदार तेजी देखने को मिली। इस सेक्टर को घरेलू निवेश और लिक्विडिटी सपोर्ट मिला।


ऑटो सेक्टर – सुधार की ओर

ऑटो सेक्टर में 2% से ज्यादा की तेजी आई। मार्च में मजबूत वाहन रजिस्ट्रेशन और डबल डिजिट ग्रोथ के कारण इस सेक्टर में रिकवरी देखने को मिली।


मिडकैप और स्मॉलकैप – व्यापक भागीदारी

  • मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी
  • बाजार में एडवांस करने वाले शेयरों की संख्या अधिक रही

हालांकि, कई शेयर अभी भी 52 हफ्ते के निचले स्तर पर हैं, जो बाजार की अंदरूनी कमजोरी को दर्शाता है।


एफएमसीजी, फार्मा और पीएसयू पर दबाव

कुछ बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई:

  • Hindustan Unilever
  • Cipla
  • Sun Pharma
  • NTPC
  • Coal India

यह संकेत देता है कि निवेशक डिफेंसिव सेक्टर से ग्रोथ सेक्टर की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।


टेक्निकल आउटलुक

  • सपोर्ट: 23,500 (निफ्टी)
  • रेजिस्टेंस: 23,950–24,300

ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली (profit booking) देखने को मिल सकती है।


आगे के प्रमुख कारक

बाजार की दिशा तय करने वाले कारक:

  • पश्चिम एशिया की स्थिति
  • कच्चे तेल की कीमतें
  • US Federal Reserve के फैसले
  • भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

बाजार में फिलहाल मजबूती के संकेत हैं, लेकिन अस्थिरता बनी रह सकती है। सेक्टर आधारित तेजी और वैश्विक कारक आगे की दिशा तय करेंगे।

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