Last Updated on March 25, 2026 3:01 pm by BIZNAMA NEWS

एएमएन / न्यूज़ डेस्क

QatarEnergy ने रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी की प्रमुख ऊर्जा सुविधाओं पर ईरानी मिसाइल हमलों के बाद अपने कई दीर्घकालिक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आपूर्ति अनुबंधों में बाधा की घोषणा की है। इस व्यवधान का असर दक्षिण कोरिया, चीन, इटली और बेल्जियम जैसे प्रमुख खरीदार देशों पर पड़ने की आशंका है।

रिपोर्टों के अनुसार 18 और 19 मार्च को ईरानी मिसाइलों ने Ras Laffan Industrial City को निशाना बनाया, जिससे दो एलएनजी उत्पादन इकाइयों और एक गैस-टू-लिक्विड्स संयंत्र को नुकसान पहुंचा। हमलों के कारण वहां आग लग गई और क़तर की एलएनजी निर्यात क्षमता का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा ठप हो गया, जो करीब 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष के बराबर है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त सुविधाओं की मरम्मत में तीन से पांच वर्ष तक का समय लग सकता है।

ये हमले उस समय हुए हैं जब Iran, United States और Israel के बीच जारी तनाव के कारण क्षेत्र में हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं। माना जा रहा है कि तेहरान खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा अवसंरचना को लगातार निशाना बना रहा है। क़तर की भौगोलिक स्थिति Strait of Hormuz के पास होने के कारण वैश्विक एलएनजी आपूर्ति में व्यापक व्यवधान की आशंका और बढ़ गई है।

क़तरएनर्जी द्वारा आपूर्ति में बाधा की घोषणा से कंपनी को अनुबंधों के तहत संभावित दंड से राहत मिल जाएगी, लेकिन बड़े आयातक देशों को अब एलएनजी की खरीद के लिए स्पॉट मार्केट की ओर रुख करना पड़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे वैश्विक एलएनजी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, एशिया और यूरोप में आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है और वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं, विशेष रूप से United States से मांग बढ़ सकती है।

Saad al-Kaabi ने कहा कि हमले से हुई क्षति गंभीर और दीर्घकालिक है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में लंबे समय तक अस्थिरता बने रहने की आशंका बढ़ गई है।

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