Last Updated on March 12, 2026 10:14 pm by BIZNAMA NEWS
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंता; ऊर्जा शेयरों में तेजी, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर दबाव में

AMN / BIZ DESK
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी रहा। प्रमुख सूचकांक BSE Sensex 829 अंक गिरकर 76,034.42 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 227 अंक फिसलकर 23,639 पर आ गया, जो हाल के सत्रों में इसका सबसे निचला बंद स्तर है।
बाजार पर दबाव उस समय और बढ़ गया जब Indian Rupee अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 92.19 तक गिर गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी।
कच्चे तेल में उछाल
वैश्विक तेल बाजार में भी अस्थिरता देखने को मिली। Brent Crude शुरुआती कारोबार में 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया था, हालांकि बाद में यह लगभग 90.63 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर हुआ, जो दिन में लगभग 3.9 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
घरेलू बाजार में भी कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे भारत के आयात बिल को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
सेक्टरवार असर
ऑटो सेक्टर:
लगातार दूसरे दिन ऑटोमोबाइल शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली और सेक्टर सूचकांक 3 प्रतिशत से अधिक टूट गया। Mahindra & Mahindra के शेयर 4.39 प्रतिशत गिरकर ₹3,029.10 पर आ गए, Eicher Motors 3.92 प्रतिशत गिरकर ₹6,969.50 पर बंद हुआ, Maruti Suzuki 3.72 प्रतिशत गिरकर ₹12,995 पर पहुंच गया, जबकि Tata Motors 3.30 प्रतिशत गिरकर ₹324.30 पर आ गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से उत्पादन लागत बढ़ने और मांग पर असर पड़ने की आशंका से निवेशकों ने ऑटो शेयरों में बिकवाली की।
वित्तीय सेवाएं:
वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भी कमजोरी रही। Bajaj Finance के शेयर 3.44 प्रतिशत गिरकर ₹862.95 पर बंद हुए। इसी तरह Nifty Bank सूचकांक 1.1 प्रतिशत गिरकर 55,100 पर बंद हुआ।
ऊर्जा और बिजली सेक्टर:
बाजार की गिरावट के बीच ऊर्जा और बिजली कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई। Coal India के शेयर 5.20 प्रतिशत बढ़कर ₹470 पर पहुंच गए, NTPC 2.91 प्रतिशत चढ़कर ₹390.95 पर बंद हुआ और Power Grid Corporation of India 1.74 प्रतिशत बढ़कर ₹304 पर पहुंच गया।
आईटी और फाइनेंशियल टेक:
कुछ आईटी और फाइनेंशियल कंपनियों में भी सीमित खरीदारी देखी गई। Tech Mahindra के शेयर 1.49 प्रतिशत बढ़कर ₹1,354.30 पर बंद हुए, जबकि Jio Financial Services 1.38 प्रतिशत बढ़कर ₹242 पर पहुंच गया।
व्यापक बाजार की स्थिति
व्यापक बाजार में भी दबाव रहा, हालांकि गिरावट सीमित रही। Nifty Midcap 100 0.3 प्रतिशत और Nifty Smallcap 100 0.6 प्रतिशत गिर गए, लेकिन इनकी गिरावट मुख्य सूचकांकों से कम रही।
Bombay Stock Exchange पर कुल 4,404 शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2,645 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 1,598 में बढ़त रही। इस दौरान 378 शेयर अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए।
वैश्विक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर केवल शेयर बाजार तक सीमित नहीं है। समुद्री परिवहन और आपूर्ति शृंखला में संभावित बाधाओं के कारण कई उद्योगों पर असर पड़ सकता है। खासकर दवा कंपनियां, जो आयातित एपीआई (Active Pharmaceutical Ingredients) पर निर्भर हैं, उन्हें लॉजिस्टिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
तकनीकी संकेत
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार Nifty 50 फिलहाल 23,300–23,700 के महत्वपूर्ण सपोर्ट क्षेत्र में कारोबार कर रहा है। यदि सूचकांक 23,500 के नीचे स्थायी रूप से जाता है तो गिरावट 23,000–23,200 तक बढ़ सकती है। वहीं ऊपर की ओर 24,000–24,300 का स्तर मजबूत प्रतिरोध माना जा रहा है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपये की कमजोरी बाजार को प्रभावित करती रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को सावधानी बरतते हुए सीमित और चयनात्मक निवेश की सलाह दी जा रही है।
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