Last Updated on March 6, 2026 11:18 pm by BIZNAMA NEWS


AMN / BIZ DESK

भारतीय शेयर बाजारों के लिए यह सप्ताह बेहद विनाशकारी साबित हुआ। अमेरिका-ईरान संघर्ष के गहराने और वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के कारण शुक्रवार को बाजार ‘ब्लैक फ्राइडे’ के रूप में तब्दील हो गया। बेंचमार्क सूचकांकों ने पिछले 14 महीनों में अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की। इस दौरान निफ्टी 50 में 2.9% की गिरावट आई, जबकि सेंसक्स ने एक सप्ताह में निवेशकों की संपत्ति के 2,370 अंक स्वाहा कर दिए।

शुक्रवार को सेंसेक्स 78,918.90 पर बंद हुआ, जो 1,097 अंक (1.37%) की गिरावट है। वहीं, निफ्टी 24,450.45 पर आकर थमा, जिसमें 315.45 अंकों (1.27%) की गिरावट दर्ज की गई।

भू-राजनीतिक तनाव: कच्चा तेल और बाजार का डर

बाजार में इस भारी बिकवाली का मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शिपिंग गतिविधियों का लगभग ठप होना रहा। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है। आपूर्ति रुकने के डर से ब्रेंट क्रूड $85 प्रति बैरल के पार निकल गया, जबकि अमेरिकी क्रूड में 8.5% का उछाल देखा गया—जो 2020 के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त है।

बाजार में डर को मापने वाला सूचकांक India VIX 11% बढ़कर 19.88 पर पहुंच गया, जो निवेशकों के बीच बढ़ती घबराहट का संकेत है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि तेल की कीमतें इसी स्तर पर रहीं, तो भारत का व्यापार घाटा, मुद्रास्फीति और आरबीआई की मौद्रिक नीति पर भारी दबाव पड़ेगा।


क्षेत्रवार प्रदर्शन: कौन डूबा, कौन उभरा?

बाजार में मची तबाही के बावजूद कुछ क्षेत्रों में विपरीत रुझान देखने को मिले:

बढ़त वाले क्षेत्र: डिफेंस और एनर्जी

  • डिफेंस (+4.85% साप्ताहिक): युद्ध की आशंकाओं के कारण रक्षा खर्च बढ़ने की उम्मीद में यह सेक्टर चमकता रहा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) शुक्रवार को निफ्टी में 2.52% की बढ़त के साथ टॉप पर रहा।
  • एनर्जी और तेल उत्पादक: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से ONGC (+1.28%) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (+1.27%) को लाभ हुआ, जिससे इंडेक्स को कुछ सहारा मिला।

गिरावट वाले क्षेत्र: बैंकिंग और पर्यटन

  • बैंक (PSU और प्राइवेट): बैंकिंग सेक्टर पर दोहरी मार पड़ी। भू-राजनीतिक तनाव के साथ-साथ, आरबीआई द्वारा ऋण के साथ बीमा उत्पादों की बंडलिंग पर सख्त नियमों के प्रस्ताव ने निवेशकों को डरा दिया। सरकारी बैंकों (PSU Banks) में पूरे सप्ताह में 6.5% की भारी गिरावट आई।
  • पर्यटन और विमानन: ईंधन की बढ़ती लागत और पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के कारण इंडिया टूरिज्म इंडेक्स 5.88% लुढ़क गया।
टॉप गेनर (शुक्रवार)% बदलावटॉप लूजर (शुक्रवार)% बदलाव
BEL+2.52%ICICI Bank-3.13%
ONGC+1.28%Eternal-2.96%
Reliance+1.27%Shriram Fin-2.77%
NTPC+0.82%SBI-2.54%

रुपया और सोना

बढ़ते आयात बिल के दबाव में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 13 पैसे कमजोर होकर 91.71 पर बंद हुआ। वहीं, सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशक सोने की ओर भागे, जिससे सोना ₹1,60,000 के ऐतिहासिक स्तर के पास कारोबार कर रहा है।

आगे का अनुमान: ‘उछाल पर बिकवाली’ की रणनीति

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, यदि सप्ताहांत में युद्ध के हालात नहीं सुधरे, तो निफ्टी 24,000 के स्तर तक फिसल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक निफ्टी निर्णायक रूप से 25,000 को पार नहीं करता, तब तक ‘Sell-on-Rise’ (हर उछाल पर बेचने) की रणनीति अपनाना ही बेहतर होगा।

सोमवार को बाजार की दिशा पूरी तरह से फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से आने वाली खबरों और अमेरिका की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *