मंगलवार को भारतीय इक्विटी मार्केट्स में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निवेशकों का मनोबल भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में प्रगति और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में कटौती की उम्मीदों से मजबूत हुआ।

बीएसई सेंसेक्स 594.95 अंक (0.73%) की बढ़त के साथ 82,380.69 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 169.90 अंक (0.68%) चढ़कर 25,239.10 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 82,443.48 का इंट्राडे हाई छुआ। व्यापक बाज़ार भी सकारात्मक रहे, हालांकि एफएमसीजी शेयर दबाव में रहे।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, “घरेलू इक्विटीज़ में रिकवरी का सिलसिला जारी है। अमेरिकी फेड की आगामी बैठक में 25 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती की उम्मीद और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के फिर शुरू होने की आशा ने निवेशकों को समर्थन दिया। ऑटो और कंज़्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में त्योहारों की मांग और नई जीएसटी दरों का सकारात्मक असर दिखा।”

सेक्टरवार प्रदर्शन

  • ऑटोमोबाइल: निफ्टी ऑटो 1.44% उछला। महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुज़ुकी सबसे बड़े लाभार्थी रहे।
  • आईटी सेक्टर: निफ्टी आईटी 0.86% बढ़ा। एचसीएल टेक और टीसीएस में मजबूती देखी गई।
  • बैंकिंग एवं फाइनेंशियल्स: निफ्टी बैंक 0.47% चढ़ा। कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और एसबीआई आगे रहे, जबकि बजाज फिनसर्व दबाव में रहा।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर एवं इंडस्ट्रियल्स: एलएंडटी में तेजी आई, जिससे कैपिटल गुड्स और इंफ्रा शेयरों को बढ़ावा मिला।
  • टेलिकॉम एवं यूटिलिटीज़: भारती एयरटेल, एनटीपीसी और पावरग्रिड मजबूत बंद हुए।
  • एफएमसीजी: निफ्टी एफएमसीजी गिरावट में रहा। एशियन पेंट्स समेत कुछ प्रमुख शेयर कमजोर रहे।

व्यापक बाज़ार व करेंसी

निफ्टी स्मॉल कैप 100 0.95% और निफ्टी मिडकैप 100 0.54% चढ़े।
रुपया 0.13% मजबूत होकर 88.05 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जिसका समर्थन दर कटौती की उम्मीद और सकारात्मक वैश्विक संकेतों से मिला।

दृष्टिकोण

विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों की नज़रें अब भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता और अमेरिकी फेड की नीति घोषणा पर टिकी रहेंगी। मजबूत घरेलू बुनियादी कारक, त्योहारों की मांग और स्थिर मैक्रो संकेतक आगे भी बाज़ार को सहारा देंगे।