AMN / BIZ DESK

भारतीय शेयर बाजारों ने सोमवार को बजट सत्र की तेज गिरावट के बाद जोरदार वापसी दर्ज की। बीएसई सेंसेक्स 943.52 अंक यानी 1.17 प्रतिशत उछलकर 81,666.46 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 262.95 अंक या 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,088.40 पर पहुंच गया। खास बात यह रही कि निफ्टी ने अपने इंट्रा-डे लो से करीब 429 अंकों की रिकवरी दिखाई, जिससे निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी के संकेत मिले।

यह तेजी बजट के बाद डेरिवेटिव्स पर एसटीटी बढ़ोतरी और वित्त वर्ष 2027 के लिए सरकार की ऊंची उधारी योजना से जुड़ी चिंताओं के कुछ हद तक कम होने से आई। निवेशकों को बजट में नीतिगत निरंतरता, विकास पर फोकस और राजकोषीय अनुशासन से मध्यम और दीर्घकालिक आय संभावनाओं को लेकर भरोसा मिला।

शेयरों की बात करें तो पावर ग्रिड कॉरपोरेशन निफ्टी50 का टॉप गेनर रहा, जिसमें 7.42 प्रतिशत की तेजी आई। टाटा मोटर्स (पैसेंजर व्हीकल्स) में 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। अदाणी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर, कुछ वित्तीय, आईटी और हेल्थकेयर शेयरों में मुनाफावसूली दिखी। श्रीराम फाइनेंस, एक्सिस बैंक, इंफोसिस और सिप्ला नुकसान में रहे।

सेक्टोरल स्तर पर आईटी को छोड़कर लगभग सभी सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी बाजार की रिकवरी में साथ दिया, हालांकि बाजार की चौड़ाई थोड़ी कमजोर बनी रही।

रुपये ने भी डॉलर के मुकाबले मजबूती दिखाई, जिसे कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और बेहतर राजकोषीय स्थिति से समर्थन मिला। ब्रेंट क्रूड में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट ने महंगाई से जुड़े सेक्टरों को राहत दी।

तकनीकी संकेतक भी बाजार में मजबूती के संकेत दे रहे हैं, हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि तिमाही नतीजों और इस सप्ताह होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक से पहले उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।


सेक्टरवार प्रदर्शन

  • पावर व यूटिलिटी: पावर ग्रिड की अगुवाई में मजबूत तेजी, कैपेक्स आधारित ग्रोथ की उम्मीदों से समर्थन।
  • ऑटोमोबाइल: निफ्टी ऑटो में 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त, बेहतर मासिक बिक्री आंकड़ों और इनपुट लागत में राहत का असर।
  • ऑयल एंड गैस: वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से करीब 2 प्रतिशत की तेजी।
  • कैपिटल मार्केट: बजट के बाद आई गिरावट के बाद जोरदार खरीदारी, इंडेक्स 3 प्रतिशत से अधिक चढ़ा।
  • एफएमसीजी, मेटल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर व रियल्टी: 1–2 प्रतिशत की बढ़त, बेहतर मैक्रो संकेतों से सपोर्ट।
  • आईटी: एकमात्र कमजोर सेक्टर, करीब 0.5 प्रतिशत की गिरावट, वैश्विक टेक आउटलुक को लेकर सतर्कता।