Last Updated on March 9, 2026 7:52 pm by BIZNAMA NEWS

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– पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच छिड़ी जंग ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मचा दिया। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में आए उछाल और निवेशकों के भारी डर ने घरेलू संपत्तियों में जबरदस्त बिकवाली शुरू कर दी। निफ्टी-50 अब आधिकारिक तौर पर ‘तकनीकी करेक्शन ज़ोन’ (Technical Correction Zone) में प्रवेश कर चुका है, क्योंकि यह अपने 5 जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से 10% से अधिक टूट चुका है।
बाजार में हाहाकार: प्रमुख सूचकांकों का हाल
सोमवार को BSE सेंसेक्स 1,352.74 अंक (1.71%) टूटकर 77,566.16 पर बंद हुआ। दिन के दौरान अस्थिरता इतनी चरम पर थी कि सूचकांक एक समय 2,494 अंक तक गिर गया था। इसी तरह, NSE निफ्टी 422.40 अंक (1.73%) की गिरावट के साथ 24,028.05 के स्तर पर बंद हुआ।
व्यापक बाजार में स्थिति और भी गंभीर रही। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमशः 1.97% और 2.22% की गिरावट दर्ज की गई, जो बेंचमार्क इंडेक्स से भी अधिक रही।
करेंसी शॉक: रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर
बढ़ते कच्चे तेल के दामों और डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय रुपया पूरी तरह चरमरा गया। रुपया 53 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.35 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये की इस कमजोरी से देश में ‘आयातित महंगाई’ (Imported Inflation) बढ़ेगी।
सेक्टर-वार प्रदर्शन और गिरावट के कारण
बाजार की इस गिरावट का नेतृत्व उन क्षेत्रों ने किया जो ब्याज दरों और कच्चे माल की लागत के प्रति संवेदनशील हैं:
| सेक्टर | प्रभाव | मुख्य कारण |
| PSU बैंक | -3.97% | सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर। SBI समेत अन्य सरकारी बैंकों में भारी बिकवाली। |
| सीमेंट और इंफ्रा | -5.23% | अल्ट्राटेक सीमेंट सेंसेक्स का सबसे बड़ा लूज़र रहा। बढ़ती ऊर्जा लागत से मार्जिन पर असर। |
| ऑटो सेक्टर | भारी गिरावट | मारुति और M&M के शेयरों में गिरावट; ईंधन की कीमतों में वृद्धि से मांग घटने का डर। |
| एविएशन | भारी गिरावट | इंडिगो (InterGlobe Aviation) के शेयर लुढ़के क्योंकि जेट ईंधन के दाम क्रूड से जुड़े हैं। |
| IT सेक्टर | +0.08% | एकमात्र सेक्टर जो हरे निशान में रहा। आईटी शेयरों ने गिरावट के बीच बचाव का काम किया। |
ऊर्जा संकट: $104 के पास पहुँचा ब्रेंट क्रूड
बाजार में मंदी का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आग लगना रहा। ब्रेंट क्रूड 12.34% उछलकर $104.1 प्रति बैरल पर पहुँच गया, जबकि दिन के उच्चतम स्तर पर यह $120 को छू गया था। कच्चे तेल की तीन अंकों की यह कीमत भारत के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) के लिए एक गंभीर खतरा है।
मुनाफा कमाने वाले और घाटे वाले शेयर्स
- प्रमुख बढ़त: रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और HCL टेक।
- प्रमुख गिरावट: अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, SBI, इंडिगो और अडानी पोर्ट्स।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी का अपने शिखर 26,373 (5 जनवरी) से नीचे गिरना बाजार की धारणा में बदलाव का संकेत है। अब निवेशक ‘डिप्स पर खरीदारी’ (Buy on Dips) के बजाय ‘उछाल पर बिकवाली’ (Sell on Rise) की रणनीति अपना रहे हैं। रुपया 92.35 के स्तर पर होने और तेल के $100 पार होने से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिए आने वाली तिहाई में महंगाई को काबू में करना एक बड़ी चुनौती होगी।







