
AMN / BIZ DESK
भारतीय शेयर बाज़ार बुधवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों की चिंता तब और बढ़ गई जब रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 91.70 पर पहुँच गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं ने दबाव को और गहरा किया।
बीएसई सेंसेक्स 270.84 अंक या 0.33% गिरकर 81,909.63 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 75 अंक या 0.30% गिरकर 25,157.50 पर बंद हुआ। दिलचस्प बात यह रही कि निफ्टी ने दिन के निचले स्तर 24,920 से 237 अंक की रिकवरी दिखाई।
विश्लेषकों का कहना है कि डॉलर-रुपया दर में तेजी विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) की लगातार निकासी, आयातकों की हेजिंग मांग और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के कारण है। कोटक सिक्योरिटीज ने अनुमान जताया कि निकट भविष्य में डॉलर-रुपया दर 92–92.50 तक जा सकती है।
विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को लगभग ₹2,938 करोड़ की इक्विटी बेची। बाज़ार की चौड़ाई भी कमजोर रही — बीएसई पर 2,968 शेयर गिरे जबकि केवल 1,317 बढ़े। 916 शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुँचे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट और तेज रही। निफ्टी मिडकैप 100 1.14% गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 0.90% टूटा।
सेक्टरवार प्रदर्शन
- बैंकिंग और वित्तीय सेवाएँ
- निफ्टी बैंक 603.90 अंक या 1.02% गिरकर 58,800.30 पर बंद हुआ।
- निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.87% गिरा।
- आईसीआईसीआई बैंक 2% से अधिक टूटा।
- कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स
- 1.6% गिरावट, लगातार नौवें दिन नुकसान।
- पीएसयू शेयर
- 1% नीचे।
- रियल्टी
- 1.6% गिरावट।
- मेटल्स
- 0.6% की बढ़त, बाज़ार में एकमात्र मजबूत सेक्टर।
- ऑयल एंड गैस
- 0.3% की हल्की बढ़त।
- प्रमुख बढ़त वाले शेयर
- ईचर मोटर्स और इंडिगो निफ्टी पैक में टॉप गेनर रहे।
सुरक्षित निवेश की ओर रुख
सोने की कीमतों में तेज़ उछाल देखा गया। तीन दिनों में ₹15,000 की बढ़त के बाद बुधवार को सोना लगभग ₹7,000 चढ़कर ₹1,57,500 पर पहुँच गया। जनवरी 2026 में अब तक सोना लगभग 15% ऊपर है। भू-राजनीतिक तनावों ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति की ओर मोड़ा है।
आगे की दिशा
विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी फिलहाल साइडवेज़ ट्रेड करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावोस भाषण और तिमाही नतीजे (इंटरग्लोब एविएशन, डीएलएफ, इंडियन बैंक, कोफोर्ज, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, एमफैसिस और रेडिको खेतान) बाज़ार की दिशा तय करेंगे।
