Last Updated on January 12, 2026 5:14 pm by BIZNAMA NEWS

AMN

सोमवार को सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं, क्योंकि अमेरिकी न्याय विभाग और फेडरल रिजर्व के बीच बढ़ते तनाव तथा ईरान में तेज होती हिंसक प्रदर्शनों ने भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ा दिया, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर हो गया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1.46 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,40,838 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि मार्च डिलीवरी वाली चांदी 3.66 प्रतिशत उछलकर 2,61,977 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,575.82 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले इसने 4,601.17 डॉलर का नया रिकॉर्ड स्तर छुआ। वहीं चांदी की कीमतें 4.85 प्रतिशत बढ़कर 83.19 डॉलर प्रति औंस हो गईं, जो सत्र के दौरान 83.88 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंची थीं।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने खुलासा किया कि केंद्रीय बैंक को फेड मुख्यालय के नवीनीकरण से जुड़े उनके जून में दिए गए संसदीय बयान को लेकर अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से ग्रैंड जूरी समन मिले हैं। इस घटनाक्रम को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेड के बीच टकराव के और तेज होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटीज) राहुल कलंत्री के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी फेड पर बढ़ता राजनीतिक दबाव और उम्मीद से कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के कारण सुरक्षित निवेश की मांग मजबूत हुई, जिससे कीमती धातुओं में जोरदार तेजी देखने को मिली।

इस बीच ईरान में हुए जानलेवा प्रदर्शनों ने राजनीतिक अस्थिरता और तेल आपूर्ति पर संभावित असर को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा रविवार को ईरान पर विकल्पों पर विचार किए जाने के संकेतों ने भी अनिश्चितता को और बढ़ाया, जबकि वैश्विक स्तर पर अन्य तनावपूर्ण घटनाक्रम भी बाजार पर असर डाल रहे हैं।

पिछले सप्ताह जारी अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट में पेरोल वृद्धि अनुमान से कमजोर रहने के बाद यह धारणा और मजबूत हुई कि फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में और कटौती कर सकता है।

पिछले सप्ताह सोने में 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी 7 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ी। रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया जाना और ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर वॉशिंगटन के नए संकेत भी कीमती धातुओं की कीमतों को समर्थन देने वाले प्रमुख कारक रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *