Last Updated on February 23, 2026 9:47 pm by BIZNAMA NEWS

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घरेलू शेयर बाजारों ने सोमवार को लगातार दूसरे सत्र में बढ़त दर्ज की। पीएसयू बैंक, ऑटो और वित्तीय शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते बाजार ऊंचे स्तर पर बंद हुए। वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत तब मिले जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध करार दिया, जिससे निवेशकों की धारणा मजबूत हुई।
BSE Sensex 479.95 अंक यानी 0.58% बढ़कर 83,294.66 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 141.75 अंक यानी 0.55% की तेजी के साथ 25,713 पर पहुंच गया।
क्षेत्रवार प्रदर्शन
पीएसयू बैंक में सबसे अधिक तेजी:
निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.36% चढ़ा। सरकारी बैंकों में बेहतर एसेट क्वालिटी और स्थिर कर्ज वृद्धि की उम्मीदों ने निवेशकों को आकर्षित किया।
निजी बैंक और वित्तीय शेयर मजबूत:
बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखी गई। तरलता की स्थिति और ऋण मांग में सुधार की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा कायम रहा।
हेल्थकेयर में बढ़त:
निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर इंडेक्स 1.03% ऊपर बंद हुआ। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने रक्षात्मक माने जाने वाले फार्मा शेयरों में रुचि दिखाई।
ऑटो सेक्टर में मजबूती:
घरेलू मांग में स्थिरता और कच्चे माल की कीमतों में नरमी की उम्मीद से ऑटो शेयरों में तेजी रही।
आईटी सेक्टर दबाव में:
निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। अमेरिकी बाजार में संभावित सुस्ती और निर्यात को लेकर चिंताओं के चलते आईटी शेयरों में बिकवाली देखी गई।
सेंसेक्स के प्रमुख बढ़ने वाले शेयर
सबसे अधिक बढ़त Adani Ports & SEZ में रही, जो 2.98% चढ़ा। इसके अलावा Kotak Mahindra Bank, UltraTech Cement, Power Grid Corporation of India, Hindustan Unilever, HDFC Bank, Axis Bank, Bharti Airtel, State Bank of India, Titan Company, Mahindra & Mahindra और Larsen & Toubro प्रमुख बढ़त में रहे।
प्रमुख गिरने वाले शेयर
गिरावट वाले शेयरों में Infosys, Tech Mahindra, HCL Technologies, Tata Consultancy Services, Bajaj Finserv, ITC Limited, Tata Steel और InterGlobe Aviation शामिल रहे।
व्यापक बाजार और आगे की दिशा
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिश्रित रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 0.43% गिरा, जबकि स्मॉलकैप 0.29% बढ़ा।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। इससे वस्त्र, फार्मा, रत्न-जवाहरात और मशीनरी जैसे निर्यात आधारित क्षेत्रों पर दबाव बन सकता है।
फिलहाल घरेलू आर्थिक संकेतक और वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेत बाजार की धारणा को सहारा दे रहे हैं। निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश प्रवाह और आगामी वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी।








