Last Updated on June 11, 2026 5:36 pm by BIZNAMA NEWS
AMN / BIZ DESK
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली और अमेरिका में उम्मीद से अधिक महंगाई के आंकड़ों के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। साप्ताहिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के कारण भी बाजार में अस्थिरता बनी रही।
कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही और प्रमुख सूचकांकों ने शुरुआती सत्र में बढ़त दर्ज की, लेकिन दिन चढ़ने के साथ निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), रसायन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जबकि फार्मा और निजी बैंकिंग शेयरों ने कुछ हद तक बाजार को सहारा दिया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 150.63 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,832.55 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 सूचकांक 53.35 अंक यानी 0.23 प्रतिशत टूटकर 23,161.60 पर आ गया। कारोबार के दौरान निफ्टी 23,327.45 के उच्च स्तर तक पहुंचा था, लेकिन अंतिम सत्र में बिकवाली के चलते 23,200 के स्तर से नीचे फिसल गया।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंका ने भी निवेश धारणा को प्रभावित किया है।
निफ्टी के प्रमुख कमजोर शेयरों में इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो शामिल रहे। इंफोसिस में 2.25 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस में 1.37 प्रतिशत और एलएंडटी में 1.17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में भी कमजोरी देखने को मिली। बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.83 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 0.72 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। बाजार की चौड़ाई नकारात्मक रही। बीएसई में जहां 1,384 शेयरों में बढ़त रही, वहीं 2,807 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो आईटी शेयरों में सबसे अधिक दबाव रहा। निफ्टी आईटी सूचकांक 1.62 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ और लगातार सातवें कारोबारी सत्र में नुकसान दर्ज किया। इस दौरान आईटी सूचकांक में कुल मिलाकर 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है।
एलटीआईमाइंडट्री, इंफोसिस, ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), टेक महिंद्रा, विप्रो, एमफैसिस और कोफोर्ज भी लाल निशान में बंद हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तकनीकी खर्च में संभावित सुस्ती और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता आईटी क्षेत्र पर दबाव बनाए हुए है।
अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़ों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। मई 2026 में अमेरिकी उपभोक्ता महंगाई दर बढ़कर 4.2 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो अप्रैल में 3.8 प्रतिशत थी। यह अप्रैल 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। ऊर्जा कीमतों में तेज बढ़ोतरी इसके प्रमुख कारणों में रही।
महंगाई के बढ़ते दबाव से यह आशंका मजबूत हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती को और टाल सकता है। निवेशकों की नजर अब अमेरिका के उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) के आंकड़ों पर है, जिससे ब्याज दरों की भविष्य की दिशा के संकेत मिल सकते हैं।
वैश्विक बाजारों में भी दबाव का माहौल रहा। वॉल स्ट्रीट में पिछली रात आई भारी गिरावट के बाद अधिकांश एशियाई बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सख्त रुख और आगे भी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल कीमतों को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
कॉरपोरेट मोर्चे पर कई शेयर खबरों के चलते चर्चा में रहे। एमटार टेक्नोलॉजीज लगभग 11 प्रतिशत टूट गया। कंपनी के प्रमुख ग्राहक से जुड़े एक बड़े अमेरिकी डेटा सेंटर प्रोजेक्ट में देरी की खबर के बाद निवेशकों ने शेयर में बिकवाली की।
पीपीएपी ऑटोमोटिव 20 प्रतिशत के अपर सर्किट पर पहुंच गया। कंपनी ने वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी हचिंसन के साथ तकनीकी साझेदारी की घोषणा की है, जिसके तहत भारत में उन्नत ऑटोमोबाइल बॉडी सीलिंग सिस्टम का निर्माण किया जाएगा।
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज में 8 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। कंपनी के बोर्ड ने रणनीतिक विस्तार और कारोबारी योजनाओं के लिए कम से कम 2,300 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
3आई इंफोटेक को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन से 37 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने की खबर के बाद शेयर में 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। वहीं, वास्कॉन इंजीनियर्स को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) से 347 करोड़ रुपये का ठेका मिलने पर शेयर में 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी रहेगी। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बाजार में सतर्कता का माहौल बना रह सकता है, हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद लंबी अवधि में निवेशकों का भरोसा बनाए रख सकती है।

