Last Updated on March 25, 2026 8:53 pm by BIZNAMA NEWS

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विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की भारी बिकवाली और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारतीय रुपया बुधवार को कमजोर होकर 94.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पहले मंगलवार को यह 93.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

वैश्विक स्तर पर कुछ सकारात्मक संकेतों के बावजूद रुपये को मजबूती नहीं मिल सकी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अपेक्षाकृत कमजोर डॉलर और घरेलू शेयर बाजार में तेज़ी के बावजूद स्थानीय मुद्रा पर दबाव बना रहा।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 93.94 प्रति डॉलर पर खुला और दिनभर में 93.86 से 94.13 के दायरे में कारोबार करता रहा, लेकिन अंततः कमजोर होकर बंद हुआ।

इस बीच डॉलर इंडेक्स इस महीने की शुरुआत में बने दस महीने के उच्च स्तर से नीचे बना रहा, क्योंकि वैश्विक बाजार ईरान से जुड़े तनाव में संभावित कमी की उम्मीदों का आकलन कर रहे हैं। हालांकि विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी ने रुपये पर दबाव बनाए रखा।

दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखी गई। निफ्टी 50 1.72 प्रतिशत बढ़कर 23,306.45 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 1.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,273.46 पर पहुंच गया। बाजार में यह तेजी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों के कारण देखी गई।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कमजोर डॉलर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं के लिए सहायक होते हैं, लेकिन विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक अनिश्चितता फिलहाल रुपये पर दबाव बनाए हुए है।

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