Last Updated on April 20, 2026 10:58 pm by BIZNAMA NEWS
AMN / BIZ DESK
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार लगभग सपाट बंद हुए, क्योंकि अमेरिका–ईरान के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों के रुख को सतर्क बनाए रखा। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
प्रमुख सूचकांकों में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया। Nifty 50 0.05% की मामूली बढ़त के साथ 24,364.85 पर बंद हुआ, जबकि BSE Sensex 0.03% की हल्की बढ़त के साथ 78,520.30 पर बंद हुआ। यह संकेत देता है कि बाजार फिलहाल किसी स्पष्ट दिशा में नहीं है।
भूराजनीतिक तनाव का असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के आसपास की स्थिति, निवेशकों के लिए चिंता का मुख्य कारण बनी रही। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ने का खतरा है।
सेक्टरवार प्रदर्शन: मिला-जुला रुख
सेक्टोरल स्तर पर बाजार में मिश्रित रुझान देखने को मिला:
- मीडिया सेक्टर में 0.65% की बढ़त दर्ज की गई, जिसे विज्ञापन और डिजिटल ग्रोथ की उम्मीदों का समर्थन मिला।
- ऑटो सेक्टर में 0.16% की हल्की तेजी रही, हालांकि ईंधन कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है।
वहीं कई प्रमुख सेक्टरों में दबाव देखने को मिला:
- FMCG शेयरों में गिरावट, क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से लागत बढ़ने का डर है।
- आईटी सेक्टर में कमजोरी, वैश्विक मांग को लेकर अनिश्चितता के चलते।
- मेटल सेक्टर में गिरावट, वैश्विक मांग में सुस्ती की आशंका के कारण।
- फार्मा सेक्टर में मुनाफावसूली देखने को मिली।
- बैंकिंग और फाइनेंशियल्स, खासकर निजी बैंक, जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण दबाव में रहे।
- रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स भी कमजोरी के साथ बंद हुए।
कमोडिटी बाजार: कच्चा तेल उछला
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतें प्रमुख फोकस में रहीं। Brent Crude 4% से अधिक बढ़कर 94.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका है।
वहीं सोना सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत बना रहा और 24 कैरेट सोना ₹1,53,362 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर चांदी में 2.24% की गिरावट आई और यह ₹2,51,381 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
आगे का रुख
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की दिशा निकट भविष्य में वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। यदि अमेरिका–ईरान तनाव और बढ़ता है या तेल आपूर्ति बाधित होती है, तो इसका असर बाजार पर और गहरा पड़ सकता है।
फिलहाल निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बाजार में स्टॉक-विशेष गतिविधियां तथा सेक्टर रोटेशन देखने को मिल सकता है।

