Last Updated on April 18, 2026 12:24 am by BIZNAMA NEWS
बिजनेस डेस्क
भारतीय शेयर बाजारों ने सप्ताह का समापन मजबूती के साथ किया, जहां शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद निवेशकों का भरोसा लौटा और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को सहारा दिया।
सप्ताह के अंत में Nifty 50 24,300 के ऊपर बंद हुआ, जबकि BSE Sensex 78,500 के करीब पहुंच गया। यह बढ़त मुख्य रूप से बेहतर वैश्विक संकेतों और चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी से संभव हुई।
वैश्विक संकेतों से मिला सहारा
इस सप्ताह बाजार की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका पश्चिम एशिया में तनाव में कमी की रही। Iran, Israel और United States के बीच जारी तनाव में नरमी और Lebanon में युद्धविराम की खबरों ने निवेशकों की चिंता कम की।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी एक महत्वपूर्ण कारक रही। ब्रेंट क्रूड 97 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जिससे महंगाई को लेकर चिंता कम हुई और आयात पर निर्भर भारत के लिए राहत मिली।
सेक्टोरल प्रदर्शन: एफएमसीजी और मेटल्स आगे
इस सप्ताह सेक्टरों का प्रदर्शन मिश्रित लेकिन सकारात्मक रहा। एफएमसीजी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, क्योंकि लागत दबाव कम होने की उम्मीद जगी। मेटल और ऊर्जा सेक्टर में भी मजबूती रही।
वहीं आईटी सेक्टर दबाव में रहा, क्योंकि वैश्विक मांग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। फार्मा शेयरों में भी सीमित दायरे में कारोबार हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप की शानदार बढ़त
इस सप्ताह व्यापक बाजार ने प्रमुख सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूत तेजी देखने को मिली, जो घरेलू निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
बाजार की चौड़ाई भी मजबूत रही, जहां अधिकतर सत्रों में बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वालों से ज्यादा रही।
अस्थिरता में कमी, लेकिन सतर्कता जरूरी
India VIX में गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार में कम होती अनिश्चितता का संकेत है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रम के चलते अस्थिरता कभी भी लौट सकती है।
मुद्रा, बॉन्ड और कमोडिटी बाजार
रुपया इस सप्ताह डॉलर के मुकाबले थोड़ा कमजोर हुआ, जो वैश्विक मुद्रा बाजारों के रुझान को दर्शाता है। वहीं 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड स्थिर बनी रही।
सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आई, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग में कमी का संकेत मिला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बाजार के लिए सकारात्मक रही।
वैश्विक बाजारों का प्रभाव
वैश्विक बाजारों ने इस सप्ताह सकारात्मक संकेत दिए। S&P 500 और Nasdaq Composite नए उच्च स्तर पर पहुंचे, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
यूरोपीय बाजारों में भी तेजी रही, जबकि एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला।
स्टॉक विशेष हलचल
इस सप्ताह कई शेयरों में खास हलचल देखने को मिली:
- Apollo Micro Systems में रक्षा लाइसेंस मिलने के बाद जोरदार तेजी
- Bajaj Consumer Care और Angel One में मजबूत नतीजों के चलते उछाल
- CRISIL और VST Industries में अच्छे वित्तीय प्रदर्शन के कारण तेजी
- Rail Vikas Nigam जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में मजबूती
वहीं Alok Industries जैसे कुछ शेयरों में कमजोर नतीजों के चलते गिरावट देखी गई।
आईपीओ बाजार में सक्रियता
प्राथमिक बाजार में भी गतिविधि बनी रही। Om Power Transmission का शेयर प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुआ, जो निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी को दर्शाता है।
अगले सप्ताह का दृष्टिकोण
आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा इन कारकों पर निर्भर करेगी:
- पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक स्थिति
- कच्चे तेल की कीमतों का रुख
- वैश्विक ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों के संकेत
- कंपनियों के तिमाही नतीजे
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती और लचीलापन दिखाया। मजबूत घरेलू आर्थिक आधार और बेहतर वैश्विक संकेतों ने बाजार को सहारा दिया। हालांकि, निवेशकों को ऊंचे स्तरों पर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताएं अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।

