Last Updated on May 6, 2026 10:14 pm by BIZNAMA NEWS
हमारे बिजनेस संवाददाता द्वारा
घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को जोरदार तेजी दर्ज की गई, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट ने भी बाजार को समर्थन दिया।
सत्र की शुरुआत ही मजबूत रही, जहां एशियाई और यूरोपीय बाजारों में तेजी का असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं, जिससे आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था भारत के लिए राहत की स्थिति बनी। वहीं, रुपया भी मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले करीब 94 के स्तर के आसपास पहुंच गया।
बीएसई सेंसेक्स 940.73 अंक या 1.22% की बढ़त के साथ 77,958.52 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 298.15 अंक या 1.24% चढ़कर 24,330.95 पर पहुंच गया। इस तेजी में बैंकिंग शेयरों की अहम भूमिका रही। एफएमसीजी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे प्रमुख शेयरों ने बाजार को मजबूती दी। व्यापक बाजार में भी तेजी रही, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक 1.5% से अधिक चढ़े, जो निवेशकों की व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।
बाजार की चौड़ाई भी मजबूत रही, जहां बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों से कहीं अधिक रही। वहीं, इंडिया VIX में गिरावट आई, जो बाजार में घटती अस्थिरता का संकेत है।
वैश्विक संकेत और तेल में गिरावट
निवेशकों का मनोबल अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों से मजबूत हुआ। मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद से वैश्विक आपूर्ति में सुधार की संभावना बनी है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे देशों के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे महंगाई पर दबाव कम होता है और आर्थिक स्थिति बेहतर होती है।
वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। एशियाई और यूरोपीय बाजारों में तेजी रही, जबकि अमेरिकी वायदा बाजारों ने भी मजबूत शुरुआत के संकेत दिए।
घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत संकेत
मैक्रो-आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो भारत के सेवा क्षेत्र में मजबूती बनी हुई है। एचएसबीसी सर्विसेज पीएमआई अप्रैल में बढ़कर 58.8 पर पहुंच गया, जो हाल के महीनों में सबसे तेज विस्तार को दर्शाता है।
कंपोजिट पीएमआई में भी वृद्धि दर्ज की गई, जो निजी क्षेत्र की गतिविधियों में निरंतर सुधार का संकेत है।
मुद्रा, बॉन्ड और कमोडिटी बाजार
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया मजबूत हुआ, जिसे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और पूंजी प्रवाह का समर्थन मिला। बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट आई, जो ब्याज दरों को लेकर स्थिर उम्मीदों को दर्शाती है।
सोने की कीमतों में हल्की तेजी रही, जबकि डॉलर इंडेक्स में कमजोरी देखी गई। कच्चे तेल में तेज गिरावट ने बाजार के रुख को सकारात्मक बनाए रखा।
फोकस में रहे शेयर
सरकार द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के लिए क्रेडिट सहायता योजना को मंजूरी मिलने के बाद एविएशन सेक्टर के शेयरों में तेजी देखी गई। आईटी और फार्मा शेयरों में भी अच्छे नतीजों के चलते खरीदारी हुई।
कोफोर्ज और अजंता फार्मा जैसे शेयरों में मजबूत नतीजों के कारण तेजी रही। वहीं रियल एस्टेट और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखी।
हालांकि, कुछ शेयरों में मुनाफावसूली भी देखी गई, जैसे लार्सन एंड टुब्रो, जिसमें अच्छे नतीजों के बावजूद हल्की गिरावट दर्ज हुई।
आगे की राह
आने वाले समय में निवेशकों की नजर अमेरिका–ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर बनी रहेगी। मजबूत घरेलू आर्थिक आंकड़े और विदेशी निवेश प्रवाह बाजार को आगे भी समर्थन दे सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

