Last Updated on May 16, 2026 8:38 pm by BIZNAMA NEWS
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सरकार द्वारा 30 सितंबर तक चीनी के निर्यात पर अचानक प्रतिबंध लगाने के फैसले से चीनी उद्योग में हड़कंप मच गया है। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि सरकार ने हाल ही में 15 लाख टन के अलावा 5 लाख टन अतिरिक्त चीनी निर्यात की अनुमति दी थी।
जहाँ एक तरफ सरकार का मानना है कि इस कदम से घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें नियंत्रित रहेंगी और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर उद्योग विशेषज्ञों ने इसे एक ‘जल्दबाजी में लिया गया फैसला’ बताया है, जिससे लंबे समय में किसानों को नुकसान हो सकता है।
घरेलू कीमतों और कम स्टॉक का दबाव
विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार के इस कदम के पीछे घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतें और कम स्टॉक की चिंताएं हैं:
- कीमतों में उछाल: पिछले कुछ हफ्तों में चीनी की मिल कीमतें 35-36 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 38-40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं।
- उत्पादन में गिरावट: सीजन 2025-26 में चीनी का उत्पादन पहले के अनुमानित 290 लाख टन से घटकर लगभग 279.5 लाख टन रहने की आशंका है।
- घटता क्लोजिंग स्टॉक: इस सीजन क्लोजिंग स्टॉक 38-39 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 50 लाख टन से काफी कम है।
विशेषज्ञ की राय: उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस प्रतिबंध से सरकार केवल 2 लाख टन चीनी ही बचा पाएगी, जो निर्यात होनी थी। ऐसे में कुल घरेलू आपूर्ति पर इसका कितना सकारात्मक असर पड़ेगा, यह कहना मुश्किल है।
किसान और उद्योग संगठन ने जताई कड़ी नाराजगी
- किसानों का बढ़ेगा बकाया: किसान नेता राजू शेट्टी ने इस फैसले की तीखी आलोचना करते हुए इसे ‘अविवेकपूर्ण’ बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे चीनी मिलों और किसानों दोनों का बकाया बढ़ेगा।
- वैश्विक साख को खतरा: इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि जिन मिलों ने विदेशी खरीदारों के साथ पहले ही सौदे कर लिए हैं, उनके लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो जाएगी। उन्होंने मांग की कि पहले से हुए अनुबंधों (Contracts) को पूरा करने की अनुमति दी जाए ताकि वैश्विक बाजार में भारतीय आपूर्तिकर्ताओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
शेयर बाजार में कोहराम: चीनी कंपनियों के शेयर धराशायी
निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध की खबर आते ही चीनी कंपनियों के शेयरों में 7 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।
प्रमुख कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट का विवरण नीचे तालिका में देखें:
| चीनी कंपनी का नाम | शेयर में गिरावट (%) |
| घाटमपुर शुगर मिल्स | 6.95% |
| द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज | 6.65% |
| उत्तम शुगर मिल्स | 5.60% |
| बजाज हिंदुस्तान शुगर | 4.95% |
| मवाना शुगर्स | 4.83% |
| डालमिया भारत शुगर | 3.98% |
| त्रिवेणी इंजीनियरिंग | 3.85% |
| राजश्री शुगर्स | 3.42% |
| श्री रेणुका शुगर्स | 2.13% |

