Last Updated on May 15, 2026 12:37 am by BIZNAMA NEWS

AMN / नई दिल्ली
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नागरिकों से ईंधन, विदेशी यात्रा, सोना और आवश्यक वस्तुओं पर खर्च कम करने की कथित अपील को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे सरकार की आर्थिक और विदेश नीति की विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास बताया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विदेश विभाग द्वारा जारी बयान में कहा गया कि देश की बढ़ती ऊर्जा असुरक्षा भाजपा सरकार की नीतियों का परिणाम है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता काफी बढ़ी है।
पार्टी ने रूस से तेल आयात के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। बयान में कहा गया कि भारत पहले रियायती दरों पर रूसी कच्चा तेल खरीदकर लाभ उठा रहा था, लेकिन अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से देश की ऊर्जा संप्रभुता कमजोर हुई है और महंगे आयात पर निर्भरता बढ़ी है।
कांग्रेस ने विदेशी मुद्रा भंडार और निवेश के मुद्दे पर भी चिंता जताई। पार्टी के अनुसार रुपये को संभालने के लिए सरकार ने अरबों डॉलर खर्च किए, जबकि विदेशी निवेशकों की निकासी लगातार जारी है। कांग्रेस ने इसे मोदी सरकार में घटते निवेशक विश्वास का संकेत बताया।
पार्टी ने प्रधानमंत्री की सोने की खरीद और उपभोक्ता खर्च कम करने की अपील की भी आलोचना की। कांग्रेस का कहना है कि घरेलू खपत भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख ताकत है और खर्च में कमी से आर्थिक वृद्धि, रोजगार और घरेलू वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
बयान में बढ़ती बेरोजगारी और खरीफ सीजन से पहले उर्वरक उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई गई तथा सरकार पर खाद्य और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया गया।
कांग्रेस ने पूर्व सरकारों के दौर से की जा रही तुलना को भी खारिज करते हुए कहा कि जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें गिरी थीं, तब भाजपा सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में भारी वृद्धि की थी।
पार्टी ने कहा कि विदेशी मुद्रा संकट का समाधान नागरिकों से खर्च कम कराने में नहीं, बल्कि निर्यात, निवेश, पर्यटन और बेहतर आर्थिक प्रबंधन को मजबूत करने में है।
