Last Updated on June 23, 2026 6:04 pm by BIZNAMA NEWS

हमारे बिज़नेस संवाददाता से

घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को व्यापक बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, विदेशी निवेशकों की निकासी, हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली और घरेलू आर्थिक गतिविधियों में नरमी के संकेतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया और बाजार पूरे कारोबारी सत्र में दबाव में बना रहा।

दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 893.39 अंक यानी 1.16 प्रतिशत गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 278.80 अंक यानी 1.16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 23,824.10 पर बंद हुआ। इस गिरावट के साथ निफ्टी 23,850 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया।

वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू चिंताओं का दोहरा असर

विश्लेषकों के अनुसार बाजार पर कई मोर्चों से दबाव बना। एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने जोखिम लेने की क्षमता को कमजोर किया।

दक्षिण कोरिया सहित कई एशियाई बाजारों में तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। वहीं वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी शेयरों में कमजोरी ने यह संकेत दिया कि लंबे समय से चल रही एआई-आधारित तेजी अब मूल्यांकन के स्तर पर चुनौती का सामना कर सकती है।

इसके अलावा अमेरिका में मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करने के लिए फेडरल रिजर्व द्वारा लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने की आशंका भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर रही है।

आईटी और मेटल शेयरों में सबसे अधिक दबाव

मंगलवार की गिरावट में सूचना प्रौद्योगिकी और धातु क्षेत्र प्रमुख नुकसान उठाने वालों में रहे। वैश्विक मांग में नरमी और कमोडिटी कीमतों में कमजोरी की आशंकाओं ने इन क्षेत्रों में बिकवाली को बढ़ाया।

निफ्टी के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में:

  • इन्फोसिस — 3.42% की गिरावट
  • एचडीएफसी बैंक — 1.75% नीचे
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज — 1.55% कमजोर

हालांकि बाजार की इस कमजोरी के बीच फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और इनमें चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली।

व्यापक बाजार भी दबाव से अछूता नहीं रहा:

  • बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.88% गिरा
  • बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.62% नीचे बंद हुआ

एनएसई पर गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से काफी अधिक रही, जो बाजार की व्यापक कमजोरी को दर्शाता है।

बढ़ी अस्थिरता, निवेशकों में सतर्कता

बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का असर अस्थिरता सूचकांक पर भी दिखा।

इंडिया VIX, जिसे बाजार का ‘फियर इंडेक्स’ कहा जाता है, 8.56 प्रतिशत बढ़कर 13.94 पर पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक निकट अवधि में अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना देख रहे हैं।

दूसरी ओर डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्की कमजोरी और मजबूत अमेरिकी डॉलर ने भी उभरते बाजारों पर दबाव बनाए रखा।

आर्थिक संकेतकों ने बढ़ाई चिंता

मंगलवार को जारी आर्थिक आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि देश की आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार कुछ धीमी पड़ रही है।

मई 2026 में देश के आठ प्रमुख आधारभूत उद्योगों की वृद्धि दर घटकर केवल 0.5 प्रतिशत रह गई, जो पिछले लगभग दो वर्षों के सबसे कमजोर स्तरों में से एक है।

आठ में से पांच क्षेत्रों में उत्पादन घटा।

  • कच्चे तेल का उत्पादन लगातार कमजोर रहा
  • प्राकृतिक गैस उत्पादन में भी गिरावट दर्ज हुई
  • उर्वरक क्षेत्र लगातार तीसरे महीने संकुचन में रहा

हालांकि कुछ क्षेत्रों ने राहत दी:

  • बिजली उत्पादन में 8.7% वृद्धि
  • सीमेंट उत्पादन 8.4% बढ़ा
  • स्टील उत्पादन 5% बढ़ा, लेकिन इसकी गति भी पहले की तुलना में धीमी रही

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि औद्योगिक वृद्धि अब कुछ सीमित क्षेत्रों पर निर्भर दिखाई दे रही है।

पीएमआई आंकड़ों ने भी धीमी होती गतिविधि का संकेत दिया

एचएसबीसी और एसएंडपी ग्लोबल के फ्लैश अनुमान के अनुसार जून में निजी क्षेत्र की गतिविधियों में भी नरमी आई।

  • मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 55.0 से घटकर 54.5
  • सर्विसेज पीएमआई 59.8 से घटकर 57.3
  • कंपोजिट पीएमआई 59.3 से घटकर 57.4

हालांकि ये आंकड़े अब भी विस्तार क्षेत्र में हैं, लेकिन वृद्धि की गति धीमी होने का संकेत दे रहे हैं।

कमोडिटी, मुद्रा और वैश्विक संकेत

कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट आई जबकि ब्रेंट क्रूड में भी नरमी रही। निवेशकों का ध्यान अब भू-राजनीतिक जोखिमों से हटकर मांग और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर केंद्रित होता दिखा।

अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी उभरते बाजारों में निवेश को प्रभावित किया।

शेयरों में चुनिंदा हलचल

कमजोर बाजार के बावजूद कुछ शेयर खबरों के दम पर चर्चा में रहे:

  • एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स में ब्रोकरेज समर्थन के बाद तेजी
  • वेदांता में ब्लॉक डील की खबरों के बीच भारी गिरावट
  • इन्फो एज ने एआई और स्टार्टअप निवेश पर मजबूत रिटर्न का दावा किया
  • एनपीएसटी को यूपीआई प्लेटफॉर्म से जुड़ा ऑर्डर मिला
  • सिर्मा एसजीएस टेक्नोलॉजी ने संयुक्त उद्यम की घोषणा की
  • बिरला कॉरपोरेशन ने कोयला उत्पादन शुरू किया
  • लेमन ट्री होटल्स ने नेपाल में विस्तार की घोषणा की

आईपीओ बाजार में मिला-जुला रुझान

प्राथमिक बाजार में निवेशकों का रुझान मिश्रित रहा।

अद्वित ज्वेल्स को मजबूत प्रतिक्रिया मिली, जबकि टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस को मध्यम स्तर का समर्थन मिला। दूसरी ओर वाटरवेज़ लीजर टूरिज्म के आईपीओ को शुरुआती चरण में अपेक्षाकृत कमजोर प्रतिक्रिया मिली।

आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक मुद्रास्फीति आंकड़ों, केंद्रीय बैंकों के संकेतों, कॉर्पोरेट नतीजों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से तय होगी। दीर्घकाल में भारत की विकास संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं, लेकिन निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अस्वीकरण: यह रिपोर्ट केवल समाचार एवं सूचना उद्देश्य के लिए तैयार की गई है। इसे निवेश सलाह, खरीद या बिक्री की सिफारिश अथवा भविष्य के रिटर्न की गारंटी के रूप में न देखा जाए। निवेश से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना उचित होगा।