Last Updated on July 14, 2026 10:40 pm by BIZNAMA NEWS
सेंसेक्स 561 अंक टूटा, निफ्टी 24,100 के नीचे बंद; आईटी, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में बिकवाली, फार्मा और मेटल ने दिखाई मजबूती
हमारे व्यापार संवाददाता
कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। व्यापक बिकवाली के चलते बीएसई सेंसेक्स 561 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,100 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया।
बीएसई सेंसेक्स 561.46 अंक यानी 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी-50 158.95 अंक यानी 0.66 प्रतिशत टूटकर 24,052.05 पर आ गया। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में 1.45 प्रतिशत और निफ्टी में 1.38 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
बढ़ती ऊर्जा कीमतों के कारण महंगाई के फिर तेज होने की आशंका और वैश्विक ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं पर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। बाजार की नजर अब पहली तिमाही (Q1) के कॉरपोरेट नतीजों पर भी बनी हुई है।
व्यापक बिकवाली का दबाव
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी रही। बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.54 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 1.08 प्रतिशत फिसल गया।
बीएसई पर बाजार की चौड़ाई नकारात्मक रही। कुल 2,737 शेयरों में गिरावट, 1,501 शेयरों में बढ़त जबकि 203 शेयर अपरिवर्तित रहे।
बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडिया वीआईएक्स 3.53 प्रतिशत बढ़कर 13.75 पर पहुंच गया।
निफ्टी के प्रमुख बढ़ने वाले शेयर
- बायोकॉन : +6.34%
- पीडीएस : +5.89%
- वेलस्पन कॉर्प : +4.08%
- फार्मा शेयरों में रक्षात्मक खरीदारी देखने को मिली।
- मेटल शेयरों ने भी बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया।
निफ्टी के प्रमुख गिरने वाले शेयर
- एचसीएल टेक्नोलॉजीज : -4.63%
- भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) : -2.34%
- लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) : -2.11%
- एचडीएफसी बैंक : -1.09%
आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखी गई।
महंगाई ने बढ़ाई चिंता
जारी आर्थिक आंकड़ों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई जून 2026 में बढ़कर 9.87 प्रतिशत हो गई, जो मई में 9.68 प्रतिशत थी। खाद्य वस्तुओं, खनिज तेल, बेसिक मेटल तथा रसायनों की कीमतों में वृद्धि इसका प्रमुख कारण रही। जून के आंकड़े संशोधित WPI श्रृंखला (आधार वर्ष 2022-23) पर आधारित हैं।
वहीं खुदरा महंगाई (CPI) जून में बढ़कर 4.38 प्रतिशत हो गई, जो मई में 3.93 प्रतिशत थी। यह लगातार 17 महीनों बाद पहली बार भारतीय रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर पहुंची है। जून में खाद्य महंगाई 5.32 प्रतिशत और परिवहन महंगाई 4.3 प्रतिशत दर्ज की गई।
कच्चे तेल में तेज उछाल
सितंबर डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड 4.19 प्रतिशत बढ़कर 86.79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे आयातित महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
भारत के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 6.804 प्रतिशत हो गई। वहीं एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.54 प्रतिशत चढ़कर 1,41,060 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
रुपया डॉलर के मुकाबले 96.26 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि पिछले सत्र में यह 95.68 पर बंद हुआ था।
वैश्विक बाजारों में दबाव
यूरोपीय बाजारों में भी गिरावट रही क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से वैश्विक महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
एशियाई बाजार अधिकांशतः बढ़त के साथ बंद हुए, हालांकि तेल कीमतों में तेजी के कारण निवेशकों का उत्साह सीमित रहा।
अमेरिकी बाजारों में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। एसएंडपी 500 0.79 प्रतिशत, नैस्डैक 1.55 प्रतिशत और डॉव जोंस 138 अंक फिसल गया। निवेशकों को आशंका है कि ऊंची तेल कीमतें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की संभावना को टाल सकती हैं।
सुर्खियों में रहे शेयर
बायोकॉन के शेयर 6.34 प्रतिशत चढ़ गए। खबरों के अनुसार, वायट्रिस की सहयोगी कंपनी मायलन लगभग 3,481 करोड़ रुपये के ब्लॉक डील के जरिए अपनी पूरी 5.6 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 17 साल पुरानी साझेदारी समाप्त करने की तैयारी में है।
लैंडमार्क कार्स के शेयर 20 प्रतिशत के अपर सर्किट पर पहुंच गए। कंपनी की पहली तिमाही की आय में 22.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
एचसीएल टेक्नोलॉजीज के मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद शेयर 4.63 प्रतिशत टूट गया क्योंकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपना राजस्व वृद्धि अनुमान बरकरार रखा।
पीडीएस के शेयर 5.89 प्रतिशत उछले। कंपनी को फ्रांस स्थित एक प्रमुख सुपरमार्केट समूह की वैश्विक सोर्सिंग इकाई से बहुवर्षीय अनुबंध मिला है।
वेलस्पन कॉर्प को भारत से लगभग 1,400 करोड़ रुपये के पाइप आपूर्ति ऑर्डर मिलने के बाद उसके शेयर 4.08 प्रतिशत मजबूत हुए।
वहीं ईएमएस, खैतान केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स तथा कृष्णा फॉसकेम के शेयर तिमाही नतीजों के बाद दबाव में रहे।
आईपीओ अपडेट
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ पहले दिन दोपहर बाद तक 0.66 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसका प्राइस बैंड 545-574 रुपये प्रति शेयर है और यह 16 जुलाई तक खुला रहेगा।
अल्फाइन टेक्सवर्ल्ड का आईपीओ पहले दिन 0.27 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसका प्राइस बैंड 100-105 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।
आगे की राह
विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा मुख्य रूप से पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, घरेलू महंगाई के रुख और पहली तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों से तय होगी। इसके अलावा अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियां भी वैश्विक बाजारों की चाल पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती हैं।

