Last Updated on July 30, 2026 10:32 pm by BIZNAMA NEWS

हमारे बिजनेस संवाददाता से

घरेलू शेयर बाजार ने गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता के बावजूद निवेशकों ने मजबूत तिमाही नतीजे घोषित करने वाली कंपनियों में जमकर खरीदारी की। ऑटोमोबाइल, ऊर्जा तथा चुनिंदा उपभोक्ता टिकाऊ (कंज्यूमर ड्यूरेबल्स) कंपनियों के शेयरों में अच्छी लिवाली देखने को मिली, जबकि निजी बैंकों और वित्तीय कंपनियों में मुनाफावसूली के कारण बाजार की तेजी सीमित रही।

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 273.55 अंक (0.35 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 77,928.15 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी-50 66.95 अंक (0.28 प्रतिशत) चढ़कर 24,317.15 अंक पर बंद हुआ और एक बार फिर 24,300 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहा।

पिछले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 1.51 प्रतिशत तथा निफ्टी में 1.38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों के विश्वास में सुधार दिखाई दे रहा है।

तकनीकी संकेत अब भी सकारात्मक

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी फिलहाल 24,200 अंक के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे निकट अवधि में बाजार की सकारात्मक धारणा बनी हुई है। हालांकि ऊंचे स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन मजबूत कॉरपोरेट आय और चुनिंदा ब्लूचिप शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती प्रदान की।

विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक फिलहाल व्यापक खरीदारी के बजाय मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

महिंद्रा, रिलायंस और एचडीएफसी बैंक ने संभाला बाजार

निफ्टी को सबसे अधिक सहारा देने वाले शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम), रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक शामिल रहे।

महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 2.26 प्रतिशत चढ़ गए। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 33.58 प्रतिशत बढ़कर 5,454.54 करोड़ रुपये हो गया, जबकि परिचालन से आय 27.8 प्रतिशत बढ़कर 58,187.57 करोड़ रुपये पहुंच गई। ऑटोमोबाइल और कृषि उपकरण कारोबार में मजबूत मांग का लाभ कंपनी को मिला।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 1.06 प्रतिशत मजबूत हुए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहने से ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।

एचडीएफसी बैंक में 0.70 प्रतिशत की तेजी रही, हालांकि अन्य निजी बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की कुल बढ़त सीमित रही।

व्यापक बाजार का मिला-जुला प्रदर्शन

मुख्य सूचकांकों की तुलना में व्यापक बाजार का प्रदर्शन मिश्रित रहा।

बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.29 प्रतिशत फिसल गया, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 0.83 प्रतिशत गिरा। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने फिलहाल बड़ी और मजबूत कंपनियों को प्राथमिकता दी।

बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) भी पूरी तरह सकारात्मक नहीं रही। बीएसई में 1,690 शेयरों में तेजी, जबकि 2,527 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 200 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

वोलैटिलिटी में हल्की बढ़ोतरी

बाजार की अस्थिरता मापने वाला सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 1.22 प्रतिशत बढ़कर 12.16 पर पहुंच गया। यह दर्शाता है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर निवेशकों में अभी भी कुछ सतर्कता बनी हुई है।

बॉन्ड, रुपया और कमोडिटी बाजार

भारतीय बॉन्ड बाजार में 10 वर्षीय सरकारी प्रतिभूति (जी-सेक) की प्रतिफल दर (यील्ड) बढ़कर 6.807 प्रतिशत हो गई, जो पिछले कारोबारी सत्र में 6.796 प्रतिशत थी।

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। रुपया 95.7625 के पिछले बंद स्तर से सुधरकर लगभग 95.6250 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।

सोने में भी मजबूती देखने को मिली। एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना वायदा 0.72 प्रतिशत बढ़कर 1,42,801 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

उधर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.13 प्रतिशत घटकर 100.69 पर रहा, जबकि अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड करीब 4.69 प्रतिशत के स्तर पर बनी रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहा और सितंबर डिलीवरी का अनुबंध बढ़कर 90.87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा।

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत

यूरोपीय शेयर बाजारों में तेजी रही क्योंकि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यूरोजोन की अर्थव्यवस्था दूसरी तिमाही में 0.4 प्रतिशत बढ़ी, जबकि बाजार केवल 0.2 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद कर रहा था।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निवेशक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में हालिया उतार-चढ़ाव तथा वैश्विक ब्याज दरों की दिशा को लेकर सतर्क बने रहे।

अमेरिकी बाजारों की शुरुआत सकारात्मक रहने के संकेत मिले। डॉव जोन्स फ्यूचर्स करीब 171 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

फेडरल रिजर्व के फैसले का असर जारी

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें यथावत रखने के फैसले का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर जारी रहा।

फेड ने हालांकि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन नीति निर्माताओं के बीच भविष्य की ब्याज दरों को लेकर मतभेद दिखाई दिए। इससे निवेशकों में यह अनिश्चितता बनी हुई है कि आगे ब्याज दरों की दिशा क्या होगी।

फेड के फैसले के बाद बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। डॉव जोन्स 2.19 प्रतिशत, एसएंडपी 500 1.52 प्रतिशत तथा नैस्डैक 1.74 प्रतिशत टूट गया।

फेड चेयरमैन केविन वार्श ने कहा कि केंद्रीय बैंक महंगाई को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन उन्होंने भविष्य की मौद्रिक नीति के बारे में कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। उनका कहना था कि हाल के सप्ताहों में बॉन्ड यील्ड में तेज वृद्धि पहले ही वित्तीय परिस्थितियों को सख्त बना चुकी है।

पश्चिम एशिया तनाव से कच्चा तेल ऊंचा

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। हालांकि समुद्री जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है, फिर भी निवेशक संभावित आपूर्ति जोखिमों को लेकर सतर्क हैं। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो वैश्विक महंगाई पर इसका असर पड़ सकता है।

तिमाही नतीजों के आधार पर शेयरों में जोरदार हलचल

गुरुवार के कारोबार में कॉरपोरेट नतीजे बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक बने।

रेडिंगटन के शेयर 7.84 प्रतिशत उछल गए। कंपनी का शुद्ध लाभ 76.6 प्रतिशत बढ़कर 486 करोड़ रुपये हो गया, जबकि राजस्व 34.6 प्रतिशत बढ़कर 34,922.5 करोड़ रुपये पहुंच गया।

बालकृष्ण इंडस्ट्रीज (बीकेटी) के शेयर 11 प्रतिशत से अधिक चढ़े। कंपनी का शुद्ध लाभ 50.47 प्रतिशत बढ़कर 432.10 करोड़ रुपये रहा।

वी-गार्ड इंडस्ट्रीज में 4.88 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 76.37 प्रतिशत बढ़कर 130.25 करोड़ रुपये हो गया।

एमटीएआर टेक्नोलॉजीज में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा। कंपनी का शुद्ध लाभ 364.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि राजस्व में 130.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

जिंदल ड्रिलिंग एंड इंडस्ट्रीज के शेयर 4.01 प्रतिशत चढ़े। कंपनी को ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) से तीन वर्ष का ऑफशोर रिग अनुबंध मिला है।

महिंद्रा समूह का बड़ा पुनर्गठन

एसएमएल महिंद्रा के शेयरों में 20 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा। कंपनी के निदेशक मंडल ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के ट्रक एंड बस डिवीजन का 525 करोड़ रुपये में स्लंप सेल के माध्यम से अधिग्रहण मंजूर किया। इस अधिग्रहण में कर्मचारियों, परिसंपत्तियों, बौद्धिक संपदा, लाइसेंस, अनुबंध और संबंधित देनदारियां शामिल हैं।

कमजोर नतीजों से कुछ शेयरों में दबाव

दूसरी ओर, कुछ कंपनियों के कमजोर नतीजों ने निवेशकों को निराश किया।

हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के शेयर 6.81 प्रतिशत टूट गए क्योंकि कंपनी का तिमाही लाभ 13 प्रतिशत घट गया।

सिंजीन इंटरनेशनल 3.44 प्रतिशत फिसल गया। कंपनी को असाधारण मदों के बाद तिमाही घाटा दर्ज करना पड़ा और परिचालन लाभ में भी तेज गिरावट रही।

शैलेट होटल्स के शेयर 3.85 प्रतिशत टूटे क्योंकि कंपनी के राजस्व और लाभ दोनों में उल्लेखनीय गिरावट आई।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस लगभग 1 प्रतिशत कमजोर रहा, जबकि कंपनी ने 23 प्रतिशत लाभ वृद्धि दर्ज की। निवेशकों ने पहले से बेहतर नतीजों का अनुमान लगा लिया था।

ईएफसी (आई) के शेयर 5.42 प्रतिशत गिर गए, जबकि कंपनी ने लाभ और आय दोनों में अच्छी वृद्धि दर्ज की। इसे विशेषज्ञों ने मुनाफावसूली का परिणाम बताया।

आईपीओ बाजार में निवेशकों की सक्रियता

प्राथमिक बाजार में भी गतिविधियां तेज बनी रहीं।

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के आईपीओ को जोरदार प्रतिक्रिया मिली और गुरुवार शाम तक यह 3.52 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का आईपीओ 0.45 गुना तथा जूनिपर ग्रीन एनर्जी का आईपीओ 0.36 गुना सब्सक्राइब हुआ।

नए सूचीबद्ध शेयरों का प्रदर्शन

नए सूचीबद्ध शेयरों में इंडो-एमएम सबसे बड़ा आकर्षण रहा। कंपनी का शेयर अपने निर्गम मूल्य से लगभग 53 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

लोहिया कॉर्प ने भी लगभग 16 प्रतिशत का प्रीमियम दर्ज किया।

वहीं एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज शुरुआती प्रीमियम के बावजूद दिन के अंत में अपने निर्गम मूल्य से नीचे बंद हुआ।

आगे की राह

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजरें कॉरपोरेट तिमाही नतीजों, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी मौद्रिक नीति तथा पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बनी रहेंगी।

यदि निफ्टी 24,200 अंक के ऊपर बना रहता है तो निकट अवधि में बाजार की सकारात्मक धारणा बरकरार रह सकती है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितताओं और ऊंची बॉन्ड यील्ड के कारण अस्थिरता बनी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अस्वीकरण: यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बाजार आंकड़ों, स्टॉक एक्सचेंज सूचनाओं तथा कंपनियों द्वारा जारी वित्तीय परिणामों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल समाचार एवं सूचना प्रदान करना है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश, वित्तीय या व्यापारिक सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। निवेश संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना उचित होगा।