Last Updated on July 29, 2026 10:30 pm by BIZNAMA NEWS

हमारे बिजनेस संवाददाता

घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की चार कारोबारी सत्रों की लगातार बिकवाली के बाद खरीदारी पर लौटने, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को यथावत रखने की व्यापक उम्मीदों और पहली तिमाही के बेहतर कॉरपोरेट नतीजों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। इसके चलते आईटी, बैंकिंग, मेटल और एफएमसीजी शेयरों में व्यापक खरीदारी हुई और प्रमुख सूचकांक दिनभर मजबूती के साथ कारोबार करते रहे।

बीएसई सेंसेक्स 888.68 अंक यानी 1.16 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,654.60 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी-50 264.85 अंक यानी 1.10 प्रतिशत चढ़कर 24,250.20 अंक पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ निफ्टी एक बार फिर 24,250 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा।

बाजार की तेजी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा व्यापक स्तर पर लौट रहा है।

विदेशी निवेशकों की वापसी से बदला माहौल

बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का चार लगातार सत्रों की बिकवाली के बाद शुद्ध खरीदार बनना रहा।

हाल के दिनों में विदेशी पूंजी की निकासी से बाजार दबाव में था, लेकिन बुधवार को एफआईआई की खरीदारी ने धारणा बदल दी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी से बड़े शेयरों में नई जान आई और निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ा।

इसका असर बाजार की अस्थिरता पर भी दिखाई दिया। निवेशकों की घबराहट का पैमाना माने जाने वाला इंडिया वीआईएक्स (India VIX) 4.41 प्रतिशत गिरकर 12.01 पर आ गया, जो निकट भविष्य में कम उतार-चढ़ाव की उम्मीद को दर्शाता है।

आईटी सेक्टर लगातार चौथे दिन चमका

बुधवार के कारोबार में सबसे अधिक मजबूती सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में देखने को मिली।

निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.32 प्रतिशत बढ़कर 31,123.10 पर पहुंच गया। इसके साथ ही आईटी सूचकांक लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करने में सफल रहा और इस अवधि में इसमें लगभग 9 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है।

वैश्विक स्तर पर निवेशकों द्वारा एआई आधारित सेमीकंडक्टर कंपनियों से मुनाफावसूली कर सॉफ्टवेयर कंपनियों की ओर रुख करने का फायदा भारतीय आईटी कंपनियों को भी मिला।

आईटी क्षेत्र में सबसे बड़ा उछाल इन्फोसिस में देखने को मिला, जिसका शेयर 4.32 प्रतिशत चढ़ गया।

इसके अलावा—

  • एलटीआईमाइंडट्री 2.34 प्रतिशत,
  • टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 1.75 प्रतिशत,
  • एचसीएल टेक्नोलॉजीज 1.70 प्रतिशत,
  • कोफोर्ज 1.25 प्रतिशत,
  • विप्रो 1.20 प्रतिशत,
  • पर्सिस्टेंट सिस्टम्स 0.62 प्रतिशत,
  • ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज 0.56 प्रतिशत और
  • टेक महिंद्रा 0.42 प्रतिशत मजबूत बंद हुए।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिकी फेड ब्याज दरों को स्थिर रखता है तो वैश्विक स्तर पर आईटी खर्च में सुधार की संभावना बढ़ेगी, जिसका लाभ भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों को मिल सकता है।

बैंकिंग और टेलीकॉम शेयरों ने भी दिया साथ

बाजार की तेजी में बैंकिंग और टेलीकॉम क्षेत्र का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

एचडीएफसी बैंक का शेयर 1.75 प्रतिशत, जबकि भारती एयरटेल 2.32 प्रतिशत चढ़ा। इन दोनों कंपनियों ने निफ्टी को ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शानदार खरीदारी

बाजार की तेजी व्यापक रही।

बीएसई मिडकैप-150 सूचकांक 0.78 प्रतिशत और बीएसई स्मॉलकैप-250 सूचकांक 1.47 प्रतिशत चढ़ गया।

बीएसई पर कुल 2,533 शेयरों में तेजी, 1,705 शेयरों में गिरावट, जबकि 201 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि खरीदारी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं थी बल्कि अधिकांश सेक्टरों में निवेशकों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई।

वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन

घरेलू बाजार को वैश्विक संकेतों का भी समर्थन मिला।

एशियाई बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए क्योंकि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

यूरोपीय बाजारों में प्रमुख बैंकिंग, खनन और लग्जरी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों से मजबूती देखने को मिली।

हालांकि अमेरिकी बाजार के शुरुआती संकेत कमजोर रहे और डॉव जोन्स फ्यूचर्स लगभग 155 अंक नीचे कारोबार करते दिखे।

बाजार की नजर अब पूरी तरह अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर है। व्यापक उम्मीद है कि फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, लेकिन निवेशक फेड चेयरमैन केविन वार्श की टिप्पणियों पर विशेष ध्यान देंगे ताकि भविष्य की मौद्रिक नीति, महंगाई, टैरिफ और ऊर्जा कीमतों को लेकर संकेत मिल सकें।

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट मिश्रित रुख के साथ बंद हुआ था। डॉव जोन्स में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त रही, जबकि नैस्डैक में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

बेहतर तिमाही नतीजों से कई शेयरों में उछाल

पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों का असर भी बाजार पर साफ दिखाई दिया।

एलएंडटी

लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का शेयर 2.48 प्रतिशत चढ़ गया।

कंपनी को कुवैत ऑयल कंपनी से बड़ा ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) ऑर्डर मिला है। साथ ही कंपनी का शुद्ध लाभ 14 प्रतिशत बढ़कर 4,123 करोड़ रुपये और राजस्व 7 प्रतिशत बढ़कर 67,942 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी के कुल राजस्व में अंतरराष्ट्रीय कारोबार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत रही।

एफएमसीजी

कोलगेट-पामोलिव इंडिया का शेयर 1.72 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी का तिमाही शुद्ध लाभ 7 प्रतिशत बढ़कर 343.08 करोड़ रुपये रहा जबकि परिचालन आय लगभग 12 प्रतिशत बढ़ी।

एशियन पेंट्स में 0.91 प्रतिशत की बढ़त रही। कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग 40 प्रतिशत बढ़कर 1,539 करोड़ रुपये हो गया।

फार्मा

ग्लैंड फार्मा का शेयर 4.97 प्रतिशत उछला।

कंपनी को अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) से सुगामाडेक्स इंजेक्शन के लिए एएनडीए (ANDA) मंजूरी मिली है।

औद्योगिक एवं इंजीनियरिंग कंपनियां

हनीवेल ऑटोमेशन इंडिया 7.17 प्रतिशत चढ़ा, जबकि क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन 6.90 प्रतिशत मजबूत हुआ। दोनों कंपनियों ने मजबूत तिमाही नतीजे घोषित किए।

वित्तीय सेवाएं

टाटा कैपिटल में 1.32 प्रतिशत की तेजी रही। कंपनी का शुद्ध लाभ 56 प्रतिशत बढ़कर 1,547 करोड़ रुपये हो गया।

उर्वरक

परेदीप फॉस्फेट्स दिन का सबसे बड़ा लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसका शेयर 12.49 प्रतिशत उछल गया। कंपनी के मुनाफे में लगभग 24 प्रतिशत और राजस्व में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

विशेष रसायन

एस.एच. केलकर एंड कंपनी का शेयर 15.30 प्रतिशत चढ़ गया। कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग 76 प्रतिशत बढ़ा।

नवीकरणीय ऊर्जा

एसीएमई सोलर होल्डिंग्स 2.95 प्रतिशत मजबूत हुआ। कंपनी को पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) से 3,404.57 करोड़ रुपये की दीर्घकालिक परियोजना वित्तपोषण सुविधा मिली है।

जैव ईंधन

ट्रूऑल्ट बायोएनर्जी का शेयर 2.91 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 1,100 प्रतिशत से अधिक बढ़ा।

जिन शेयरों में रही गिरावट

मजबूत बाजार के बावजूद कुछ कंपनियों के शेयर दबाव में रहे।

फीनिक्स मिल्स 5.94 प्रतिशत,

पाइन लैब्स 5.58 प्रतिशत,

कारट्रेड टेक 3.67 प्रतिशत तथा

वीएसटी इंडस्ट्रीज 3.77 प्रतिशत टूट गए।

विश्लेषकों का कहना है कि इन कंपनियों के नतीजे निवेशकों की ऊंची अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके, जिसके कारण मुनाफावसूली देखने को मिली।

कमोडिटी बाजार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.54 प्रतिशत बढ़कर 87.91 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।

ऊंचे कच्चे तेल के दाम भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं क्योंकि इससे महंगाई, चालू खाते के घाटे और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।

वहीं एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1,41,639 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास स्थिर कारोबार करता रहा।

मुद्रा एवं बॉन्ड बाजार

भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूत होकर 95.66 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.82 पर बंद हुआ था।

दूसरी ओर, भारत के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल (यील्ड) बढ़कर 6.799 प्रतिशत हो गई।

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगभग 101.39 पर स्थिर रहा, जबकि अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल बढ़कर 4.63 प्रतिशत के आसपास पहुंच गया।

आईपीओ बाजार

प्राथमिक बाजार में भी गतिविधियां जारी रहीं।

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज के आईपीओ को बाजार बंद होने तक अपेक्षाकृत धीमी प्रतिक्रिया मिली। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, निर्गम को लगभग 0.15 गुना अभिदान प्राप्त हुआ था। यह आईपीओ 31 जुलाई 2026 को बंद होगा और इसका मूल्य दायरा 560 से 590 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।

आगे की राह

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और कॉरपोरेट नतीजों पर बनी रहेंगी।

यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है और कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख बरकरार रह सकता है। हालांकि मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक मौद्रिक नीति से जुड़े संकेत बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

अस्वीकरण: यह समाचार विभिन्न कंपनियों की नियामकीय घोषणाओं, बाजार के आधिकारिक आंकड़ों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल समाचार और सूचना उपलब्ध कराना है। इसे निवेश, वित्तीय या व्यापारिक सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। निवेश संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।