Last Updated on February 19, 2026 11:29 pm by BIZNAMA NEWS

AMN / BIZ DESK
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। पिछले तीन कारोबारी सत्रों की बढ़त एक ही दिन में खत्म हो गई और प्रमुख सूचकांक 3 फरवरी के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुए।
बीएसई सेंसेक्स 1,236.11 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 365 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में चौतरफा बिकवाली रही और लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
मुख्य कारण: अमेरिका–ईरान तनाव से कच्चे तेल में उछाल
रिपोर्टों में संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका जताई गई, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतें इस साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। निवेशकों को डर है कि यदि तनाव बढ़ता है तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है।
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मुद्रास्फीति (महंगाई) और चालू खाते के घाटे को प्रभावित कर सकती हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, एशियाई बाजारों में लूनर न्यू ईयर अवकाश के कारण विदेशी निवेशकों की भागीदारी कम रही। इसके अलावा रुपये की कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती को लेकर अनिश्चितता ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।
सेक्टरवार प्रदर्शन
1. रियल्टी सेक्टर (सबसे ज्यादा प्रभावित)
रियल एस्टेट शेयरों में भारी बिकवाली रही। बढ़ती महंगाई और संभावित ऊंची ब्याज दरों की आशंका से निवेशकों ने इस सेक्टर से दूरी बनाई।
निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में सबसे तेज गिरावट दर्ज हुई।
2. मीडिया सेक्टर
मीडिया कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। जोखिम से बचने की रणनीति के तहत निवेशकों ने उपभोक्ता आधारित शेयरों में मुनाफावसूली की।
3. ऑटो सेक्टर
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से ऑटो कंपनियों पर दबाव बना। ईंधन और लॉजिस्टिक लागत बढ़ने की आशंका से निफ्टी ऑटो इंडेक्स में तेज गिरावट आई।
मुख्य गिरावट वाले शेयर:
- एमएंडएम (करीब 2.93% नीचे)
4. बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र
निफ्टी बैंक 1.32% गिरकर बंद हुआ।
वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सुस्ती का असर बैंकिंग शेयरों पर भी पड़ा।
5. सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर
सीमेंट कंपनियों में भी कमजोरी रही।
- अल्ट्राटेक सीमेंट में 2.97% की गिरावट दर्ज हुई।
6. एविएशन सेक्टर
तेल की कीमतों में तेजी से विमानन कंपनियों पर सीधा असर पड़ा।
- इंडिगो 3.28% टूटकर निफ्टी का सबसे बड़ा नुकसान झेलने वाला शेयर रहा।
एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की लागत बढ़ने से मुनाफे पर दबाव की आशंका बढ़ी।
7. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर
बाजार की कमजोरी बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।
- निफ्टी नेक्स्ट 50 में 1.86% की गिरावट
- निफ्टी मिडकैप 100 में 1.59% की गिरावट (59,227.65 पर बंद)
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.27% की गिरावट
52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंचने वाले शेयरों की संख्या (146), 52 हफ्तों के उच्च स्तर (110) से अधिक रही, जो बाजार की व्यापक कमजोरी को दर्शाता है।
लगभग सभी शेयर लाल निशान में
निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल तीन शेयर ही बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी सभी में गिरावट दर्ज की गई।
सकारात्मक संकेत: वैल्यूएशन और भारत–अमेरिका व्यापार समझौता
पीएल एसेट मैनेजमेंट ने कहा कि बाजार “सुधार से शुरुआती रिकवरी की ओर बढ़ रहा है।”
कंपनी के अनुसार, 19–20 गुना आय के स्तर पर वैल्यूएशन आकर्षक हो रहे हैं। साथ ही, भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किए जाने को निकट भविष्य का सकारात्मक कारक बताया गया।
सोना-चांदी में सुरक्षित निवेश की मांग
शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प की ओर रुख किया।
एमसीएक्स सोना ₹1.55–1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना रहा। हालांकि मुनाफावसूली और ब्याज दर कटौती में देरी की आशंका से इसकी तेजी सीमित रही।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतीन त्रिवेदी के अनुसार, अमेरिका–ईरान वार्ता में ठोस परिणाम न निकलने से सैन्य तनाव की आशंका बढ़ी और सुरक्षित निवेश की मांग में इजाफा हुआ।
आगे की दिशा
विश्लेषकों के मुताबिक बाजार की दिशा निम्न कारकों पर निर्भर करेगी:
- पश्चिम एशिया की स्थिति
- कच्चे तेल की कीमतें
- रुपये की चाल
- अमेरिकी फेड का रुख
- विदेशी निवेशकों की वापसी
जब तक वैश्विक हालात स्पष्ट नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।







