Last Updated on February 4, 2026 10:09 pm by BIZNAMA NEWS

AMN ./ BIZ NAMA
भारतीय शेयर बाजारों ने बुधवार को एक बेहद उतार-चढ़ाव भरा सत्र देखा। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में मची तबाही ने बाजार की शुरुआती बढ़त को काफी हद तक सीमित कर दिया, हालांकि ऊर्जा और उपभोक्ता वस्तुओं (Consumer Durable) के शेयरों में आई मजबूती ने सूचकांकों को लाल निशान में जाने से बचा लिया।
बीएसई (BSE) सेंसेक्स 78.56 अंक (0.09%) की मामूली बढ़त के साथ 83,817.69 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई (NSE) निफ्टी 27 अंक (0.10%) चढ़कर 25,754.55 के स्तर पर स्थिर हुआ।
आईटी सेक्टर में ‘ब्लैक वेडनेसडे’: ₹1.9 लाख करोड़ स्वाहा
बाजार में आज की सबसे बड़ी हेडलाइन आईटी शेयरों की पिटाई रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 6% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले छह वर्षों में इसकी सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट है।
इस बिकवाली का मुख्य कारण अमेरिकी एआई दिग्गज Anthropic द्वारा ‘Claude AI’ के लिए नए ‘वर्कफ्लो ऑटोमेशन’ टूल का लॉन्च करना रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन टूल्स से कानूनी सेवाओं और डेटा प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में पारंपरिक सॉफ्टवेयर बिजनेस मॉडल को सीधा खतरा पैदा हो गया है।
- इन्फोसिस (Infosys): 7.37% लुढ़ककर ₹1,534.00 पर।
- TCS: 6.99% की गिरावट के साथ ₹2,999.90 पर।
- HCL Tech व टेक महिंद्रा: 4.5% से अधिक टूटे।
सेक्टर-वार प्रदर्शन (Sectoral Analysis)
| सेक्टर | प्रदर्शन | मुख्य कारण |
| आईटी (IT) | 🔴 5.87% नीचे | AI के बढ़ते प्रभुत्व और ऑटोमेशन के कारण रेवेन्यू मॉडल पर संकट का डर। |
| ऑयल एंड गैस | 🟢 2.10% ऊपर | अमेरिकी इन्वेंट्री में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता से सपोर्ट। |
| कंज्यूमर ड्यूरेबल्स | 🟢 2.25% ऊपर | Trent (5.18%) और Eternal (4.90%) जैसे शेयरों में शानदार खरीदारी। |
| मिडकैप/स्मॉलकैप | 🟢 1.27% ऊपर | व्यापक बाजार (Broader Market) ने बेंचमार्क इंडेक्स को पीछे छोड़ा। |
रुपया और कमोडिटी बाजार
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 18 पैसे कमजोर होकर 90.44 पर बंद हुआ। वहीं, सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ी और स्पॉट गोल्ड $5,050 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया। कच्चे तेल (WTI Crude) में भी तेजी देखी गई और यह $64 प्रति बैरल के ऊपर बना रहा।
बाजार की अगली चाल
निवेशकों की नजर अब शुक्रवार को आने वाली आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति पर है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक निफ्टी 25,500 के स्तर को बनाए रखता है, तब तक बाजार में सुधार की संभावना बनी रहेगी। विश्लेषकों का मानना है कि बाज़ार अब कंसोलिडेशन फेज़ में जा सकता है। निफ्टी के लिए 25,800–25,850 पर रेज़िस्टेंस और 25,600–25,500 पर सपोर्ट दिख रहा है। शुक्रवार को आरबीआई की मौद्रिक नीति और अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट बाज़ार की अगली दिशा तय करेंगे।







