Last Updated on March 20, 2026 1:13 am by BIZNAMA NEWS
डब्ल्यूटीओ की रिपोर्ट में चेतावनी—तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन बाधाएं बनेंगी सबसे बड़ा खतरा

R SURYAMURTHY
वैश्विक व्यापार, जिसने 2025 में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया था, अब 2026 में धीमा पड़ने जा रहा है। अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष वैश्विक व्यापार की गति को और कमजोर कर सकता है, क्योंकि इससे ऊर्जा कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन में बाधाएं पैदा हो रही हैं।
विश्व व्यापार संगठन (WTO) की ताज़ा ग्लोबल ट्रेड आउटलुक एंड स्टैटिस्टिक्स रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में वैश्विक वस्तु व्यापार (मर्चेंडाइज ट्रेड) की वृद्धि दर घटकर 1.9% रहने का अनुमान है, जो 2025 में 4.6% थी। यह गिरावट उस समय आ रही है जब महामारी के बाद आया व्यापार उछाल अब सामान्य स्तर पर लौट रहा है।
मध्य पूर्व संकट बना सबसे बड़ा जोखिम
डब्ल्यूटीओ ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया है कि मध्य पूर्व में बढ़ता संघर्ष वैश्विक व्यापार के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है। कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी अगर जारी रहती है, तो यह वैश्विक जीडीपी वृद्धि को 0.3 प्रतिशत अंक तक घटा सकती है।
इतना ही नहीं, व्यापार वृद्धि दर और गिरकर 1.4% तक आ सकती है।
डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक नगोज़ी ओकोंजो-इवेला ने कहा कि,
“वैश्विक व्यापार अभी भी मजबूत बना हुआ है, खासकर हाई-टेक उत्पादों और डिजिटल सेवाओं की वजह से। लेकिन मध्य पूर्व का संघर्ष इस सकारात्मक परिदृश्य पर दबाव बना रहा है।”
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना चिंता का केंद्र
मध्य पूर्व में तनाव का असर सिर्फ ऊर्जा तक सीमित नहीं है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, जो वैश्विक व्यापार का एक अहम मार्ग है, वहां व्यवधान से हालात और बिगड़ रहे हैं।
- दुनिया के करीब एक-तिहाई उर्वरक (फर्टिलाइज़र) निर्यात इसी मार्ग से होता है
- भारत, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश खाड़ी देशों से यूरिया आयात पर निर्भर हैं
- सप्लाई में बाधा से खाद्य उत्पादन और कीमतों पर असर पड़ने का खतरा
वहीं, खाड़ी देशों को भी खाद्य सुरक्षा की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वे चावल, मक्का, सोयाबीन और खाद्य तेलों के आयात पर निर्भर हैं।
✈️ सेवाओं के व्यापार पर भी असर
केवल वस्तु व्यापार ही नहीं, बल्कि सेवाओं का व्यापार भी दबाव में है।
डब्ल्यूटीओ के अनुसार:
- 2026 में सेवाओं के व्यापार की वृद्धि 4.8% रह सकती है (2025 में 5.3%)
- अगर संकट लंबा खिंचता है, तो यह 4.1% तक गिर सकती है
मध्य पूर्व, जो वैश्विक ट्रांसपोर्ट सेवाओं का 7.4% हिस्सा है, वहां भारी व्यवधान देखा जा रहा है।
- हॉर्मुज मार्ग पर समुद्री यातायात लगभग ठप
- 40,000 से अधिक उड़ानें रद्द
AI बना सहारा, लेकिन सीमित
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में वैश्विक व्यापार की मजबूती का बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े उत्पादों की मांग थी।
- सेमीकंडक्टर, चिप्स और डेटा उपकरणों की मांग में भारी वृद्धि
- इन उत्पादों का व्यापार 21.9% बढ़कर $4.18 ट्रिलियन पहुंचा
- कुल व्यापार वृद्धि में 42% योगदान
हालांकि, अब यह तेजी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
एशिया देगा सबसे ज्यादा योगदान
2026 में एशिया वैश्विक व्यापार वृद्धि का नेतृत्व कर सकता है:
- आयात में 3.3% वृद्धि
- निर्यात में 3.5% वृद्धि
वहीं, यूरोप और मध्य पूर्व में व्यापार वृद्धि कमजोर रहने की संभावना है।
आगे का रास्ता अनिश्चित
डब्ल्यूटीओ ने चेतावनी दी है कि यदि मध्य पूर्व में संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इसका असर सिर्फ अल्पकालिक नहीं बल्कि दीर्घकालिक भी हो सकता है।
- सप्लाई चेन में स्थायी बदलाव
- व्यापार मार्गों में परिवर्तन
- लागत में बढ़ोतरी
हालांकि, अगर तनाव जल्दी कम होता है और AI सेक्टर में निवेश जारी रहता है, तो व्यापार वृद्धि 2.4% तक पहुंच सकती है।
निष्कर्ष
फिलहाल, वैश्विक व्यापार एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है—एक तरफ AI और तकनीकी विकास का सहारा है, तो दूसरी ओर युद्ध, महंगाई और ऊर्जा संकट का दबाव।
आने वाले महीनों में यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि मध्य पूर्व का संकट कितनी जल्दी नियंत्रित होता है।







