Last Updated on April 7, 2026 10:01 pm by BIZNAMA NEWS
बिज़नेस डेस्क
घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई, लेकिन दिन के अंत तक बाजार ने मजबूत वापसी की। आईटी, मेटल और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांक सकारात्मक दायरे में बंद हुए।
कारोबार समाप्त होने पर BSE Sensex 509.73 अंक या 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,616.58 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 155.40 अंक यानी 0.68 प्रतिशत चढ़कर 23,015.90 के स्तर पर पहुंच गया। दिन की शुरुआत में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण बिकवाली का दबाव था, लेकिन बाद में चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी से बाजार में सुधार देखने को मिला।
विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों के बीच सतर्कता बनी रही, लेकिन आकर्षक वैल्यूएशन के चलते कुछ सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। Geojit Investments के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि घरेलू बाजार ने रिकवरी का रुख जारी रखा, हालांकि सत्र की शुरुआत कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण कमजोर रही।
उन्होंने कहा कि निवेशकों के बीच अनिश्चितता की एक वजह Donald Trump द्वारा Iran को लेकर दी गई चेतावनी भी रही, जिसने वैश्विक बाजारों में सतर्कता बढ़ा दी। इसके बावजूद आईटी, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।
आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी
आईटी सेक्टर बाजार की तेजी का मुख्य आधार रहा। Nifty IT सूचकांक में 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। विश्लेषकों के अनुसार आईटी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी क्योंकि इनका मूल्यांकन अपेक्षाकृत आकर्षक है और रुपये में कमजोरी से निर्यात आधारित कंपनियों को फायदा मिलता है।
इसके अलावा आगामी तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों ने बड़ी आईटी कंपनियों में खरीदारी की, जिससे सेक्टर को मजबूती मिली।
मेटल शेयरों में भी उछाल
मेटल सेक्टर में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। Nifty Metal सूचकांक लगभग 1.55 प्रतिशत चढ़ा। वैश्विक स्तर पर धातुओं की कीमतों में मजबूती और औद्योगिक मांग में सुधार की उम्मीद ने इस सेक्टर को सहारा दिया।
विशेष रूप से स्टील और खनन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई, क्योंकि वैश्विक बुनियादी ढांचा खर्च बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
एफएमसीजी और बैंकिंग सेक्टर में मिश्रित रुख
रक्षाात्मक माने जाने वाले उपभोक्ता सामान सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली। Nifty FMCG सूचकांक 0.82 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। प्रमुख कंपनियों की सकारात्मक प्री-रिज़ल्ट टिप्पणियों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
बैंकिंग सेक्टर में मिश्रित रुख रहा। Nifty Private Bank सूचकांक 0.49 प्रतिशत बढ़ा, जबकि Nifty PSU Bank सूचकांक 0.71 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ।
अन्य सेक्टरों में भी मामूली तेजी दर्ज की गई। Nifty Media 0.80 प्रतिशत बढ़ा, जबकि Nifty Auto में 0.08 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई।
वैश्विक संकेतों का असर
वैश्विक कारकों का असर भी बाजार पर साफ दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। Brent Crude लगभग 109 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव की चिंताएं बनी हुई हैं।
सुरक्षित निवेश विकल्पों में भी मजबूती देखी गई। सोना लगभग 1,50,439 रुपये प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) के स्तर पर रहा, जबकि चांदी करीब 2,33,306 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई शेयर बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का Nikkei 225 0.26 प्रतिशत बढ़ा, जबकि ताइवान का सूचकांक लगभग 1.98 प्रतिशत चढ़ गया। दूसरी ओर सिंगापुर का Straits Times Index 0.29 प्रतिशत गिरा और हांगकांग का Hang Seng Index 0.71 प्रतिशत कमजोर बंद हुआ।
आगे का रुख
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशक वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों और आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखेंगे। हालांकि आईटी, मेटल और उपभोक्ता सेक्टर में चुनिंदा अवसर बाजार को समर्थन देते रह सकते हैं।

