Last Updated on July 1, 2026 5:52 pm by BIZNAMA NEWS


हमारे संवाददाता

घरेलू शेयर बाजार ने बुधवार को लगातार दो कारोबारी सत्रों की गिरावट पर विराम लगाते हुए मजबूत वापसी दर्ज की। ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और एफएमसीजी शेयरों में व्यापक खरीदारी से निवेशकों का भरोसा लौटा, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में कमजोरी बनी रही। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों, बड़ी कंपनियों के शेयरों में वैल्यू बाइंग तथा मजबूत जीएसटी संग्रह जैसे सकारात्मक घरेलू आर्थिक संकेतकों ने बाजार की धारणा को मजबूती दी। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशकों में सतर्कता भी बनी रही।

बीएसई सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,922.64 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी-50 140.10 अंक यानी 0.59 प्रतिशत चढ़कर 24,005.85 पर पहुंच गया। इसके साथ ही निफ्टी ने एक बार फिर 24,000 का महत्वपूर्ण स्तर हासिल कर लिया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले के दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।

ऑटो और वित्तीय शेयरों ने संभाला मोर्चा

दिनभर के कारोबार में ऑटो, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसने आईटी शेयरों में जारी बिकवाली के असर को काफी हद तक संतुलित कर दिया।

निफ्टी की तेजी में सबसे बड़ा योगदान एटरनल का रहा, जिसके शेयर 5.82 प्रतिशत उछले। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) 1.62 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज 0.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

हालांकि व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) की चाल अपेक्षाकृत कमजोर रही। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.29 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे स्पष्ट हुआ कि निवेश फिलहाल चुनिंदा शेयरों तक ही सीमित रहा।

बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) सकारात्मक रही। बीएसई पर 2,222 शेयरों में तेजी, 2,059 शेयरों में गिरावट, जबकि 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

इस बीच, बाजार की अस्थिरता का प्रमुख संकेतक इंडिया वीआईएक्स 2.62 प्रतिशत गिरकर 13.24 पर आ गया, जिससे निवेशकों की चिंता में कुछ कमी दिखाई दी।

मजबूत जीएसटी संग्रह ने बढ़ाया भरोसा, मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार थोड़ी धीमी

घरेलू आर्थिक आंकड़ों ने मिश्रित तस्वीर पेश की।

एचएसबीसी मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) जून में घटकर 54.2 पर आ गया, जो मई में 55.0 था। यह मध्य-2022 के बाद विनिर्माण क्षेत्र की दूसरी सबसे धीमी वृद्धि रही। हालांकि सूचकांक अब भी 50 के ऊपर बना हुआ है, जो इस क्षेत्र में विस्तार जारी रहने का संकेत देता है।

दूसरी ओर, सरकार के लिए राहत की बात यह रही कि जून 2026 में सकल जीएसटी संग्रह 13.9 प्रतिशत बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 1.71 लाख करोड़ रुपये था। शुद्ध जीएसटी संग्रह 11.2 प्रतिशत बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं आयात से मिलने वाला जीएसटी राजस्व 34.6 प्रतिशत बढ़ा, जो घरेलू मांग और आयात गतिविधियों में मजबूती का संकेत देता है।

वैश्विक संकेतों पर बनी रही नजर

घरेलू बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर बनी रही।

एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। निवेशक अमेरिका-ईरान वार्ता में जारी गतिरोध, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और अमेरिका के आगामी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार करते रहे। हालांकि आने वाले कॉर्पोरेट नतीजों को लेकर आशावाद ने बाजार को ज्यादा कमजोर नहीं होने दिया।

यूरोपीय बाजारों में भी नरमी रही क्योंकि निवेशक वैश्विक केंद्रीय बैंक प्रमुखों, विशेषकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श की टिप्पणियों का इंतजार कर रहे थे, जिससे ब्याज दरों के भविष्य को लेकर संकेत मिल सकते हैं। यूरोजोन में जून के दौरान मुद्रास्फीति घटने के बावजूद निवेशकों की सतर्कता बनी रही।

भूराजनैतिक मोर्चे पर भी तनाव बरकरार रहा। ईरान ने स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र में पहुंचे वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत नहीं करेगा। वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद कायम हैं।

इधर, अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में तेजी दर्ज की गई, जिससे निकट भविष्य में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर हुईं। जापानी येन भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 वर्षों के निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे जापानी सरकार के संभावित हस्तक्षेप की अटकलें तेज हो गईं।

रुपया कमजोर, सोना और कच्चा तेल फिसला

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ और आंशिक परिवर्तनीय रुपया 95.2350 पर कारोबार करता दिखा, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 94.5600 पर बंद हुआ था।

भारत के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल (यील्ड) बढ़कर 6.757 प्रतिशत पर पहुंच गई।

कमोडिटी बाजार में एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स अगस्त डिलीवरी के लिए 0.51 प्रतिशत गिरकर 1,41,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.80 प्रतिशत फिसलकर 72.37 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता रहा। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.38 पर पहुंच गया।

कमजोर आउटलुक से केपीआईटी टेक्नोलॉजीज में बड़ी गिरावट

आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के शेयरों पर रहा, जो 16.46 प्रतिशत टूट गए।

कंपनी ने संकेत दिया कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में भी उसका राजस्व पहली तिमाही के समान रहने की संभावना है, जिससे स्पष्ट है कि निकट अवधि में मांग कमजोर बनी रह सकती है। कंपनी ने इसके लिए ग्राहकों के स्तर पर लिए गए कुछ फैसलों को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर भरोसा जताया।

ऑटो कंपनियों के बिक्री आंकड़ों ने बढ़ाया उत्साह

मासिक बिक्री आंकड़ों के बाद ऑटोमोबाइल शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

अशोक लेलैंड के शेयर 2.76 प्रतिशत चढ़े। कंपनी की जून महीने की कुल वाहन बिक्री 25.18 प्रतिशत बढ़कर 19,194 इकाई रही।

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी 2.65 प्रतिशत मजबूत हुई। वीएएचएएन (VAHAN) के आंकड़ों के अनुसार कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 43,719 वाहनों का पंजीकरण कराया, जो पिछली तिमाही की तुलना में लगभग दोगुना है।

एस्कॉर्ट्स कुबोटा के ट्रैक्टरों की बिक्री 19.1 प्रतिशत बढ़ने से शेयर में हल्की बढ़त दर्ज हुई।

स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स 7.16 प्रतिशत उछला, क्योंकि जून में कंपनी का कारोबार 36.84 प्रतिशत बढ़ा।

वीएसटी टिलर्स एंड ट्रैक्टर्स में 2.85 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि एसएमएल महिंद्रा जून बिक्री बढ़ने के बावजूद 3.37 प्रतिशत फिसल गया।

खबरों के दम पर कई शेयरों में तेज हलचल

कंपनी-विशेष खबरों के चलते कई शेयरों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

पैसालो डिजिटल के शेयर 19.12 प्रतिशत चढ़ गए, क्योंकि ओपन मार्केट खरीदारी के बाद प्रवर्तकों की हिस्सेदारी बढ़कर 46.72 प्रतिशत हो गई।

राइट्स के शेयर 12.86 प्रतिशत उछले। कंपनी को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से 175.41 करोड़ रुपये का परियोजना प्रबंधन परामर्श (PMC) अनुबंध मिला है।

वीए टेक वाबाग को ऑस्ट्रिया के वियना में जल परियोजना का बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिलने से उसके शेयर 3.58 प्रतिशत मजबूत हुए।

ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स (इंडिया) को पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से बड़ा ट्रांसफॉर्मर ऑर्डर मिलने पर शेयर 1.69 प्रतिशत चढ़ा।

ईपैक ड्यूरेबल को आंध्र प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति के तहत प्रोत्साहन पैकेज की मंजूरी मिलने से शेयर में 2.41 प्रतिशत की तेजी आई।

जैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के साथ पांच वर्ष का समझौता किया, जिसके बाद शेयर 1.25 प्रतिशत मजबूत हुआ।

वहीं, जेडएफ कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) के इस्तीफे की घोषणा के बाद कंपनी के शेयर 3.24 प्रतिशत टूट गए।

जीएनजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने रेडिंगटन के साथ रणनीतिक वितरण साझेदारी की घोषणा के बाद अपर सर्किट छू लिया।

आईपीओ बाजार में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी

प्राथमिक बाजार में निवेशकों की सक्रियता बनी रही।

नैक पैकेजिंग के आईपीओ को पहले ही दिन 2.59 गुना अभिदान मिला। कंपनी को 1.89 करोड़ शेयरों के मुकाबले 4.92 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।

वहीं, आस्था स्पिनटेक्स के आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार प्रतिसाद मिला और यह 4.64 गुना सब्सक्राइब हुआ।

नई लिस्टिंग का मिला-जुला प्रदर्शन

शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई नई कंपनियों में वॉटरवेज लीजर टूरिज्म का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। कंपनी का शेयर अपने निर्गम मूल्य से 14.6 प्रतिशत की छूट पर सूचीबद्ध हुआ और दिनभर दबाव में बना रहा।

इसके विपरीत, अद्वित ज्वेल्स ने मजबूत शुरुआत करते हुए अपने निर्गम मूल्य से 35.5 प्रतिशत प्रीमियम पर कारोबार शुरू किया और पूरे सत्र के दौरान निवेशकों की अच्छी रुचि बनी रही।