Last Updated on June 30, 2026 11:01 pm by BIZNAMA NEWS

बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट /

आईटी (IT) शेयरों में भारी बिकवाली के कारण मंगलवार को शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी (F&O Expiry) के कारण बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया और आखिरी घंटे में आई तेज बिकवाली ने निफ्टी को 23,900 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे धकेल दिया। हालांकि, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में आई मजबूती ने बाजार को कुछ सहारा देने का प्रयास किया।

बीएसई (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 249.70 अंक (0.33%) टूटकर 76,478.67 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 80.50 अंक (0.34%) की गिरावट के साथ 23,865.75 के स्तर पर आ गया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 0.80% की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी

लार्ज-कैप (फ्रंटलाइन) शेयरों में कमजोरी के बावजूद, ब्रॉडर मार्केट (मझोले और छोटे शेयरों) में अच्छी रौनक रही। बाजार का कुल रुख सकारात्मक था; बीएसई पर 2,349 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि 1,884 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं 195 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन

इंडेक्सक्लोजिंग लेवलकुल गिरावट/बढ़तप्रतिशत बदलाव
S&P BSE सेंसेक्स76,478.67-249.70-0.33%
निफ्टी 5023,865.75-80.50-0.34%
BSE 150 मिडकैप+0.45%
BSE 250 स्मॉलकैप+0.51%

बाजार पर दबाव: दिग्गज आईटी कंपनियों ने आज निफ्टी को सबसे ज्यादा नीचे खींचने का काम किया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 3.09% और इंफोसिस में 2.96% की बड़ी गिरावट आई। इसके अलावा प्राइवेट बैंकिंग हैवीवेट ICICI बैंक भी 0.55% टूटकर बंद हुआ।

मैक्रो इकोनॉमी: IIP में सुधार, रुपया हुआ मजबूत

आर्थिक मोर्चे पर देश के औद्योगिक उत्पादन (IIP) से अच्छे संकेत मिले हैं। बिजली उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई मजबूती के चलते मई महीने में भारत की आईआईपी ग्रोथ बढ़कर 5.1% हो गई, जो अप्रैल में 4.9% थी। सूचकांक में सबसे ज्यादा वजन रखने वाले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 5.5% की वृद्धि दर्ज की गई। कैपिटल गुड्स (पूंजीगत सामान) सेगमेंट 13% की शानदार बढ़त के साथ सबसे आगे रहा।

महत्वपूर्ण आंकड़े

  • बॉन्ड यील्ड: भारत की 10 वर्षीय बेंचमार्क फेडरल पेपर यील्ड पिछले सत्र के 6.755% के मुकाबले 0.71% गिरकर 6.707% पर आ गई।
  • फॉरेक्स (रुपया): अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मामूली बढ़त के साथ 94.6525 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
  • कमोडिटी: 5 अगस्त 2026 की एक्सपायरी वाला एमसीएक्स (MCX) गोल्ड वायदा 0.09% की मामूली बढ़त के साथ ₹1,42,532 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.14% बढ़कर $73.25 प्रति बैरल पर रहा।

कॉरपोरेट जगत और चर्चा में रहे शेयर

दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी से आयशर मोटर्स (Eicher Motors) में गिरावट

दिल्ली कैबिनेट द्वारा ‘दिल्ली ईवी नीति 2026-2030’ को मंजूरी दिए जाने के बाद आयशर मोटर्स का शेयर 4.38% टूट गया। इस नीति के तहत दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ₹15,000 करोड़ के निवेश का खाका तैयार किया गया है। रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) के पास फिलहाल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का बड़ा पोर्टफोलियो न होने के कारण निवेशकों ने इस शेयर में बिकवाली की।

अडाणी पोर्ट्स (Adani Ports) का वैश्विक समझौता

अडाणी पोर्ट्स का शेयर 1.91% बढ़कर बंद हुआ। कंपनी ने दुनिया के दिग्गज शिपिंग ग्रुप MSC के साथ एक निश्चित समझौता किया है, जिसके तहत MSC की टर्मिनल इन्वेस्टमेंट (TiL) विझिनजाम पोर्ट में 49% हिस्सेदारी खरीदेगी।

फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को मिले बड़े ऑर्डर

  • शिल्पा मेडिकेयर (+4.43%): इसकी सहायक कंपनी शिल्पा बायोलॉजिकल्स ने यूरोपीय बाजार के लिए फिनलैंड की ओरियन कॉर्पोरेशन के साथ एक दवा (Biosimilar) के विकास और सप्लाई का समझौता किया है।
  • जगसनपाल फार्मास्यूटिकल्स (+4.09%): एक्यूटास हेल्थकेयर में 85% हिस्सेदारी खरीदकर कंपनी ने हॉस्पिटल सेगमेंट में कदम रखा है।
  • कल्पतरु प्रोजेक्ट्स (+1.70%): कंपनी को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से ₹2,957 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं।
  • केईसी इंटरनेशनल (+1.38%): कंपनी ने ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और केबल बिजनेस में ₹1,754 करोड़ के ऑर्डर हासिल किए हैं।

रियल एस्टेट और ग्रीन एनर्जी

  • गोदरेज प्रॉपर्टीज (+2.02%): कंपनी ने चेन्नई के ओएमआर (OMR) क्षेत्र में एकमुश्त खरीद के जरिए 47 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है।
  • गोदावरी बायोरिफाइनरीज (+3.55%): इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी ने कर्नाटक की समीरवाड़ी यूनिट में अनाज आधारित डिस्टिलरी शुरू की है।

ग्लोबल मार्केट और आईपीओ (IPO) अपडेट

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिले। अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट पर डाउ जोंस (Dow Jones) पहली बार 52,000 के ऐतिहासिक स्तर के पार बंद हुआ, जिसे अल्फाबेट (Alphabet) के इंडेक्स में शामिल होने से मजबूती मिली। एशिया में, चीन का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई (PMI) जून में सुधरकर 50.3 पर पहुंच गया, जिससे चीनी बाजारों में बढ़त देखी गई।

प्राइमरी मार्केट की बात करें तो आस्था स्पिनटेक्स (Aastha Spintex) के आईपीओ को निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। बोली लगाने के दूसरे दिन यह इश्यू 1.48 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। ₹125 से ₹136 के प्राइस बैंड वाले इस आईपीओ के लिए 1 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है।

कॉर्पोरेट जगत की प्रमुख गतिविधियां

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन का शेयर 1.91 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी ने घोषणा की कि मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (एमएससी) अपनी सहयोगी टर्मिनल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (टीआईएल) के माध्यम से अडानी विजिंजम पोर्ट में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी।

शिल्पा मेडिकेयर 4.43 प्रतिशत उछला। इसकी सहायक कंपनी शिल्पा बायोलॉजिकल्स ने फिनलैंड की ओरियन कॉर्पोरेशन के साथ यूरोपीय बाजार के लिए बायोसिमिलर दवा विकसित करने का समझौता किया है।

गोदरेज प्रॉपर्टीज ने चेन्नई के ओल्ड महाबलीपुरम रोड पर 47 एकड़ भूमि खरीदी, जिससे उसका शेयर 2.02 प्रतिशत चढ़ा।

वारी एनर्जीज की अमेरिकी इकाई को 236.22 मेगावाट सौर मॉड्यूल की आपूर्ति का ऑर्डर मिला, जिससे शेयर 2.35 प्रतिशत बढ़ा।

कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल को 2,957 करोड़ रुपये तथा केईसी इंटरनेशनल को 1,754 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले।

जैगसनपाल फार्मास्यूटिकल्स ने एक्विटास हेल्थकेयर में 85 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की, जबकि गोदावरी बायोरिफाइनरीज ने कर्नाटक में नई ग्रेन आधारित डिस्टिलरी शुरू की।

बंधन बैंक के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) राजीव मंत्री ने इस्तीफा दिया, हालांकि बैंक का शेयर हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ।

आईपीओ पर निवेशकों की नजर

आस्था स्पिनटेक्स के आईपीओ को दूसरे दिन अच्छा निवेशक समर्थन मिला।

मंगलवार शाम तक यह इश्यू 1.48 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। 125 से 136 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड वाला यह आईपीओ 1 जुलाई को बंद होगा।

आगे की राह

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर पहली तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों, वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियों, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी। मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों के बावजूद बड़े शेयरों में मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।