Last Updated on July 3, 2026 7:02 pm by BIZNAMA NEWS
हमारे बिजनेस संवाददाता
घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करते हुए अपनी तेजी का सिलसिला जारी रखा। अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के उम्मीद से कमजोर रहने के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दरों में कटौती किए जाने की उम्मीद मजबूत हुई, जिससे वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय बाजार में भी सकारात्मक माहौल बना। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा और धातु क्षेत्र के प्रमुख शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी, हालांकि कारोबार के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली के कारण शुरुआती बढ़त कुछ कम हो गई।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 261.79 अंक यानी 0.34 प्रतिशत बढ़कर 77,763.91 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी-50 95.15 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,270.85 पर पहुंच गया। लगातार तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 1.68 प्रतिशत और निफ्टी 1.69 प्रतिशत मजबूत हुआ है, जिससे बाजार में निवेशकों का विश्वास और मजबूत होता दिखाई दिया।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में संभावित नरमी, घटती बाजार अस्थिरता और भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी संकेतकों ने निवेशकों को इक्विटी बाजार की ओर आकर्षित किया।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने बढ़ाई फेड से उम्मीदें
बाजार की तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका से आए कमजोर रोजगार आंकड़े रहे। जून महीने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में केवल 57,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जबकि बाजार को लगभग 1.10 लाख नौकरियों की उम्मीद थी। मई के आंकड़े भी संशोधित होकर 1.29 लाख पर आ गए।
इन आंकड़ों के बाद यह संभावना मजबूत हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगामी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। कम ब्याज दरें वैश्विक वित्तीय बाजारों में तरलता बढ़ाती हैं और भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद करती हैं।
हालांकि गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, लेकिन फेड की संभावित नरम नीति ने एशियाई और यूरोपीय बाजारों में निवेशकों का उत्साह बढ़ाया।
आईटी और बैंकिंग शेयर बने तेजी के प्रमुख आधार
शुक्रवार की तेजी में आईटी और निजी बैंकिंग शेयरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भारती एयरटेल 1.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ निफ्टी को सबसे अधिक समर्थन देने वाले शेयरों में शामिल रही। आईसीआईसीआई बैंक 0.91 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक 0.70 प्रतिशत चढ़े, जिससे वित्तीय क्षेत्र में मजबूती बनी रही।
आईटी शेयरों में भी खरीदारी का रुख कायम रहा। पिछले सप्ताह आई गिरावट के बाद निवेशकों ने गुणवत्तापूर्ण तकनीकी कंपनियों में दोबारा निवेश किया। बाजार का मानना है कि यदि अमेरिका में ब्याज दरें घटती हैं तो वैश्विक आईटी खर्च में सुधार हो सकता है, जिसका लाभ भारतीय कंपनियों को मिलेगा।
व्यापक बाजार में रही सीमित बढ़त
हालांकि प्रमुख सूचकांक बढ़त में बंद हुए, लेकिन व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.25 प्रतिशत गिर गया, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स केवल 0.09 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज कर सका। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की प्राथमिकता फिलहाल बड़ी और मजबूत कंपनियों पर बनी हुई है।
इसके बावजूद बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही। बीएसई में कारोबार करने वाले 2,257 शेयरों में तेजी, 1,986 में गिरावट जबकि 202 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बाजार की संभावित अस्थिरता का संकेत देने वाला इंडिया वीआईएक्स 3.98 प्रतिशत गिरकर 11.80 पर आ गया, जो निवेशकों के बीच बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, लेकिन विस्तार जारी
इस बीच भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े ताजा आंकड़ों ने संकेत दिया कि जून में सेवा क्षेत्र का विस्तार जारी रहा, हालांकि इसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ी।
एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई जून में घटकर 57.4 पर आ गया, जबकि मई में यह 59.8 था। यह पिछले 17 महीनों का सबसे धीमा विस्तार है, लेकिन सूचकांक अब भी 50 के ऊपर बना हुआ है, जो क्षेत्र में वृद्धि का संकेत देता है।
रिपोर्ट के अनुसार घरेलू मांग कुछ कमजोर रही, नई नियुक्तियों में लगभग ठहराव रहा और कारोबारी विश्वास भी नरम पड़ा। हालांकि विदेशी बाजारों से मिलने वाले नए ऑर्डर तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए, जिससे सेवा क्षेत्र को समर्थन मिला।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय सेवा क्षेत्र अब भी मजबूत स्थिति में बना हुआ है।
बॉन्ड, मुद्रा और कमोडिटी बाजार
भारतीय बॉन्ड बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव रहा। 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड मामूली बढ़कर 6.716 प्रतिशत पर पहुंच गई।
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर लगभग 95.18 प्रति डॉलर पर कारोबार करता दिखा।
डॉलर इंडेक्स 0.13 प्रतिशत गिरकर 100.48 पर आ गया, जबकि सोने की कीमतों में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स अगस्त गोल्ड फ्यूचर्स 1.43 प्रतिशत बढ़कर 1,47,850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
दूसरी ओर ब्रेंट क्रूड लगभग स्थिर रहा और 71.85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा।
एशियाई बाजारों में भी तेजी
एशिया के अधिकांश शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।
जापान का सर्विसेज पीएमआई जून में 52.2 पर पहुंच गया, जो मई के 50.0 से बेहतर है। हालांकि बढ़ती लागत और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कारोबारी विश्वास सीमित रहा।
चीन का कैक्सिन सर्विसेज पीएमआई 54.1 पर रहा। घरेलू मांग में कुछ नरमी के बावजूद विदेशी ऑर्डरों में लगभग 20 महीनों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई।
उधर अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस के कारण शुक्रवार को शेयर बाजार बंद रहे।
कॉरपोरेट मोर्चे पर कई बड़े घटनाक्रम
आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर 5.74 प्रतिशत उछले। कंपनी ने यूरोप स्थित फॉर्च्यून ग्लोबल-50 समूह की एक कंपनी के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजिटल कार्यस्थल और एंटरप्राइज नेटवर्क आधुनिकीकरण का बड़ा अनुबंध किया है।
सुमितोमो केमिकल इंडिया के शेयर 13.55 प्रतिशत चढ़ गए। इसकी मूल जापानी कंपनी ने दक्षिण कोरिया की सैमसंग इलेक्ट्रो-मैकेनिक्स के साथ उन्नत सेमीकंडक्टर ग्लास सब्सट्रेट कारोबार के लिए संयुक्त उद्यम बनाने की घोषणा की है।
बजाज फाइनेंस ने पहली तिमाही में नए ऋण वितरण में 20 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की, जिसके बाद उसका शेयर 1.28 प्रतिशत मजबूत हुआ।
ब्लूस्प्रिंग एंटरप्राइजेज की सहायक कंपनी को वेदांता एल्युमिनियम से 1,437 करोड़ रुपये का संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) अनुबंध मिलने पर शेयर में करीब चार प्रतिशत की तेजी आई।
जाइडस लाइफसाइंसेज ने अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ भारत में मल्टी-कैंसर डिटेक्शन टेस्ट ‘शील्ड’ शुरू करने के लिए समझौता किया, जिससे कंपनी के शेयर लगभग चार प्रतिशत चढ़ गए।
मैराथन नेक्स्टजेन रियल्टी ने मुंबई के वर्सोवा क्षेत्र में पुनर्विकास परियोजना हासिल की, जबकि पीसी ज्वेलर ने जून तिमाही में लगभग 21 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का अनुमान जताया, जिससे उसके शेयर चार प्रतिशत से अधिक मजबूत हुए।
वित्तीय शेयरों में मिला-जुला रुख
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शेयर 3.70 प्रतिशत टूट गए। बैंक के तिमाही कारोबारी अपडेट में ऋण वितरण में अच्छी वृद्धि के बावजूद जमा और CASA में तिमाही आधार पर गिरावट दर्ज की गई।
वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर 5.39 प्रतिशत गिर गए। कंपनी ने लगभग 21 प्रतिशत ऋण वितरण वृद्धि का अनुमान दिया, लेकिन हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
पीबी फिनटेक के शेयर 5.71 प्रतिशत फिसल गए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कंपनी की प्रमुख निवेशक मैक्रिची इन्वेस्टमेंट्स लगभग 2.6 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेचने की तैयारी में है, जिसका अनुमानित आकार करीब 1,909 करोड़ रुपये है।
आईपीओ बाजार में निवेशकों का जबरदस्त उत्साह
प्राथमिक बाजार में निवेशकों का उत्साह लगातार बना हुआ है।
नैक पैकेजिंग के आईपीओ को अंतिम दिन 83.14 गुना अभिदान प्राप्त हुआ। कंपनी के 1.89 करोड़ शेयरों के मुकाबले 157.67 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए आवेदन प्राप्त हुए, जो निवेशकों की मजबूत रुचि को दर्शाता है।
आगे की राह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों, पहली तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी।
यदि अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें और मजबूत होती हैं तथा विदेशी निवेश का प्रवाह जारी रहता है, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का मौजूदा दौर आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि हालिया उछाल के बाद चुनिंदा शेयरों में मुनाफावसूली से अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता।

