Last Updated on July 21, 2026 10:29 pm by BIZNAMA NEWS
ऑटो और मेटल शेयरों में खरीदारी, तिमाही नतीजों के दम पर व्यापक बाजार ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया
हमारे व्यापार संवाददाता से
घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली और एचडीएफसी बैंक के शेयर में आई कमजोरी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। हालांकि, तिमाही नतीजों के आधार पर चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी रहने से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
बीएसई सेंसेक्स 238.41 अंक यानी 0.31 प्रतिशत गिरकर 77,470.11 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 50.80 अंक यानी 0.21 प्रतिशत टूटकर 24,187.70 पर आ गया। इसके साथ ही निफ्टी 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी रहने से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के लाभांश (मार्जिन) पर दबाव पड़ने की आशंका गहरा गई है।
एचडीएफसी बैंक बना सबसे बड़ा दबाव
मंगलवार की गिरावट में एचडीएफसी बैंक सबसे बड़ा दबाव बनाने वाला शेयर रहा। बैंक का शेयर 2.07 प्रतिशत टूट गया क्योंकि उसके जून तिमाही के नतीजे निवेशकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतर सके।
बैंक ने पहली तिमाही में शुद्ध लाभ में 5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की, जबकि सकल ऋण (ग्रॉस एडवांस) में 15.4 प्रतिशत और जमा (डिपॉजिट) में 13.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके बावजूद बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) 3.26 प्रतिशत रहा, जो 2023 में एचडीएफसी लिमिटेड के विलय से पहले के लगभग 4 प्रतिशत के स्तर से काफी नीचे है। इसी वजह से निवेशकों ने बैंक के शेयर में बिकवाली की।
इस बीच मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि बैंक के स्वतंत्र निदेशक मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन की पुनर्नियुक्ति की सिफारिश भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भेजने से पहले अतिरिक्त समीक्षा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मार्च 2026 में पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने कुछ प्रशासनिक मुद्दों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था, हालांकि बाद में स्वतंत्र कानूनी जांच में उन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
एचडीएफसी बैंक के अलावा भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का शेयर 1.48 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.40 प्रतिशत गिरा। इन तीनों दिग्गज शेयरों ने निफ्टी पर सबसे अधिक दबाव डाला।
व्यापक बाजार में रही मजबूती
जहां बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे, वहीं व्यापक बाजार ने मजबूती दिखाई।
बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.34 प्रतिशत और बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 0.19 प्रतिशत चढ़ा। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक मजबूत तिमाही परिणाम देने वाली मध्यम और छोटी कंपनियों में निवेश जारी रखे हुए हैं।
बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) भी सकारात्मक रही। बीएसई में 2,188 शेयरों में बढ़त, 2,021 शेयरों में गिरावट, जबकि 199 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
वहीं, बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स 2.92 प्रतिशत घटकर 12.60 पर आ गया, जिससे संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की आशंका फिलहाल सीमित है।
सेक्टरवार प्रदर्शन
मंगलवार के कारोबार में ऑटोमोबाइल और मेटल शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। मजबूत तिमाही नतीजों ने इन क्षेत्रों के शेयरों को समर्थन दिया।
दूसरी ओर पीएसयू बैंक, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), ऊर्जा और बैंकिंग क्षेत्र के शेयर दबाव में रहे। विश्लेषकों का कहना है कि इस समय बाजार में सेक्टर आधारित तेजी के बजाय कंपनियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर निवेश हो रहा है।
कच्चे तेल पर टिकी निवेशकों की नजर
बाजार की सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतें बनी हुई हैं।
सितंबर डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड 53 सेंट बढ़कर 89.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं, तो इससे भारत के चालू खाते, महंगाई और कई उद्योगों की लागत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित 10 दिन के युद्धविराम की खबरों से कुछ राहत मिली, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों और यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की धमकी ने ऊर्जा बाजार की चिंताओं को पूरी तरह समाप्त नहीं होने दिया।
रुपये में हल्की मजबूती
विदेशी बाजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले हल्का मजबूत हुआ।
रुपया 96.25 प्रति डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि पिछले सत्र में इसका बंद स्तर 96.36 था।
उधर, भारत की 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड प्रतिफल (यील्ड) बढ़कर 6.782 प्रतिशत पर पहुंच गई।
सोने में सुरक्षित निवेश की मांग
भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया।
एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1.01 प्रतिशत बढ़कर 1,42,822 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया।
वहीं अमेरिकी डॉलर सूचकांक (डीएक्सवाई) 100.92 पर लगभग स्थिर रहा, जबकि अमेरिका की 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.587 प्रतिशत पर आ गई।
वैश्विक बाजारों का रुख
यूरोपीय बाजारों में तेजी रही क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम प्रस्ताव का स्वागत किया। इसके अलावा ब्रिटेन में रोजगार के बेहतर आंकड़ों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
अधिकांश एशियाई बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए क्योंकि निवेशकों को उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में तनाव धीरे-धीरे कम हो सकता है।
हालांकि भू-राजनीतिक जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं और निवेशक स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अमेरिकी शेयर बाजार में कारोबार शुरू होने से पहले डॉव जोन्स फ्यूचर्स 220 अंकों से अधिक मजबूत कारोबार कर रहे थे।
आईपीओ बाजार में निवेशकों का उत्साह बरकरार
प्राथमिक बाजार में निवेशकों का उत्साह लगातार बना हुआ है।
कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स के आईपीओ को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। कंपनी के निर्गम को 146.20 गुना अभिदान (सब्सक्रिप्शन) प्राप्त हुआ। यह आईपीओ 402 से 424 रुपये प्रति शेयर के मूल्य दायरे में पेश किया गया था।
नई लिस्टिंग का मिला-जुला प्रदर्शन
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर ने बाजार में अच्छी शुरुआत की। यह 574 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले 610 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ और अंततः 609.90 रुपये पर बंद हुआ।
दूसरी ओर अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। शेयर अपने निर्गम मूल्य 105 रुपये पर सूचीबद्ध होने के बाद गिरकर 99.75 रुपये पर बंद हुआ।
तिमाही नतीजों के आधार पर शेयरों में उतार-चढ़ाव
टीवीएस मोटर कंपनी के शेयर 5.67 प्रतिशत उछले। कंपनी का शुद्ध लाभ पहली तिमाही में 51.35 प्रतिशत बढ़कर 1,173.97 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि राजस्व 38 प्रतिशत बढ़कर 13,896 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने 500 करोड़ रुपये के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी करने को भी मंजूरी दी।
करूर वैश्य बैंक के शेयर 13.11 प्रतिशत चढ़ गए। बैंक का शुद्ध लाभ 44.92 प्रतिशत बढ़कर 755.70 करोड़ रुपये हो गया।
एसएमएल महिंद्रा में 2.62 प्रतिशत और कैनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस में 3.43 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल के शेयरों में 20 प्रतिशत का ऊपरी सर्किट लगा। कंपनी ने पिछले वर्ष के घाटे की तुलना में इस बार पहली तिमाही में लाभ दर्ज किया।
वहीं वन 97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम) का शेयर 3.86 प्रतिशत गिर गया। कंपनी ने मजबूत तिमाही नतीजे घोषित किए, लेकिन निदेशक मंडल द्वारा बोनस शेयर जारी करने का प्रस्ताव फिलहाल स्थगित करने के फैसले से निवेशक निराश हुए।
बजाज ऑटो का शुद्ध लाभ 42.3 प्रतिशत बढ़ने और रिकॉर्ड राजस्व दर्ज करने के बावजूद शेयर 0.92 प्रतिशत फिसल गया, जबकि किर्लोस्कर न्यूमेटिक के शेयर 6.12 प्रतिशत टूट गए।
आगे की राह
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी।
यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है और वैश्विक तनाव कम होता है, तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है। फिलहाल मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों के आधार पर चुनिंदा शेयरों में निवेश के अवसर बने हुए हैं, जबकि बेंचमार्क सूचकांक सीमित दायरे में कारोबार कर सकते हैं।
अस्वीकरण: यह समाचार 21 जुलाई 2026 को बाजार बंद होने तक उपलब्ध आधिकारिक बाजार आंकड़ों, कंपनी घोषणाओं और सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह रिपोर्ट केवल समाचार एवं सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह या सिफारिश नहीं माना जाना चाहिए।

