SENSEX DROP

हमारे संवाददाता

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार का अंत हल्की गिरावट के साथ हुआ। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती बढ़त को बरकरार रखने में विफल रहे। बैंकिंग और मीडिया शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया, जबकि मेटल, आईटी और रियल्टी शेयरों में खरीदारी ने गिरावट को सीमित रखा।

बीएसई सेंसेक्स 171.72 अंक यानी 0.22 प्रतिशत गिरकर 77,369.11 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 32.95 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,219.05 अंक पर बंद हुआ। हालांकि पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी क्रमशः करीब 0.60 प्रतिशत और 0.58 प्रतिशत मजबूत हुए हैं।

शुरुआती बढ़त हुई गायब

दिन की शुरुआत घरेलू बाजार के लिए सकारात्मक रही। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 200 अंक से अधिक चढ़ा, जबकि निफ्टी भी 24,300 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। बैंकिंग, आईटी और कुछ प्रमुख शेयरों में शुरुआती खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।

हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने शुरुआती तेजी को खत्म कर दिया। कारोबार के अंतिम हिस्से में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में चले गए।

बैंकिंग शेयरों पर दबाव

सोमवार को बैंकिंग शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.93 प्रतिशत गिरकर 8,539.75 अंक पर बंद हुआ।

इस क्षेत्र में बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर में 2.23 प्रतिशत, केनरा बैंक में 2.05 प्रतिशत, पंजाब एंड सिंध बैंक में 0.94 प्रतिशत, भारतीय स्टेट बैंक में 0.88 प्रतिशत और इंडियन बैंक में 0.74 प्रतिशत की गिरावट रही।

बैंकिंग शेयरों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण है क्योंकि सेंसेक्स और निफ्टी में वित्तीय क्षेत्र का बड़ा भार है। ऐसे में प्रमुख बैंकों में बिकवाली का सीधा असर व्यापक बाजार पर पड़ा।

मेटल शेयरों का शानदार प्रदर्शन

दूसरी ओर, मेटल शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.59 प्रतिशत चढ़कर 13,381.45 अंक पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र रहा जब मेटल इंडेक्स में तेजी दर्ज की गई।

वेलस्पन कॉर्प के शेयर में 4.21 प्रतिशत, सेल में 3.57 प्रतिशत, जेएसडब्ल्यू स्टील में 2.57 प्रतिशत, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में 2.37 प्रतिशत और नेशनल एल्युमिनियम कंपनी में 2.24 प्रतिशत की तेजी रही।

मेटल इंडेक्स पिछले एक सप्ताह में 1.78 प्रतिशत और एक महीने में 4.35 प्रतिशत मजबूत हुआ है। पिछले एक साल में इसमें करीब 38.75 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। इससे संकेत मिलता है कि धातु क्षेत्र में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

टाटा स्टील में भारी कारोबार

टाटा स्टील निफ्टी 50 में सबसे अधिक कारोबार वाले शेयर के रूप में उभरा। कंपनी के करीब 378.01 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जो पिछले एक सप्ताह के औसत दैनिक कारोबार की तुलना में 107.33 प्रतिशत अधिक है।

हालांकि टाटा स्टील का शेयर पिछले एक महीने में करीब 2.26 प्रतिशत कमजोर हुआ है, लेकिन पिछले एक साल में इसमें 13.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।

ब्रॉडर मार्केट में भी हल्की कमजोरी

व्यापक बाजार ने हालांकि प्रमुख सूचकांकों की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 0.01 प्रतिशत और बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 0.17 प्रतिशत गिरकर बंद हुए।

बाजार की चौड़ाई कमजोर रही। बीएसई पर 2,374 शेयरों में तेजी, जबकि 2,924 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कुल 239 शेयर अपरिवर्तित रहे।

इससे पता चलता है कि प्रमुख सूचकांकों में गिरावट सीमित रहने के बावजूद व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव अपेक्षाकृत अधिक था।

इसके बावजूद एनएसई 500 इंडेक्स में आठ शेयरों ने अपने नए रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ। यह संकेत देता है कि बाजार में पूरी तरह से जोखिम से बचने की प्रवृत्ति नहीं है और चुनिंदा शेयरों में निवेशकों की खरीदारी जारी है।

मीडिया शेयरों में गिरावट

निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.58 प्रतिशत गिरकर 1,603.30 अंक पर बंद हुआ। जी एंटरटेनमेंट के शेयर में 2.80 प्रतिशत, नजारा टेक्नोलॉजीज में 1.81 प्रतिशत, टिप्स म्यूजिक में 1.11 प्रतिशत, हैथवे केबल एंड डाटाकॉम में 0.84 प्रतिशत और सन टीवी नेटवर्क में 0.70 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि मीडिया इंडेक्स पिछले एक सप्ताह में 1.42 प्रतिशत और पिछले एक महीने में 4.90 प्रतिशत मजबूत हुआ है, लेकिन पिछले एक साल में यह करीब 1.57 प्रतिशत नीचे है।

आईटी और रियल्टी ने संभाला बाजार

मेटल शेयरों के अलावा आईटी और रियल्टी क्षेत्र में भी खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। वैश्विक स्तर पर आईटी क्षेत्र से जुड़े संकेत मिश्रित रहने के बावजूद घरेलू निवेशकों ने चुनिंदा टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी की।

रियल्टी शेयरों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। घरेलू मांग, शहरीकरण और आवास क्षेत्र को लेकर सकारात्मक उम्मीदों के कारण रियल्टी शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

एटरनल में सक्रिय कारोबार

एटरनल लिमिटेड निफ्टी 50 में दूसरा सबसे अधिक कारोबार वाला शेयर रहा। करीब 218.93 लाख शेयरों का कारोबार हुआ। हालांकि इसका कारोबार पिछले एक सप्ताह के औसत दैनिक कारोबार की तुलना में 19.86 प्रतिशत कम रहा।

एटरनल के शेयर ने पिछले एक महीने में करीब 14.45 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। हालांकि पिछले एक साल में इसकी बढ़त केवल 1.93 प्रतिशत रही है।

कच्चे तेल की कीमतों पर नजर

कच्चे तेल की कीमतें घरेलू बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत बनी हुई हैं। एमसीएक्स पर कच्चे तेल का वायदा भाव करीब 2.28 प्रतिशत गिरकर 8,363 रुपये प्रति बैरल पर आ गया।

कच्चे तेल में नरमी भारत के लिए सकारात्मक मानी जाती है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल, मुद्रास्फीति और कंपनियों की लागत पर दबाव कम हो सकता है। इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय बाजार में लंबे समय तक ऊंची कीमतें रुपये और महंगाई के लिए जोखिम बढ़ा सकती हैं।

वैश्विक संकेत मिश्रित

वैश्विक बाजारों से भी घरेलू निवेशकों को स्पष्ट दिशा नहीं मिली। डॉव फ्यूचर्स करीब 0.21 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे। निवेशकों की नजर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर की चाल, कच्चे तेल और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भारतीय बाजार को सहारा दे रही है। हाल के सत्रों में घरेलू फंडों की सक्रियता ने विदेशी पूंजी के दबाव को काफी हद तक संतुलित किया है।

निफ्टी फ्यूचर्स ने दिए सतर्क संकेत

निफ्टी 50 फ्यूचर्स करीब 0.40 प्रतिशत गिरकर 24,188 पर बंद हुआ और यह निफ्टी के स्पॉट स्तर से लगभग 31 अंक के डिस्काउंट पर रहा। इससे अगले कारोबारी सत्र के लिए निवेशकों के बीच सतर्कता का संकेत मिलता है।

निफ्टी का 24,200 का स्तर निकट अवधि में महत्वपूर्ण तकनीकी और मनोवैज्ञानिक स्तर बना हुआ है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है तो 24,300 की ओर वापसी की संभावना बन सकती है। इसके विपरीत, 24,200 के नीचे लगातार कमजोरी बाजार में और दबाव बढ़ा सकती है।

आगे की रणनीति

कुल मिलाकर सोमवार का कारोबार व्यापक गिरावट के बजाय चुनिंदा शेयरों में खरीदारी और बिकवाली वाला बाजार रहा। मेटल, आईटी और रियल्टी शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, जबकि बैंकिंग और मीडिया शेयरों में कमजोरी ने प्रमुख सूचकांकों को नीचे खींचा।

आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी पर रहेगी। मौजूदा परिस्थितियों में बाजार में शेयर-विशेष गतिविधियां बढ़ने की संभावना है और निवेशकों को सेक्टर के बजाय मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर अधिक ध्यान देना पड़ सकता है।