Last Updated on June 16, 2026 6:58 pm by BIZNAMA NEWS
कच्चे तेल में नरमी, एफआईआई की वापसी और वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी
बिजनेस संवाददाता
घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी का दौर जारी रहा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की खरीदारी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं के घटने से बाजार में जोखिम लेने की धारणा बेहतर हुई, जिसका सीधा लाभ भारतीय इक्विटी बाजारों को मिला।
कारोबार के दौरान निफ्टी 24,000 के अहम स्तर तक पहुंच गया, हालांकि अंत में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके बावजूद सूचकांक मजबूती के साथ 23,950 के ऊपर बंद हुआ। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि धातु, स्वास्थ्य सेवा और फार्मा शेयरों में दबाव देखा गया।
बीएसई सेंसेक्स 544.15 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,808.48 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 135.25 अंक या 0.57 प्रतिशत चढ़कर 23,989.15 पर पहुंच गया। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 4.03 प्रतिशत और निफ्टी 3.57 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़त दर्ज कर चुके हैं।
व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.33 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 0.48 प्रतिशत मजबूत होकर बंद हुए। बाजार की चौड़ाई भी मजबूत रही। बीएसई पर 2,293 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,967 शेयरों में गिरावट रही। 169 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी रही। अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की खबरों के बाद यह संकेत मिला कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य जल्द ही फिर से सामान्य रूप से खुल जाएगा। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुईं और ब्रेंट क्रूड 83 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई दोनों पर दबाव कम हो सकता है।
निवेशकों का उत्साह विदेशी निवेशकों की वापसी से भी बढ़ा। लगातार 13 कारोबारी सत्रों तक बिकवाली करने के बाद एफआईआई शुद्ध खरीदार बने। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी पूंजी का प्रवाह जारी रहने पर भारतीय बाजारों में तेजी का रुख आगे भी बरकरार रह सकता है।
इसके अलावा, रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। वहीं, इंडिया वीआईएक्स, जिसे बाजार का ‘फियर इंडेक्स’ कहा जाता है, 6.89 प्रतिशत गिरकर 13.36 पर आ गया। यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में बाजार की अस्थिरता को लेकर निवेशकों की चिंताएं कम हुई हैं।
आईटी शेयरों ने दिखाई ताकत
मंगलवार के कारोबार में आईटी शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर 3.68 प्रतिशत उछल गया। कंपनी ने बेंगलुरु स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप सर्वम एआई में 1,427.25 करोड़ रुपये के रणनीतिक निवेश की घोषणा की है। यह निवेश कंपनी के 300 मिलियन डॉलर के सीरीज-बी फंडिंग राउंड का हिस्सा है।
इस निवेश के जरिए एचसीएल टेक सर्वम एआई में 10.46 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। निवेशकों ने इस कदम को भारत के तेजी से बढ़ते एआई क्षेत्र में कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति के रूप में देखा, जिससे शेयर में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में भी तेजी
सरकार की महत्वाकांक्षी हरित ऊर्जा योजनाओं से जुड़ी खबरों ने पवन ऊर्जा कंपनियों के शेयरों को भी मजबूती दी। सुजलॉन एनर्जी का शेयर 4.25 प्रतिशत चढ़ गया। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड पवन ऊर्जा क्षमता वृद्धि का उल्लेख करते हुए इस क्षेत्र के लिए बड़े अवसरों की बात कही।
उन्होंने पुराने पवन टर्बाइनों को नई और अधिक क्षमता वाली मशीनों से बदलने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिससे उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। इस घोषणा ने सुजलॉन सहित पूरे पवन ऊर्जा क्षेत्र के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
इसी क्रम में इनॉक्स विंड 1.25 प्रतिशत मजबूत हुआ। कंपनी ने इनॉक्स क्लीन एनर्जी के साथ 1,500 मेगावाट पवन टर्बाइन आपूर्ति के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सौदा देश में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार को गति देने वाला माना जा रहा है।
कॉरपोरेट घटनाक्रम से चुनिंदा शेयरों में हलचल
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन के शेयर में 0.90 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कंपनी ने अपने बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कैलेरिस के साथ रणनीतिक साझेदारी का विस्तार किया है। यह पहल 2030 तक एक अरब टन वार्षिक कार्गो हैंडलिंग क्षमता के लक्ष्य का हिस्सा है।
गोदावरी बायोरिफाइनरीज के शेयर में 5.56 प्रतिशत की तेज बढ़त आई। कंपनी को जापान पेटेंट कार्यालय से कैंसर उपचार से संबंधित एक नई खोज के लिए पेटेंट प्राप्त हुआ है। कंपनी का दावा है कि यह यौगिक स्तन और प्रोस्टेट कैंसर सहित कई प्रकार के कैंसर पर प्रभावी साबित हो सकता है।
मिनी डायमंड्स (इंडिया) के शेयरों में 9.77 प्रतिशत का उछाल आया। कंपनी को मुंबई स्थित ऑरा डायमंड से 16.25 करोड़ रुपये का घरेलू ऑर्डर प्राप्त हुआ है, जिसे चार महीने के भीतर पूरा किया जाएगा।
अमीर चंद जगदीश कुमार (एक्सपोर्ट्स) के शेयर में भी बढ़त रही। कंपनी ने ओमान की प्रमुख खाद्य वितरण कंपनी अल तस्नीम ग्रुप के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत एरोप्लेन ब्रांड चावल उत्पादों का वितरण पूरे ओमान में किया जाएगा।
बैंकिंग क्षेत्र में बंधन बैंक 2.78 प्रतिशत चढ़ा। बैंक ने 303.74 करोड़ रुपये के गैर-निष्पादित आवास ऋण खातों (एनपीए) को एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों को बेचने की मंजूरी दी है। इससे बैंक की बैलेंस शीट और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
वैश्विक बाजारों का सहयोग
वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। यूरोपीय शेयर बाजारों में बढ़त रही, जबकि अधिकांश एशियाई बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुए। निवेशकों ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को सकारात्मक संकेत के रूप में लिया।
जापान के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर बढ़ाकर 1 प्रतिशत कर दी, जो पिछले तीन दशकों का उच्चतम स्तर है। वहीं चीन से मिले आर्थिक आंकड़ों ने मिश्रित तस्वीर पेश की। खुदरा बिक्री में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन औद्योगिक उत्पादन उम्मीद से बेहतर रहा और बेरोजगारी दर में कमी आई।
ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को 4.35 प्रतिशत पर स्थिर रखा और मुद्रास्फीति नियंत्रण तथा रोजगार वृद्धि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अमेरिकी बाजारों में भी सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली थी। डॉव जोन्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक में 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इसका सकारात्मक प्रभाव मंगलवार को एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी दिखाई दिया।
आगे की राह
विश्लेषकों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है, विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजारों में तेजी का मौजूदा रुख आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि निवेशकों की नजरें आगामी वैश्विक घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर बनी रहेंगी।
निफ्टी के 24,000 के करीब पहुंचने और बाजार में अस्थिरता घटने से यह संकेत मिल रहा है कि निवेशकों का भरोसा लौट रहा है और बाजार निकट भविष्य में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।

