Last Updated on July 17, 2026 9:34 pm by BIZNAMA NEWS
बड़े शेयरों ने संभाली बाजार की कमान, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप पर रहा दबाव; वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल के बीच निवेशकों ने चुनिंदा दिग्गज कंपनियों पर लगाया दांव
हमारे व्यापार संवाददाता से
कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू शेयर बाजार ने सप्ताह का समापन मजबूत बढ़त के साथ किया। आईटी, बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के जून तिमाही परिणामों को लेकर बढ़ी उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया, जिससे प्रमुख सूचकांकों में जोरदार तेजी देखने को मिली।
बीएसई सेंसेक्स 964.58 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की छलांग लगाकर 78,151.45 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी-50 261.55 अंक यानी 1.09 प्रतिशत बढ़कर 24,334.30 पर पहुंच गया। इसके साथ ही निफ्टी एक बार फिर 24,300 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से टेक महिंद्रा, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और फेडरल बैंक के उम्मीद से बेहतर तिमाही परिणामों के कारण आई। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के आने वाले नतीजों को लेकर सकारात्मक धारणा ने भी बड़े शेयरों में खरीदारी को बल दिया। तकनीकी दृष्टि से निफ्टी का 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर निकलना भी तेजी को गति देने वाला प्रमुख कारक रहा।
बड़े शेयरों में जोरदार खरीदारी
बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों का रहा।
आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 2.52 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ 2.48 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक 1.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। इन तीनों शेयरों ने अकेले ही निफ्टी और सेंसेक्स की तेजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आईटी क्षेत्र में भी खरीदारी देखने को मिली, जहां टेक महिंद्रा के मजबूत तिमाही प्रदर्शन ने पूरे सेक्टर में सकारात्मक माहौल बनाया।
व्यापक बाजार में रही कमजोरी
हालांकि प्रमुख सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए, लेकिन व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.19 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 0.76 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुए। इससे स्पष्ट है कि निवेशकों ने जोखिम वाले छोटे शेयरों की बजाय बड़े और मजबूत बुनियादी कंपनियों को प्राथमिकता दी।
बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। बीएसई पर कारोबार करने वाले कुल शेयरों में 1,722 शेयर बढ़त के साथ, जबकि 2,500 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। 193 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
इस बीच, बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स 2.73 प्रतिशत बढ़कर 13.24 पर पहुंच गया, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
कच्चे तेल, बॉन्ड और रुपये पर नजर
मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही।
ब्रेंट क्रूड सितंबर वायदा 1.97 प्रतिशत बढ़कर 85.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह महंगाई और चालू खाते के घाटे की दृष्टि से चिंता का विषय माना जा रहा है।
घरेलू बॉन्ड बाजार में 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल (यील्ड) बढ़कर 6.773 प्रतिशत हो गई, जो पिछले सत्र में 6.751 प्रतिशत थी।
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 96.28 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.42 पर बंद हुआ था।
सुरक्षित निवेश की मांग के चलते एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.24 प्रतिशत बढ़कर 1,40,687 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
वैश्विक बाजारों में दबाव कायम
जहां भारतीय बाजारों में मजबूती रही, वहीं वैश्विक बाजारों में निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा।
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार छठे दिन भी सैन्य कार्रवाई जारी रहने से यूरोपीय बाजारों में गिरावट रही। इससे ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक मुद्रास्फीति को लेकर नई चिंताएं पैदा हुई हैं।
एशियाई बाजारों में भी अधिकांश सूचकांक कमजोरी के साथ बंद हुए। विशेष रूप से सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखी गई। इस बीच, दक्षिण कोरिया के बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद रहे।
अमेरिकी वायदा बाजार में भी कमजोरी रही और डॉव जोन्स फ्यूचर्स 330 अंकों से अधिक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
तिमाही नतीजों से शेयरों में जोरदार हलचल
पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों ने कई कंपनियों के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव पैदा किया।
फेडरल बैंक का शेयर 6.55 प्रतिशत उछल गया। बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 36.6 प्रतिशत बढ़कर 1,176.93 करोड़ रुपये रहा।
टेक महिंद्रा का शेयर 3.96 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी का शुद्ध लाभ 28.45 प्रतिशत बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पहुंच गया।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 156 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 830 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जिससे इसका शेयर 2.99 प्रतिशत मजबूत हुआ।
दूसरी ओर, विप्रो का शेयर 1.04 प्रतिशत फिसल गया, जबकि सीएट का शेयर तिमाही लाभ में 96 प्रतिशत की गिरावट के बाद 7.28 प्रतिशत टूट गया।
पॉलीकैब इंडिया लगभग 4 प्रतिशत गिर गया, जबकि वीवर्क इंडिया मैनेजमेंट भी कमजोर तिमाही प्रदर्शन के कारण 6.68 प्रतिशत लुढ़क गया।
छोटी कंपनियों में अमल ने मजबूत नतीजों के दम पर 20 प्रतिशत का अपर सर्किट लगाया। इंडोबेल इंसुलेशंस घरेलू ऑर्डर मिलने के बाद 14.82 प्रतिशत उछला, जबकि टाइम टेक्नोप्लास्ट को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) से लगभग 38.14 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने पर इसका शेयर 2.43 प्रतिशत चढ़ गया।
आईपीओ को मिला सकारात्मक प्रतिसाद
कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को पहले ही दिन अच्छा प्रतिसाद मिला।
एनएसई के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार शाम तक यह आईपीओ 1.17 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी को 78.35 लाख शेयरों के मुकाबले 92.02 लाख शेयरों के लिए आवेदन प्राप्त हुए।
यह आईपीओ 17 जुलाई को खुला है और 21 जुलाई को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड 402 से 424 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।
आगे की राह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी सप्ताह में भी बाजार की दिशा मुख्य रूप से कंपनियों के तिमाही नतीजों, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ जैसे दिग्गजों के परिणामों, पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियों से तय होगी। यदि कॉर्पोरेट आय मजबूत बनी रहती है और वैश्विक तनाव में और वृद्धि नहीं होती, तो घरेलू बाजारों में चुनिंदा बड़े शेयरों में तेजी का रुख जारी रह सकता है।
अस्वीकरण: यह समाचार केवल सूचना एवं पत्रकारिता के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह या शेयरों की खरीद-बिक्री की सिफारिश नहीं माना जाना चाहिए। निवेश संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

