Last Updated on June 10, 2026 11:02 pm by BIZNAMA NEWS
हमारे व्यापार संवाददाता से
भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार को शुरुआती और दोपहर के सत्र की मजबूती अंतिम घंटों में कमजोर पड़ गई और प्रमुख सूचकांक सीमित बढ़त तथा हल्की गिरावट के साथ बंद हुए। ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली, कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार धारणा को प्रभावित किया।
कारोबार के दौरान निफ्टी ने 23,425.35 का इंट्राडे उच्च स्तर छुआ, लेकिन अंतिम चरण में अधिकांश बढ़त गंवा दी और 23,250 के नीचे बंद हुआ। एफएमसीजी और निजी बैंकिंग शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया, जबकि धातु और रियल्टी क्षेत्र में बिकवाली देखने को मिली।
एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 64.42 अंक या 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,983.18 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 सूचकांक 27.15 अंक या 0.12 प्रतिशत फिसलकर 23,214.95 पर बंद हुआ।
निफ्टी पर भार डालने वाले प्रमुख शेयरों में भारती एयरटेल, इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे।
व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में दबाव अधिक दिखाई दिया। बीएसई मिडकैप सूचकांक 1.36 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 1.13 प्रतिशत गिरा। बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही, जहां बीएसई पर गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से काफी अधिक रही।
निवेशकों की नजर इन संकेतकों पर
भारतीय 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड प्रतिफल बढ़कर 6.89 प्रतिशत पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले हल्की कमजोरी के साथ कारोबार करता रहा।
कमोडिटी बाजार में एमसीएक्स गोल्ड अगस्त वायदा में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि ब्रेंट क्रूड में सीमित बढ़त रही। निवेशक ऊर्जा आपूर्ति और भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर सतर्क बने रहे।
वैश्विक बाजारों से मिला मिला-जुला संकेत
अमेरिका में महंगाई आंकड़ों से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। अमेरिकी शेयर वायदा दबाव में रहा जबकि यूरोपीय बाजार शुरुआती मजबूती के बाद नकारात्मक क्षेत्र में चले गए।
एशियाई बाजार भी ज्यादातर कमजोरी के साथ बंद हुए। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
चीन के आर्थिक आंकड़ों में उपभोक्ता महंगाई अपेक्षाओं से कुछ कमजोर रही, जबकि उत्पादक मूल्य सूचकांक में तेजी दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति व्यवधानों ने इसमें भूमिका निभाई।
कॉरपोरेट गतिविधियां रहीं चर्चा में
कॉरपोरेट मोर्चे पर कई कंपनियों की घोषणाएं निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं।
एजिस लॉजिस्टिक्स के शेयर में तेजी आई, जब एक विदेशी ब्रोकरेज ने स्टॉक पर सकारात्मक रुख बरकरार रखते हुए लक्ष्य मूल्य बढ़ाया।
एलिटकॉन इंटरनेशनल ने एफएमसीजी क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये के विस्तार कार्यक्रम और वित्त वर्ष 2030 तक 20,000 करोड़ रुपये राजस्व लक्ष्य की घोषणा के बाद मजबूत उछाल दर्ज किया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज चर्चा में रही, जिसने मेटा प्लेटफॉर्म्स के साथ गुजरात के जामनगर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डेटा सेंटर विकसित करने की साझेदारी की घोषणा की। प्रस्तावित परियोजना की शुरुआती क्षमता 168 मेगावाट होगी और भविष्य में विस्तार का विकल्प भी शामिल है।
न्यूक्लियस सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट्स में इंडोनेशिया की एजेंट्रा सोलुसी डिजिटल के साथ साझेदारी की घोषणा के बाद तेज बढ़त दर्ज की गई।
केआरएन हीट एक्सचेंजर एंड रेफ्रिजरेशन ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई में 235.26 करोड़ रुपये निवेश की मंजूरी दी, जिससे शेयर में तेजी आई।
डिक्सन टेक्नोलॉजीज ने जेमटेक टेक्नोलॉजी के साथ संयुक्त उद्यम की घोषणा की, हालांकि शेयर हल्के दबाव में रहा।
क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस ने मेटा के साथ भारत में 900 मेगावाट से अधिक अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने की साझेदारी के बाद मजबूत प्रदर्शन किया।
कॉनकॉर्ड बायोटेक को अमेरिकी नियामक यूएसएफडीए से टोफासिटिनिब टैबलेट्स के लिए मंजूरी मिलने के बाद निवेशकों का समर्थन मिला।
अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर को महाराष्ट्र के वधवन पोर्ट परियोजना के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड मिलने से शेयर में तेजी दर्ज की गई।
अन्य प्रमुख गतिविधियों में जेटीएल इंडस्ट्रीज, मार्सन्स और वेरांडा लर्निंग के शेयरों में अलग-अलग कारोबारी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
नई लिस्टिंग
सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज के शेयरों ने बाजार में मजबूत शुरुआत की। कंपनी का शेयर बीएसई पर 247.90 रुपये पर बंद हुआ, जो इसके 192 रुपये के निर्गम मूल्य की तुलना में लगभग 29 प्रतिशत अधिक रहा। कारोबार के दौरान शेयर ने 275.40 रुपये का उच्च स्तर भी छुआ।

