SENSEX DROP

Last Updated on June 29, 2026 5:30 pm by BIZNAMA NEWS

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डोनाल्ड ट्रंप के हवाई हमलों के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता; घरेलू बाजार में वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) बढ़ा

Our Business Correspondent

भारतीय शेयर बाजार सोमवार को अपनी शुरुआती बढ़त बरकरार रखने में नाकाम रहा और मुनाफावसूली के भारी दबाव के चलते लाल निशान में बंद हुआ। निफ्टी 50 अपने कारोबारी सत्र के उच्चतम स्तर 24,120 को छूने के बाद ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं सका और 23,950 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे बंद हुआ। बाजार को सबसे ज्यादा नुकसान ऑटोमोबाइल और आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों में आई भारी बिकवाली से हुआ।

सेंसेक्स (S&P BSE Sensex) 372.10 अंक यानी 0.48% की गिरावट के साथ 76,728.37 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 (Nifty 50) 109.75 अंक या 0.46% फिसलकर 23,946.25 के स्तर पर आ गया।

बाजार में घबराहट का माहौल एनएसई (NSE) के इंडिया विक्स (India VIX) में भी देखा गया, जो 4.29% बढ़कर 13.61 पर पहुंच गया। बाजार का चौतरफा रुख (Market Breadth) नकारात्मक रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर केवल 1,712 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि 2,629 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं 232 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

मैक्रो और कमोडिटी मार्केट की स्थिति

सूचकांक / कमोडिटीक्लोजिंग वैल्यूबदलाव / उतार-चढ़ाव
भारत 10-वर्षीय बेंचमार्क यील्ड6.764%0.15% की गिरावट (पिछला बंद: 6.774%)
USD/INR (डॉलर-रुपया)94.53कमजोरी (पिछले बंद 94.45 के मुकाबले)
MCX गोल्ड फ्यूचर्स (5 अगस्त)₹142,7390.99% की गिरावट
यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY)101.270.09% की गिरावट
यूएस 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड4.382%0.30% की बढ़त
ब्रेंट क्रूड (अगस्त 2026)$72.45/बैरल$0.46 की बढ़त (+0.64%)

दिग्गज शेयरों ने बाजार को नीचे खींचा

बाजार में आई इस गिरावट की अगुवाई कोटक महिंद्रा बैंक ने की, जिसके शेयर में 2.93% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट बैंक के प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अशोक वासवानी द्वारा 31 दिसंबर 2026 को अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति न चाहने की घोषणा के बाद आई।

इसके अलावा, ऑटो क्षेत्र की दिग्गज कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा 2.43% और रिलायंस इंडस्ट्रीज 1.20% टूटकर बंद हुई। व्यापक बाजार (Broader Market) में भी कमजोरी रही; बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 0.22% और बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 0.57% गिरकर बंद हुए।

भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक बाजारों में सुस्ती

मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव ने घरेलू निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। वीकेंड के दौरान, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान द्वारा युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने के बाद अमेरिकी विमानों ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया है।

हालांकि, सोमवार को अमेरिकी डॉव जोन्स फ्यूचर्स में 202 अंकों की बढ़त के साथ सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिल रहे थे, लेकिन यूरोपीय और एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस तनाव का वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति पर क्या असर पड़ेगा। पिछले शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में कमजोरी देखी गई थी, जहां एआई (AI) शेयरों में वोलैटिलिटी और स्पेसएक्स (SpaceX) की सुस्त लिस्टिंग के बाद ‘ओपनएआई’ (OpenAI) द्वारा अपना आईपीओ 2027 तक टालने की खबरों से नैस्डैक (Nasdaq) पूरे सप्ताह में 4.6% टूट गया।

कॉरपोरेट जगत और चर्चा में रहने वाले शेयर

नगारो (Nagarro) के अधिग्रहण की खबर से परसिस्टेंट सिस्टम्स 11% से अधिक टूटा

परसिस्टेंट सिस्टम्स के शेयरों में आज 11.35% की भारी गिरावट आई। कंपनी ने म्यूनिख (जर्मनी) स्थित डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी नगारो एसई (Nagarro SE) को €81 प्रति शेयर की दर से ऑल-कैश वॉलंटरी पब्लिक टेकओवर का प्रस्ताव दिया है।

हालांकि इस डील से बनने वाली संयुक्त कंपनी का सालाना रेवेन्यू रन-रेट लगभग $2.9 बिलियन होने और 40 से अधिक देशों में 46,000 कर्मचारियों के साथ एक ग्लोबल दिग्गज बनने की उम्मीद है, लेकिन इस बड़े सीमा-पार (Cross-Border) अधिग्रहण को पूरा करने और इसके क्रियान्वयन को लेकर संस्थागत निवेशक थोड़े सतर्क दिखे। परसिस्टेंट ने नगारो के सबसे बड़े शेयरधारक से 21% हिस्सेदारी पहले ही सुरक्षित कर ली है।

अन्य प्रमुख शेयरों का हाल

  • हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज (+4.53%): आईटी सेक्टर की कमजोरी के विपरीत यह शेयर मजबूत हुआ। कंपनी को ‘अमेज़न बेडरोक’ के लिए ‘एंथ्रोपिक ऑथराइज्ड रीसेलर’ का दर्जा मिला है, जिससे वह वैश्विक स्तर पर क्लाउड एआई (Claude AI) मॉडल बेच और सपोर्ट कर सकेगी।
  • बजाज हेल्थकेयर (+16.26%): सीडीएससीओ (CDSCO) की विषय विशेषज्ञ समिति (SEC) द्वारा वयस्कों में ‘पार्शियल-ऑनसेट सीजर्स’ (दौरे पड़ने की बीमारी) के इलाज के लिए ‘सेनोबामेट टैबलेट्स’ के निर्माण और विपणन को मंजूरी की सिफारिश के बाद इस शेयर में जबरदस्त उछाल आया।
  • ओमैक्स (+8.40%): कंपनी ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बड़े पैमाने पर कदम रखने की घोषणा की है। ओमैक्स अगले 4-5 वर्षों में 5 राज्यों के 13 शहरों में 19 होटल विकसित करने के लिए करीब ₹6,200 करोड़ का निवेश करेगी।
  • एस्ट्रल (-7.86%): कंपनी के बोर्ड द्वारा अपने केमिकल्स बिजनेस को ‘एस्ट्रल केमी’ नाम से एक अलग इकाई में डिमर्जर करने और पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अल-अजीज प्लास्टिक्स के समामेलन (Amalgamation) को मंजूरी देने के बाद इस शेयर में भारी बिकवाली हुई।
  • वारी एनर्जीज (-4.10%): अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) के एक फैसले को लेकर इस शेयर में गिरावट आई। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया कि जांच में चीन के सोलर सेल्स से बने मॉड्यूल के निर्यात का कोई सबूत नहीं मिला है और यह आदेश केवल कुछ पुराने आयात प्रविष्टियों तक ही सीमित है, जिससे वर्तमान परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

प्राइमरी मार्केट और मैक्रो इकोनॉमिक्स

टर्टलमिंट फिनटेक की सुस्त लिस्टिंग; आईपीओ को मिला-जुला रिस्पॉन्स

प्राइमरी मार्केट से आज मिले-जुले संकेत मिले। टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस की बाजार में शुरुआत काफी निराशाजनक रही। इसका शेयर अपने ₹152 के इश्यू प्राइस के मुकाबले 10.39% के डिस्काउंट के साथ ₹136.20 पर लिस्ट हुआ और अंत में 10.92% की गिरावट के साथ ₹135.40 पर बंद हुआ।

दूसरी ओर, आईपीओ पाइपलाइन में सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ अपने आखिरी दिन 1.34 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ। इसके विपरीत, आज से खुलने वाले आस्था स्पिनटेक्स के आईपीओ को पहले दिन सुस्त प्रतिक्रिया मिली और यह केवल 0.84 गुना ही सब्सक्राइब हो सका।

विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर के करीब

मैक्रो मोर्चे पर भारत की स्थिति मजबूत बनी हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 19 जून को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $963 मिलियन बढ़कर $672.587 बिलियन पर पहुंच गया।

यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से केंद्रीय बैंक के सोने के भंडार (Gold Reserves) के मूल्य में $4.110 बिलियन के उछाल के कारण हुई, जिससे कुल स्वर्ण भंडार $107.930 बिलियन का हो गया। सोने के बढ़े मूल्यों ने विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) में आई $3.072 बिलियन की गिरावट को पूरी तरह संभाल लिया।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस बाजार रिपोर्ट में दी गई जानकारी 29 जून 2026 तक के सार्वजनिक एक्सचेंज डेटा, कॉर्पोरेट घोषणाओं और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर आधारित है। यह लेख किसी भी प्रकार की वित्तीय सलाह या निवेश की सिफारिश नहीं करता है।