Last Updated on June 25, 2026 8:45 pm by BIZNAMA NEWS
हमारे संवाददाता से
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और ऑटोमोबाइल शेयरों में मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि दिन के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली बढ़ने और धातु, आईटी, तेल एवं गैस तथा ऊर्जा शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार अपनी शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा बैठा।
बीएसई सेंसेक्स 109.25 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,100.47 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी-50 34.35 अंक यानी 0.14 प्रतिशत चढ़कर 24,056 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 24,261.60 के स्तर तक पहुंच गया, जो एक महीने से अधिक समय का उच्चतम स्तर था, लेकिन बाद में इसमें कुछ नरमी देखी गई।
पिछले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में 1.18 प्रतिशत और निफ्टी में लगभग 1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों के भरोसे में सुधार का संकेत मिला है।
ऑटो और बैंकिंग शेयरों ने संभाला बाजार
बाजार की बढ़त में ऑटोमोबाइल कंपनियों की प्रमुख भूमिका रही। महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर लगभग 4 प्रतिशत चढ़े, जबकि मारुति सुजुकी इंडिया में 3.8 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। निजी क्षेत्र के बैंकिंग दिग्गज आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त रही।
विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से ऑटोमोबाइल और ईंधन-आधारित उद्योगों की लागत कम होने की संभावना है, जिससे इन क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है।
व्यापक बाजार में रही कमजोरी
मुख्य सूचकांकों में बढ़त के बावजूद व्यापक बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा। बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.44 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 0.51 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुए। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की खरीदारी मुख्य रूप से बड़े शेयरों तक सीमित रही।
बीएसई पर बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। कुल 2,581 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 1,641 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। 192 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बाजार की अस्थिरता का प्रमुख संकेतक इंडिया वीआईएक्स 2.5 प्रतिशत घटकर 13.05 पर आ गया, जो निवेशकों की चिंता में कमी को दर्शाता है।
तेल और मुद्रा बाजार से मिला समर्थन
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 1.34 प्रतिशत घटकर 72.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही सामान्य होने से तेल बाजार में राहत देखने को मिली।
तेल की कीमतों में गिरावट से भारत जैसे आयात-निर्भर देशों को लाभ मिलता है क्योंकि इससे मुद्रास्फीति और आयात लागत पर दबाव कम होता है।
विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपया मजबूत हुआ और डॉलर के मुकाबले 94.55 से सुधरकर 94.40 के आसपास कारोबार करता देखा गया। वहीं, 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दर (यील्ड) मामूली घटकर 6.78 प्रतिशत पर आ गई।
वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख
एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। अमेरिकी चिप निर्माता माइक्रोन टेक्नोलॉजी और क्वालकॉम द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े कारोबार के लिए मजबूत मांग और बेहतर भविष्य अनुमान पेश किए जाने से तकनीकी शेयरों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
जापान और दक्षिण कोरिया के तकनीकी शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया, जबकि यूरोपीय बाजार भी मजबूती के साथ कारोबार करते रहे।
एयरलाइन शेयरों में जोरदार तेजी
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से विमानन कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय खरीदारी देखने को मिली। इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयर लगभग 5 प्रतिशत चढ़े, जबकि स्पाइसजेट में 2.7 प्रतिशत की तेजी रही।
इसके विपरीत, सोने की कीमतों में नरमी से गोल्ड फाइनेंस कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। आईआईएफएल फाइनेंस और मुथूट फाइनेंस के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
कॉर्पोरेट गतिविधियां
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज का शेयर 5 प्रतिशत के ऊपरी सर्किट पर पहुंच गया। कंपनी ने अपने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) की शुरुआत करते हुए प्रति शेयर 613.69 रुपये का फ्लोर प्राइस तय किया है।
वहीं रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को आंध्र प्रदेश की बिजली वितरण कंपनी से 29.83 करोड़ रुपये का एसडी-वान (SD-WAN) परियोजना अनुबंध मिलने के बावजूद शेयर में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
इलेक्ट्रोस्टील कास्टिंग्स ने पश्चिम बंगाल स्थित अपने मिनी ब्लास्ट फर्नेस संयंत्र का उत्पादन पुनः शुरू करने की घोषणा की, लेकिन इसके शेयर भी दबाव में रहे।
आईपीओ बाजार में मिला-जुला रुझान
प्राथमिक बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही। अद्वित ज्वेल्स का आईपीओ 211 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ, जिससे निवेशकों की मजबूत रुचि दिखाई दी। वहीं वाटरवेज लीजर टूरिज्म का निर्गम 1.45 गुना सब्सक्राइब हुआ। दूसरी ओर, सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ अभी तक पूर्ण रूप से सब्सक्राइब नहीं हो सका और यह 0.61 गुना पर रहा।
मुहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बंद रहेंगे। ऐसे में निवेशकों की निगाहें अब सोमवार को बाजार खुलने पर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रमों पर टिकी रहेंगी।

