Last Updated on May 13, 2026 9:45 pm by BIZNAMA NEWS
हमारे संवाददाता से
महंगाई से जूझ रहे आम उपभोक्ताओं को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई दरें 14 मई से लागू होंगी, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।
कीमतों में यह वृद्धि फुल क्रीम दूध, टोंड दूध, गाय का दूध, भैंस का दूध और अन्य प्रीमियम वैरिएंट्स पर लागू होगी। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच दूध जैसी आवश्यक वस्तु के महंगे होने से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
Gujarat Cooperative Milk Marketing Federation द्वारा विपणन किए जाने वाले अमूल ने अधिकांश वैरिएंट्स में 1 से 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। नई दरों के अनुसार अमूल गोल्ड एक लीटर पैक अब 68 रुपये के बजाय 70 रुपये में मिलेगा, जबकि अमूल ताज़ा की कीमत 55 रुपये से बढ़ाकर 57 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
इसके अलावा अमूल ने भैंस के दूध, गाय के दूध, स्लिम एंड ट्रिम तथा टी स्पेशल वैरिएंट्स की कीमतों में भी संशोधन किया है। 500 मिलीलीटर अमूल भैंस दूध अब 38 रुपये की जगह 39 रुपये में मिलेगा, जबकि गाय के दूध का 500 मिली पैक 29 रुपये से बढ़कर 30 रुपये हो गया है।
दूसरी ओर Mother Dairy ने भी कई उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। कंपनी द्वारा वितरकों और ट्रांसपोर्टरों को जारी सर्कुलर के अनुसार मदर डेयरी भैंस दूध का एक लीटर पैक अब 75 रुपये के बजाय 80 रुपये में मिलेगा।
मदर डेयरी के फुल क्रीम दूध की कीमत भी बढ़ाकर 72 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जो पहले 69 रुपये थी। कंपनी ने डबल टोंड दूध, टोंड दूध, गाय के दूध और प्रो मिल्क वैरिएंट्स की कीमतों में भी इजाफा किया है। नई दरें 13 मई की रात से सप्लाई होने वाले दूध पर लागू होंगी और 14 मई की सुबह से बाजार में प्रभावी होंगी।
लगातार बढ़ती दूध की कीमतों ने आम परिवारों की रसोई का बजट और अधिक बिगाड़ दिया है। दूध बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक जरूरतों से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण खाद्य वस्तुओं में शामिल है। ऐसे समय में कीमतों में बार-बार हो रही वृद्धि को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
कंपनियों का कहना है कि डेयरी क्षेत्र में खरीद और संचालन लागत बढ़ने के कारण कीमतों में संशोधन किया गया है। हालांकि, भारत के दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश होने के बावजूद दूध की लगातार बढ़ती कीमतों ने महंगाई और उपभोक्ता हितों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

