Last Updated on May 13, 2026 7:12 pm by BIZNAMA NEWS

AMN / नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने बुधवार को खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही कैबिनेट ने रेलवे, कोयला गैसीकरण और हवाई अड्डा आधुनिकीकरण से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की।

कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा कि MSP में बढ़ोतरी का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन में किसानों को लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है, जबकि 824 लाख मीट्रिक टन से अधिक फसलों की खरीद की संभावना है।

मंत्री के अनुसार सूरजमुखी बीज के MSP में सबसे अधिक 622 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। इसके बाद कपास पर 557 रुपये और तिल पर 500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। ग्रेड-ए धान का MSP 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जबकि ज्वार हाइब्रिड का MSP 4,023 रुपये, बाजरा 2,900 रुपये और अरहर (तूर) 8,450 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।

कैबिनेट ने 37,500 करोड़ रुपये की लागत वाली सतही कोयला एवं लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना को भी मंजूरी दी है। श्री वैष्णव ने इसे भारत के कोयला गैसीकरण कार्यक्रम को गति देने की दिशा में बड़ा कदम बताया। इस योजना का उद्देश्य सिंगैस और उससे जुड़े उत्पादों के उत्पादन के लिए नई परियोजनाओं को प्रोत्साहन देना है। इसके तहत लगभग 75 मिलियन टन कोयला और लिग्नाइट के गैसीकरण का लक्ष्य रखा गया है। सरकार को इस योजना के तहत करीब 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के लिए प्लांट और मशीनरी की लागत का अधिकतम 20 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। परियोजनाओं का चयन पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

कैबिनेट ने स्वदेशी तकनीक आधारित नमो भारत ट्रेन परिचालन के तहत देश के पहले सेमी-हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है। 134 किलोमीटर लंबे इस रेल कॉरिडोर की अनुमानित लागत 20,667 करोड़ रुपये है। यह परियोजना धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन को अहमदाबाद (साबरमती), धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल से जोड़ेगी।

इसके अलावा कैबिनेट ने नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण और उन्नयन को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत मंजूरी दी है। श्री वैष्णव ने कहा कि यह परियोजना मल्टी-मोडल इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट एट नागपुर (MIHAN) परियोजना के तहत नागपुर एयरपोर्ट को क्षेत्रीय विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

परियोजना के तहत GMR नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (GNIAL) डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को विश्वस्तरीय सुविधा में बदलने का कार्य करेगी। चरणबद्ध विकास योजना के तहत भविष्य में इस एयरपोर्ट की क्षमता 3 करोड़ यात्रियों को प्रतिवर्ष संभालने की होगी। इससे विदर्भ क्षेत्र और मध्य भारत की कनेक्टिविटी तथा आर्थिक ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।