Last Updated on May 14, 2026 12:06 am by BIZNAMA NEWS

हमारे बिजनेस संवाददाता से

घरेलू शेयर बाजारों ने बुधवार को लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट पर विराम लगाते हुए मामूली बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। कमजोर पड़े शेयरों में वैल्यू बायिंग और मेटल, एनर्जी तथा कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला। हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की कमजोरी और वैश्विक महंगाई को लेकर चिंता के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा।

शुरुआती कारोबार में भारी उतार-चढ़ाव और मुनाफावसूली के बाद बाजार ने निचले स्तरों से जोरदार वापसी की। एनएसई निफ्टी 23,400 के अहम स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा।

बीएसई सेंसेक्स 49.74 अंक यानी 0.07 प्रतिशत बढ़कर 74,608.98 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 33.05 अंकों यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,412.60 पर बंद हुआ। इससे पहले पिछले चार सत्रों में सेंसेक्स में 4.43 प्रतिशत और निफ्टी में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

Tata Steel, Bharti Airtel और Larsen & Toubro जैसे दिग्गज शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली। मेटल और ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली।

व्यापक बाजार में भी मजबूती रही। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.71 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.27 प्रतिशत चढ़ा। बीएसई पर बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों से अधिक रही, जिससे बाजार की धारणा सकारात्मक दिखी।

हालांकि बाजार में रिकवरी के बावजूद निवेशकों की चिंता बनी रही। भारतीय रुपया कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 95.80 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है, जिससे आयातित महंगाई बढ़ने की आशंका है।

ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा, जबकि सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। विश्लेषकों का कहना है कि ऊर्जा कीमतों में तेजी वैश्विक केंद्रीय बैंकों के लिए महंगाई नियंत्रण को और चुनौतीपूर्ण बना सकती है।

वैश्विक बाजारों में भी सतर्कता का माहौल रहा। अमेरिका में अप्रैल महीने की महंगाई दर बढ़कर 3.8 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो मई 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। बाजार अनुमान से अधिक रही इस महंगाई का मुख्य कारण ऊर्जा कीमतों में उछाल माना जा रहा है।

वॉल स्ट्रीट में टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जबकि निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump तथा चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच संभावित वार्ता पर भी बनी हुई है।

कंपनी स्तर पर MTAR Technologies के शेयर मजबूत तिमाही नतीजों के बाद करीब 8 प्रतिशत चढ़ गए। वहीं Berger Paints India, Hindustan Petroleum Corporation और Texmaco Rail & Engineering के शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई।

दूसरी ओर Tata Power के शेयरों में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, क्योंकि कंपनी का तिमाही मुनाफा और राजस्व कमजोर रहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।