Last Updated on February 27, 2026 5:44 pm by BIZNAMA NEWS

AMN / BIZ DESK
घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को तेज गिरावट के साथ बंद हुए। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भूराजनैतिक तनाव के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा।
30 शेयरों वाला BSE Sensex 961.42 अंक यानी 1.17% टूटकर 81,287.19 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,089 अंक तक लुढ़ककर 81,159.15 के स्तर तक पहुंच गया।
वहीं 50 शेयरों वाला NSE Nifty 317.90 अंक यानी 1.25% गिरकर 25,178.65 पर बंद हुआ। निफ्टी 25,200 के अहम स्तर के नीचे फिसल गया।
पिछले सत्र में जहां बाजार लगभग सपाट बंद हुए थे, वहीं शुक्रवार को बिकवाली ने जोर पकड़ लिया।
वैश्विक संकेत और कच्चे तेल का असर
अमेरिका–ईरान परमाणु वार्ता में प्रगति न होने से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की आशंका है। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.26% बढ़कर 71.64 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए चिंता का विषय है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 1% गिरा, जबकि जापान, शंघाई और हांगकांग के बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। अमेरिकी बाजार भी पिछली रात कमजोर रहे।
संस्थागत निवेशकों का रुख
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 3,465.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,031.57 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया, लेकिन FII की बिकवाली भारी पड़ी।
सेक्टरवार प्रदर्शन
ऑटो सेक्टर – सबसे ज्यादा दबाव
ऑटो शेयरों में हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली।
- Maruti Suzuki
- Mahindra & Mahindra
इन दोनों कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
फार्मा सेक्टर – कमजोरी
- Sun Pharmaceutical Industries (सन फार्मा) प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा।
वित्तीय सेवाएं – दबाव में
- Bajaj Finserv में भी गिरावट देखी गई, जिससे वित्तीय सेक्टर पर दबाव रहा।
एविएशन और टेलीकॉम
- InterGlobe Aviation के शेयरों में गिरावट रही।
- Bharti Airtel भी नुकसान में बंद हुआ।
आईटी सेक्टर – सीमित मजबूती
कमजोर माहौल के बावजूद आईटी सेक्टर में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली।
- HCL Technologies
- Infosys
दोनों शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
रिटेल सेक्टर – चुनिंदा तेजी
- Trent में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
आगे का रुख
विश्लेषकों के अनुसार, अब बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। यदि भूराजनैतिक तनाव बढ़ता है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहती है, तो निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं और सुरक्षित माने जाने वाले सेक्टरों में सीमित निवेश कर रहे हैं।








