Last Updated on June 1, 2026 5:09 pm by BIZNAMA NEWS

BIZ DESK

भारतीय शेयर बाज़ार सोमवार को तेज़ गिरावट के साथ बंद हुए। लगातार चौथे सत्र में निवेशकों ने बिकवाली जारी रखी। मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये की कमजोरी ने बाज़ार धारणा को प्रभावित किया। निफ्टी 23,400 के स्तर से नीचे फिसल गया।

बीएसई सेंसेक्स 508.40 अंक यानी 0.68% गिरकर 74,267.34 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 165.15 अंक यानी 0.70% टूटकर 23,382.60 पर आ गया। पिछले चार सत्रों में सेंसेक्स 2.90% और निफ्टी 2.70% गिर चुके हैं।

ब्रॉडर मार्केट और सेक्टोरल प्रदर्शन
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 1.43% और बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 0.87% गिरा। एनएसई इंडिया VIX, जो निकट भविष्य की अस्थिरता को दर्शाता है, 2.20% बढ़कर 16.54 पर पहुंच गया।

सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी शेयरों ने मजबूती दिखाई। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.66% चढ़ा, जबकि मीडिया (1.37%) और मेटल (0.49%) इंडेक्स भी हरे निशान में रहे। दूसरी ओर, एफएमसीजी (−2.30%), पीएसयू बैंक (−1.85%) और रियल्टी (−1.83%) इंडेक्स ने निफ्टी से कमजोर प्रदर्शन किया।

आर्थिक संकेतक
भारत का विनिर्माण क्षेत्र मई में बेहतर प्रदर्शन करता दिखा। HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI 55.0 पर पहुंचा, जो अप्रैल के 54.7 से अधिक है और तीन महीने का उच्चतम स्तर है। जीएसटी संग्रह मई 2026 में 1.94 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.2% अधिक है।

10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 7.019% पर पहुंच गई। रुपया डॉलर के मुकाबले 94.94 पर कमजोर हुआ। एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स 0.55% गिरकर ₹1,54,725 पर बंद हुए। वहीं ब्रेंट क्रूड अगस्त डिलीवरी के लिए 3.19% उछलकर $94.03 प्रति बैरल पर पहुंच गया।

वैश्विक बाज़ार
अमेरिकी डॉव फ्यूचर्स 198 अंक चढ़े, जिससे वॉल स्ट्रीट में सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिले। यूरोपीय बाज़ार भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे थे। एशियाई बाज़ारों में अधिकांश सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जिसमें दक्षिण कोरिया का बाज़ार नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।

विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और भू-राजनीतिक जोखिम निकट भविष्य में अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं।