Last Updated on June 4, 2026 11:41 pm by BIZNAMA NEWS
हमारे बिजनेस संवाददाता से
साप्ताहिक सेंसेक्स एफएंडओ एक्सपायरी, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले कारोबार के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि दिनभर की अस्थिरता के बावजूद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को सरकारी प्रतिभूतियों में कर राहत दिए जाने की संभावनाओं ने बाजार को सहारा दिया।
निवेशक 5 जून को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति घोषणा से पहले सतर्क रुख अपनाए रहे। बाजार की नजर ब्याज दरों, महंगाई, विकास दर और तरलता प्रबंधन पर केंद्रीय बैंक के संकेतों पर टिकी रही।
दिन के अंत में एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 13.84 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,360.01 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 10.95 अंक यानी 0.05 प्रतिशत बढ़कर 23,416.55 पर पहुंच गया। निफ्टी ने 23,400 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर कारोबार समाप्त किया।
बाजार को सहारा देने में उपभोक्ता और बैंकिंग शेयरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टाइटन कंपनी 3.48 प्रतिशत की तेजी के साथ प्रमुख योगदानकर्ताओं में रही, जबकि इटरनल में 2.98 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक में 0.78 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
हालांकि प्रमुख सूचकांकों की तुलना में व्यापक बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों की खरीदारी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 0.46 प्रतिशत और बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 0.60 प्रतिशत चढ़ा।
बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही। बीएसई पर 2,244 शेयरों में तेजी दर्ज हुई जबकि 1,940 शेयरों में गिरावट रही। 182 शेयर अपरिवर्तित रहे।
इस बीच बाजार की अस्थिरता मापने वाला सूचकांक इंडिया VIX 2.41 प्रतिशत घटकर 15.89 पर आ गया, जो निकट अवधि में निवेशकों के कुछ हद तक सहज होने का संकेत देता है।
विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए कर राहत की तैयारी
बाजार को मजबूती उस समय मिली जब मीडिया रिपोर्टों में संकेत मिले कि सरकार सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई पर पूंजीगत लाभ कर समाप्त करने पर विचार कर रही है।
वर्तमान में विदेशी निवेशकों को एक वर्ष से अधिक अवधि तक रखे गए सूचीबद्ध बॉन्ड पर 12.5 प्रतिशत दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर देना पड़ता है और ब्याज आय पर 20 प्रतिशत तक विदहोल्डिंग टैक्स भी लागू हो सकता है।
यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो इससे भारत के ऋण बाजार में विदेशी निवेश बढ़ सकता है, रुपये को समर्थन मिलेगा और वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भारतीय सरकारी बॉन्ड अधिक आकर्षक बन सकते हैं।
RBI नीति पर टिकी बाजार की नजर
निवेशकों का सतर्क रुख आगामी RBI नीति बैठक को लेकर भी दिखाई दिया।
बाजार इस बात पर विशेष ध्यान देगा कि केंद्रीय बैंक बढ़ती ऊर्जा लागत और संभावित खाद्य महंगाई के बीच मुद्रास्फीति को लेकर क्या दृष्टिकोण अपनाता है।
साथ ही विकास दर, ब्याज दरों और बैंकिंग प्रणाली में नकदी की स्थिति पर भी संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे।
मानसून पहुंचा, लेकिन जोखिम बरकरार
गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंच गया, हालांकि यह सामान्य तिथि से तीन दिन देरी से आया।
भारत की लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए मानसून बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि देश की कुल वर्षा का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा इसी अवधि में प्राप्त होता है।
यह धान, मक्का, कपास, सोयाबीन और गन्ने जैसी प्रमुख फसलों की बुवाई को प्रभावित करता है।
हालांकि मौसम विभाग की उस चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है जिसमें 2026 में एल नीनो प्रभाव के कारण पिछले 11 वर्षों की सबसे कमजोर वर्षा की आशंका जताई गई है। इससे कृषि उत्पादन, खाद्य महंगाई और आर्थिक विकास पर दबाव पड़ सकता है।
विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का पैकेज
सरकार ने विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए तेल विपणन कंपनियों को 10,000 करोड़ रुपये तक की एकमुश्त बजटीय सहायता देने का फैसला किया है।
यह सहायता ब्याज-मुक्त अग्रिम के रूप में दी जाएगी और इसका उद्देश्य एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों को स्थिर रखना है।
पश्चिम एशिया संकट के दौरान ATF कीमतों में तेज वृद्धि के बाद यह कदम उठाया गया है। मार्च 2026 में जहां ATF की कीमत लगभग 60.5 रुपये प्रति लीटर थी, वहीं मई में यह बढ़कर 142 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई।
नई व्यवस्था के तहत घरेलू ATF कीमतों को 36 महीने तक 75.6 रुपये प्रति लीटर पर सीमित रखने का प्रयास किया जाएगा।
अमेरिका के प्रस्तावित शुल्क से व्यापारिक चिंताएं बढ़ीं
वैश्विक व्यापार मोर्चे पर भी निवेशकों की नजर बनी रही।
अमेरिका ने भारत सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। भारत पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने की संभावना जताई गई है।
भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए द्विपक्षीय वार्ता का रास्ता अपनाने की बात कही है।
नजर रखने योग्य संकेतक
भारत के 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड घटकर 7.005 प्रतिशत पर आ गई।
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया हल्की कमजोरी के साथ 95.8350 प्रति डॉलर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स 0.47 प्रतिशत बढ़कर 1,59,270 रुपये पर पहुंच गया।
ब्रेंट क्रूड 1.13 प्रतिशत गिरकर 96.70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
कॉरपोरेट हलचल
कॉरपोरेट मोर्चे पर राजेश एक्सपोर्ट्स नियामकीय कार्रवाई के बाद दबाव में रहा।
हीरो मोटोकॉर्प ने अपने पहले फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल मॉडल पेश किए, जिससे शेयर में तेजी आई।
आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी पूंजी जुटाने की योजना के बाद उछला।
फिजिक्सवाला ने छात्र ऋण मॉडल में बदलाव की घोषणा के बाद तेज बढ़त दर्ज की।
जैन इरिगेशन सिस्टम्स और अग्रवाल इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन भी सकारात्मक खबरों के चलते निवेशकों के केंद्र में रहे।
गुरुवार का कारोबार यह संकेत देता है कि घरेलू बाजार अभी भी मजबूत आंतरिक मांग और नीति समर्थन के सहारे टिके हुए हैं, लेकिन आगे की दिशा अब RBI नीति, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और विदेशी निवेश प्रवाह पर निर्भर करेगी।
हेडलाइन विकल्प:
- वैश्विक दबावों के बीच बाजार स्थिर, RBI संकेतों का इंतजार
- बाजार में सतर्कता बरकरार, निवेशकों की नजर RBI और वैश्विक घटनाक्रम पर

