Last Updated on March 2, 2026 11:06 pm by BIZNAMA NEWS

AMN / NEWS DESK
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने आज भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी। युद्ध की आशंका और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण निवेशकों में भारी घबराहट देखी गई, जिससे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,048.34 अंक (1.29%) गिरकर 80,238.85 पर बंद हुआ। यह सितंबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 312.95 अंक (1.24%) की बड़ी गिरावट के साथ 24,865.70 के स्तर पर सिमट गया। बाजार की शुरुआत ही भारी गिरावट के साथ हुई थी, और एक समय निफ्टी 24,600 के करीब पहुंच गया था। हालांकि, आखिरी घंटों में थोड़ी रिकवरी जरूर हुई, लेकिन धारणा पूरी तरह नकारात्मक बनी रही।
खौफ का सूचकांक (India VIX) 25% उछला
बाजार में डर का माहौल इस कदर था कि ‘इंडिया विक्स’ (India VIX), जो बाजार की अस्थिरता को मापता है, 25.01% बढ़कर 17.13 पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक युद्ध की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, बाजार में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
कच्चे तेल की मार और रुपया हुआ कमजोर
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 6 से 10% की तेजी ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता पैदा कर दी है। इसके कारण भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने जमकर बिकवाली की।
सेक्टरवार हाल: ऑटो की रफ्तार थमी, मेटल में थोड़ी चमक
बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच केवल कुछ ही सेक्टर खुद को बचाने में कामयाब रहे:
- ऑटो सेक्टर (सबसे ज्यादा पिटा): निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.20% गिरकर आज का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन में बाधा की आशंका से ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली हुई।
- मेटल और फार्मा: निफ्टी मेटल 0.24% की बढ़त के साथ बंद हुआ। युद्ध के समय सोने और धातुओं को सुरक्षित निवेश माना जाता है, जिसका फायदा हिंडाल्को जैसे शेयरों को मिला। सन फार्मा की अगुवाई में फार्मा सेक्टर ने भी गिरावट को थामने की कोशिश की।
- बैंकिंग और फाइनेंस: निफ्टी बैंक 1.14% गिरकर 60,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया।
आज के ‘टॉप गेनर्स’ और ‘टॉप लूजर्स’
| दिग्गज लूजर्स (गिरावट) | % गिरावट | दिग्गज गेनर्स (बढ़त) | % बढ़त |
|---|---|---|---|
| इंडिगो (InterGlobe) | -6.09% | भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) | +2.13% |
| लार्सन एंड टुब्रो (L&T) | -5.24% | हिंडाल्को (Hindalco) | +1.70% |
| अदाणी पोर्ट्स | -3.43% | सन फार्मा | +0.93% |
| मारुति सुजुकी | -3.29% | ONGC | +0.63% |
| एशियन पेंट्स | -3.08% | ITC | +0.35% |
विशेषज्ञों की राय: आगे क्या?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, “पश्चिम एशिया में तनाव ने वैश्विक बाजारों को अस्थिर कर दिया है। निवेशक अब जोखिम वाली संपत्तियों (शेयर) से निकलकर सुरक्षित ठिकानों की ओर भाग रहे हैं।”
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी के लिए अब 25,000 का स्तर एक बड़ी बाधा बन गया है। जब तक बाजार इसके ऊपर नहीं टिकता, तब तक कमजोरी बनी रह सकती है। नीचे की ओर 24,700-24,500 पर सपोर्ट देखा जा रहा है।
सावधानी: होली की छुट्टी और डेरिवेटिव एक्सपायरी के चलते आने वाले दिनों में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।








